बच्चे को पिंजड़े में बंद कर भूख से मारना चाहता था बाप, मां भी दे रही थी साथ

पत्‍नी पर शक था, इसलिए अपने चार साल के बेटे को भूखा रखकर की मारने की कोशिश, लेकिन कोर्ट में डीएनए टेस्‍ट से पता चला कि वो जिसे मार रहा था, वो उसकी ही औलाद था

News18Hindi
Updated: February 11, 2019, 12:35 PM IST
बच्चे को पिंजड़े में बंद कर भूख से मारना चाहता था बाप, मां भी दे रही थी साथ
पत्‍नी पर शक था, इसलिए अपने चार साल के बेटे को भूखा रखकर की मारने की कोशिश, लेकिन कोर्ट में डीएनए टेस्‍ट से पता चला कि वो जिसे मार रहा था, वो उसकी ही औलाद था
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Updated: February 11, 2019, 12:35 PM IST
यूक्रेन के नोवौक्रेइंका शहर में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने पुलिस, शहर के लोगों और यहां तक कि पूरी दुनिया का दिल दहला दिया है. एक ऐसा आदमी, जो अपने चार साल के बेटे को लकड़ी के पिंजड़े में बंद करके उसे भूख से मारने की कोशिश कर रहा था. वो खुद अपने बेटे को मार डालना चाहता था क्‍योंकि उसे शक था वह उसकी अपनी औलाद नहीं है. मारने का जो तरीका उसने चुना, वो भी बहुत क्रूर था. उसने बच्‍चे को एक लकड़ी के पिंजड़े में बंद कर दिया और उसे खाना देना बंद कर दिया. बच्‍चा एक-एक दिन, एक-एक सांस तिल-तिलकर मर रहा था.

जब पुलिस ने घर में जबरन घुसकर बच्‍चे को उसके बाप की कैद से छुड़ाया तो बच्‍चा बिलकुल मरणासन्‍न हालत में था. वो हिल-डुल भी नहीं पा रहा था. उसका वजन घटकर महज सात किलो रह गया था और उसके पूरे शरीर की पसलियां निकल आई थीं. वह इतना कमजोर हो गया था कि महज हड्डियों का ढांचा भर रह गया था. शरीर पर जरा भी मांस नहीं था और उसकी एक-एक हड्डी साफ नजर आ रही थी.
पुलिस यह दृश्‍य देखकर दंग रह गई और उसने तुरंत उस शख्‍स को गिरफ्तार कर लिया.

वह परिवार इतने रहस्‍यमय ढंग से और समाज से कटा हुआ रहता था कि काफी दिनों तक बाहर लोगों को पता भी नहीं चला कि घर के अंदर क्‍या हो रहा है. काफी समय तक जब बच्‍चा नजर नहीं आया तो आसपास के लोगों को शक हुआ. उसके बाद एक सोशल वर्कर की शिकायत पर पुलिस ने घर पर छापा मारा. घर अंदर से बंद था, इसलिए पुलिस को दरवाजा तोड़कर अंदर घुसना पड़ा.

अंदर का नजारा दहलाने वाला था. एक चार साल का बच्‍चा, जिसका नाम व्लादिक मोल्चेंको है, वह एक लकड़ी के पिंजड़े में मरणासन्‍न हाल में था. उसका पूरा शरीर उसके मल में सना हुआ था. वह बोल भी नहीं पा रहा था. पुलिस का कहना है कि अगर थोड़ी और देर हो जाती तो बच्‍चे की जान बचाना असंभव हो जाता.

पुलिस ने बच्‍चे के बाप अलेक्‍जेंडर को गिरफ्तार कर लिया. उसे अपने बेटे की जान लेने के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. केस की सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि अलेक्‍जेंडर को अपनी पत्‍नी नतालिया पर शक था. उसे लगता था कि यह बच्‍चा उसका नहीं, बल्कि नतालिया के प्रेमी का है. इसलिए वह उसकी जान लेना चाहता था. हालांकि केस के दौरान जब दोनों का डीएनए टेस्‍ट हुआ तो पता चला कि अलेक्‍जेंडर का शक गलत था. वह उसका ही बच्‍चा था. लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी.

बच्‍चे की मां इस पूरे दौरान यह सब अपनी आंखों के सामने होता देख रही थी और उसने कुछ भी नहीं किया. इसलिए उस पर भी हत्‍या के प्रयास में सहयोग करने का मुकदमा चला.
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पुलिस ने व्लादिक और उसकी तीन बहनों को चाइल्‍ड केयर कस्‍टडी में भेज दिया. अब व्लादिक की तबीयत में काफी सुधार है. उसका वजन भी बढ़ गया है.
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