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UN ने भी माना ईरान ने फिर न्यूक्लियर प्लांट का निर्माण शुरू किया, सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा

UN ने भी माना ईरान ने फिर न्यूक्लियर प्लांट का निर्माण शुरू किया, सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा

ईरान ने फिर न्यूक्लियर संयंत्र का निर्माण शुरू किया

ईरान ने फिर न्यूक्लियर संयंत्र का निर्माण शुरू किया

सैन फ्रांसिस्को स्थित ‘प्लेनेट लैब्स’ से प्राप्त तस्वीरों में दिख रहा है कि ईरान ने नतांज़ के दक्षिण में परमाणु संवर्धन प्लांट पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है. अंतरराष्‍ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने भी माना है कि उन्हें ऐसी जानकारी मिली है लेकिन ईरान दो संदिग्ध जगहों पर परमाणु निरीक्षकों को भेजे जाने पर सहमति दे चुका है.

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    तेहरान/ संयुक्त राष्ट्र. संयुक्त राष्ट्र (UN) की परमाणु एजेंसी ने स्वीकार किया है कि तेहरान के चर्चित भूमिगत नतांज परमाणु संवर्धन प्लांट पर निर्माण कार्य शुरू हो गया है. बुधवार को जारी उपग्रह चित्रों के बाद परमाणु एजेंसी ने इस बात की पुष्टि की है. इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र की संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के निरीक्षकों ने इस बात की पुष्टि की है कि ईरान ने एक भूमिगत उन्नत सेंट्रीफ्यूग असेंबली केन्द्र का निर्माण करना शुरू कर दिया है.

    बीते सोमवार को एक उपग्रह चित्र से यह पता चलता है कि साइट पर निर्माण के साथ कई तरह के उपकरण दिखाई पड़ रहे हैं. विश्लेषकों का मानना ​​है कि अगस्‍त के बाद से ईरान ने नतांज के दक्षिण में एक नई सड़का का निर्माण किया है, जो संवर्धन सुविधा के क्षेत्र में है. खास बात यह है कि ईरान ने अपने इस अभियान को तब अंजाम दिया है, जब अमेरिका में राष्‍ट्रपति चुनाव प्रचार चरम पर है. अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप चुनाव प्रचार में व्‍यस्‍त हैं. ईरान द्वारा इससे पहले बनाए गए संयंत्र में विस्फोट हो गया था जिसे उसने संयंत्र को बर्बाद करने के लिए किया गया हमला करार दिया था.

    सैटेलाईट तस्वीरों में दिख रहा निर्माण कार्य
    सैन फ्रांसिस्को स्थित ‘प्लेनेट लैब्स’ से प्राप्त तस्वीरों में दिख रहा है कि ईरान ने नतांज़ के दक्षिण में नई सड़क का निर्माण किया है जिसे विश्लेषक सुरक्षा बलों के प्रयोग के लिए पूर्व में बनाई गई फायरिंग रेंज मान रहे हैं. सैटेलाइट तस्वीरों में दिख रहा है कि उस स्थल से कुछ हटाया गया है जो निर्माण के उपकरण जैसा लगता है. मिडलबरी अंतरराष्ट्रीय अध्ययन संस्थान में जेम्स मार्टिन परमाणु अप्रसार अध्ययन केंद्र के विश्लेषकों का मानना है कि स्थल पर खुदाई का काम चल रहा है.

    संस्थान के एक विश्लेषक जैफ्री लेविस ने कहा, 'वह सड़क पर्वतों में भी जाती दिख रही है इसलिए ऐसा हो सकता है कि वे सुरंग बनाने के लिए खुदाई कर रहे हों.' उन्होंने कहा, 'ऐसा भी हो सकता है कि वे वहां कुछ दफना रहे हों.' संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधि की ओर से इस पर कोई त्वरित प्रतिक्रिया नहीं आई है. आईएईए के महानिदेशक राफेल ग्रोसी ने मंगलवार को एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि उनके निरीक्षकों को निर्माण कार्य की जानकारी है. उन्होंने कहा कि ईरान ने पहले ही आईएईए के निरीक्षकों को इसकी जानकारी दी थी.
    IAEA निरीक्षकों को थी जानकारी
    उधर, अंतरराष्‍ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने मंगलवार को द एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि उनके निरीक्षकों को इस निर्माण के बारे में पता था. उन्होंने कहा कि ईरान ने पहले IAEA निरीक्षकों को सूचित किया था. हालांकि, बुधवार को ईरान दो संदिग्ध जगहों पर परमाणु निरीक्षकों को भेजे जाने पर सहमति जता चुका है. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने कहा कि ईरान स्वेच्छा से आइएइए की ओर से दिए गए दो जगहों की अनुमित दे रहा है और मुद्दों को सुलझाने के लिए आइएइए सत्यापन गतिविधियों की सुविधा प्रदान कर रहा है.

    ईरान की परमाणु एजेंसी के प्रमुख अली अकबर सालेही ने पुष्टि की कि ईरान ने निरीक्षणों के लिए सहमति व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि इससे मामला समाप्त हो जाएगा. उन्होंने कहा कि हम संधियों और हमारी प्रतिबद्धताओं के प्रति ईमानदार हैं. दरअसल, अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी 2015 में हुए परमाणु समझौते के तहत ईरान के परमाणु परीक्षण की निगरानी करता है. इस समझौते के तहत इस्लामिक गणतंत्र के साथ पांच और स्थाई सदस्य हैं. ये पांच सदस्य अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, फ्रांस और रूस हैं.




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    Tags: 2020 United States election, Donald Trump, Iran, Iran oil Imports

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