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दुनिया के एक तिहाई कोरोना मरीजों में नहीं नज़र आए थे लक्षण, इन्हीं से फैली है महामारी!

News18Hindi
Updated: March 23, 2020, 2:48 PM IST
दुनिया के एक तिहाई कोरोना मरीजों में नहीं नज़र आए थे लक्षण, इन्हीं से फैली है महामारी!
कौन हैं 'सायलेंट कैरियर्स' जिनसे दुनिया भर में फैला कोरोना वायरस!

कोरोना वायरस संक्रमण के संदर्भ में अब ऐसी मरीजों की पुष्टि हुई है जो कि 'सायलेंट कैरियर' हैं, ऐसा दावा किया जा रहा है कि दुनिया भर में कोरोना इन्हीं की वजह से पहुंचा.

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  • Last Updated: March 23, 2020, 2:48 PM IST
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बीजिंग. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने बीते शनिवार को चीन पर आरोप लगाया था कि उसने कोरोना वायरस (Coronavirus) से संबंधित डेटा को छुपाया हुआ है और उसे इसे दुनिया के साथ शेयर करना चाहिए. कोरोना वायरस संक्रमण के संदर्भ में अब ऐसी मरीजों की पुष्टि हुई है जो कि 'सायलेंट कैरियर' हैं, ऐसा दावा किया जा रहा है कि दुनिया भर में कोरोना इन्हीं की वजह से पहुंचा.

कौन हैं सायलेंट कैरियर
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट को चीनी सरकार के कोरोना से संबंधित कुछ ख़ुफ़िया दस्तावेज मिले हैं जिनमें इन सायलेंट कैरियर्स का जिक्र किया गया है. ये वो लोग हैं जिन्हें कोरोना संक्रमण तो हुआ है लेकिन उनमें या तो लक्षण नज़र नहीं आ रहे हैं या फिर काफी दिनों बाद नज़र आ रहे हैं जिससे ये अपने आस-पास कोरोना संक्रमण फैलाने में सबसे ज्यादा मददगार साबित हो रहे हैं. इन दस्तावेजों के मुताबिक चीन और दुनिया में अब तक सामने आए कुल कोरोना पीड़ितों की संख्या में से ये एक तिहाई हैं.

चीन में बड़ी संख्या में मिले ऐसे मामले



इस दस्तावेज के मुताबिक चीन में फरवरी के आखिर तक 43000 से ज्यादा ऐसे मामले दर्ज किए गए थे जिनमें कोरोना संक्रमितों में कोई शुरूआती लक्षण नज़र नहीं आया था. इन्हें क्वारंटीन में रखा गया और कुछ का इलाज भी किया गया, हालांकि चीन ने इन्हें संक्रमितों की श्रेणी में शामिल नहीं किया. दरअसल चीन के वैज्ञानिकों में इस बात को लेकर मतभेद थे कि वो लोग जिनमें लक्षण नज़र नहीं आ रहे हैं वे सच में कोरोना फैला भी रहे हैं या नहीं. सामान्य लोगों में कोरोना संक्रमण के लक्षण 5 दिनों में नज़र आ रहे थे लेकिन इनमें ये तीन हफ़्तों के बाद नज़र आए, वो भी बेहद कम.

WHO क्या कहता है?
बता दें कि WHO (वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन) ने इस बारे में साफ़ गाइडलाइंस जारी की हैं, जिसके मुताबिक लक्षण नहीं भी नज़र आने की स्थिति में उन्हें कोरोना संक्रमितों की श्रेणी में ही रखा जाएगा. हालांकि चीनी सरकार ने इसे न मानते हुए 7 फरवरी को क्लासिफिकेशन गाइडलाइंस को बदल दिया और सिर्फ लक्षण नज़र आने वाले लोगों को ही कोरोना संक्रमित माना. हालांकि चीन ने कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आने वाले हर व्यक्ति का टेस्ट अनिवार्य किया जिससे उसे इस बीमारी पर काबू पाने में काफी मदद मिली.

बता दें कि WHO ने भी बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमण के मामले होने की बात स्वीकार की है. हालांकि WHO के मुताबिक ऐसे मामले 1 से 3% ही हैं. जापानी वैज्ञानिकों के एक ग्रुप जिसका नेतृत्व होकाइडो यूनिवर्सिटी के एपिडेमोलॉजी डिपार्टमेंट के हेड हिरोशी निशिउरा कर रहे थे, ने भी दावा किया है कि चीन ने जितने कोरोना संक्रमण के केस और मौतों का दावा किया है वो सच नहीं लगता, उनके खुद के डेटा को सावधानी से चेक करने पर कई खामियां नज़र आती हैं.

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First published: March 23, 2020, 1:42 PM IST
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