UNGA के 76वें सत्र की अध्‍यक्षता करेंगे मालदीव के अब्दुल्ला शाहिद, भारत ने किया समर्थन

मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद को सोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र का अध्यक्ष चुना गया

मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद को सोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र का अध्यक्ष चुना गया

मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद को सोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र का अध्यक्ष चुना गया और उन्हें 143 मत मिले जबकि 191 सदस्यों ने मतदान में भाग लिया. शाहिद तुर्की के राजनयिक वोल्कान बोज़किर का स्थान लेंगे जो संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र के अध्यक्ष थे. 

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संयुक्त राष्ट्र. मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद को सोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) के 76वें सत्र का अध्यक्ष चुना गया और उन्हें 143 मत मिले जबकि 191 सदस्यों ने मतदान में भाग लिया. शाहिद तुर्की के राजनयिक वोल्कान बोज़किर का स्थान लेंगे जो संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र के अध्यक्ष थे. शाहिद सितंबर में शुरू होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र की अध्यक्षता करेंगे. 193 सदस्यीय महासभा ने अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए सोमवार को मतदान किया. चुनाव में शाहिद के साथ ही अफगानिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री डॉ जलमई रसूल भी उम्मीदवार थे और उन्हें 48 मत मिले.

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने ट्वीट कर शाहिद को उनकी जीत पर बधाई दी. भारत ने नवंबर 2020 में विदेश सचिव की मालदीव यात्रा के दौरान उन्हें समर्थन देने की घोषणा की थी. महासभा के अध्यक्ष पद के लिए हर साल गुप्त मतदान के जरिए चुनाव किया जाता है और जीत के लिए साधारण बहुमत की आवश्यकता होती है. मालदीव ने दिसंबर 2018 में शाहिद को प्रत्याशी बनाने की घोषणा की थी.

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दो कारणों से मिली जबरदस्‍त जीत
शाहिद को मिली ऐतिहासिक जीत के पीछे दो अहम कारण हैं. पहला है कि शाहिद एक सफल राजनयिक हैं और उन्‍हें बहुदेशीय फोरम्स में काम करने का पुराना अनुभव है. इस वोटिंग में सभी देशों ने हिस्‍सा लिया. शाहिद के पक्ष में 148 वोट जबकि विरोध में मात्र 48 वोट मान्‍य हुए. कोई भी वोट अवैध नहीं हुआ. दूसरा बड़ा कारण है कि अफगानिस्‍तान के विदेश मंत्री जालमेई रसूल ने अपनी दावेदारी बहुत देर से की. जनवरी 2021 तक ऐसा लग रहा था कि शाहिद निर्विरोध चुन लिए जाएंगे, क्‍योंकि उनके सामने कोई प्रत्‍याशी नहीं था.


भारत ने दी बधाई और शुभकामनाएं



भारत ने शाहिद की जीत और जिम्‍मेदारी पर अपनी ओर से बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित कर दी हैं. भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने इस संबंध में सोशल मीडिया के जरिए अपनी भावनाएं व्‍यक्‍त की हैं. मालदीव ने जब शाहिद को इस पद का उम्‍मीदवार घोषित किया था, तब भारत ने इस कदम का समर्थन किया था.

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