Coronavirus Update: वायरस में हुआ म्यूटेशन तो नहीं यूरोप में सेकेंड वेव की वजह!

यूरोप में फिर से कोरोना फैलने के पीछे वायरस में आया बदलाव?
यूरोप में फिर से कोरोना फैलने के पीछे वायरस में आया बदलाव?

Coronavirus Update: एक वैज्ञानिकों की टीम का मानना है कि स्पेन, फ्रांस और जर्मनी में सामने आ रहे कोरोना वायरस के नए मामलों के पीछे कोरोना वायरस का म्यूटेशन वजह हो सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 30, 2020, 3:06 PM IST
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मैड्रिड. एक अध्ययन में दावा किया गया है कि स्पेन में शुरू हुआ कोरोना वायरस का म्यूटेशन (उत्परिवर्तन) यूरोप में संक्रमण की भयावह दूसरी लहर के पीछे का कारण हो सकता है. वायरस के प्रसार और उसके विकास को ट्रैक करने वाले वैज्ञानिकों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने कहा, 20A.EU1 नामक संस्करण, गर्मियों के बाद से ब्रिटेन में 90 फीसदी मामलों का कारण है. हर वायरस के म्यूटेशन का अपना जेनेटिक सिगनेचर (आनुवंशिक हस्ताक्षर) होता है, यानी उससे उस स्थान का पता लगाया जा सकता है जहां वे पैदा हुए थे. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गुरूवार को कहा था कि दुनियाभर में पिछले हफ्ते 20 लाख केस दर्ज किए गए हैं.

WHO के मुताबिक महामारी (Coronavirus) फैलने के बाद से इतने कम समय में पहली बार इतने ज्यादा केस सामने आए हैं. WHO ने कहा कि लगातार दूसरे हफ्ते में यूरोप में सबसे ज्यादा 13 लाख केस सामने आए हैं. विशेषज्ञों ने जून में उत्तरी स्पेन में एक खेत में 20A.EU1 को ट्रैक किया और उनका मानना है कि यह वायरस गर्मी की छुट्टियों के बाद लौटने वाले लोगों के साथ महाद्वीप में आ गया, जब लॉकडाउन में ढील दी गई थी. अब यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या संक्रमण की इस दूसरी लहर को - जिससे यूरोपीय देश देशव्यापी लॉकडाउन के लिए मजबूर हो रहे हैं - हवाई अड्डों और सीमाओं पर बेहतर स्क्रीनिंग द्वारा रोका जा सकता था. वैज्ञानिकों का मानना है कि वायरस का यह म्यूटेशन स्पेन में 80 फीसदी, आयरलैंड में 60 फीसदी और स्विट्जरलैंड और फ्रांस में 40 फीसदी तक संक्रमण के पीछे का कारण है.

फ्रांस, स्पेन, जर्मनी में फिर नए केस
फ़्रांस (France) के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने देश में दूसरे राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की है जो कम से कम पूरे नवंबर महीने में लागू रहेगा. बता दें कि वायरस जैसे-जैसे आबादी के जरिए फैलते हैं, उनमें स्वाभाविक रूप से म्यूटेशन होता है. कोविड-19 फैलाने वाले वायरस SARS-CoV-2 के सैकड़ों विभिन्न प्रकार हैं, जो पूरे यूरोप में फैल रहे हैं. हालांकि, इनमें से केवल बहुत कम वेरिएंट इतनी सफलतापूर्वक फैले हैं, जो पहचाने गए इस नए वायरस के रूप में प्रचलित हो गया है.



स्विटजरलैंड और स्पेन में वैज्ञानिक टीमें, जिन्होंने 20A.EU1 के बारे में सबसे पहले आगाह किया है, इस दिशा में तेजी से काम करने की कोशिश कर रही हैं क्या यह वायरस अन्य प्रकारों की तुलना में ज्यादा घातक या अधिक संक्रामक है. वे कहते हैं कि यह संभव है कि नए वायरस के स्पाइक प्रोटीन में एक खास म्यूटेशन होता है, जिससे Sars-CoV-2 मानव कोशिकाओं पर आक्रमण करता है और इसने इस प्रक्रिया को आसान बना दिया हो.
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