अफगान महिला पुलिस अधिकारी को तालिबान की अमानवीय सजा, आंखें फोड़कर मारी गोली

फाइल फोटो. पीड़ित महिला ने हमले के लिए अपने पिता और तालिबान को जिम्मेदार ठहराया
फाइल फोटो. पीड़ित महिला ने हमले के लिए अपने पिता और तालिबान को जिम्मेदार ठहराया

अफगानिस्तान (Afghanistan) में महिला पुलिस अधिकारी (Woman Police Officer) पर सिर्फ इसलिए हमला हो गया कि उसके पिता को अपनी बेटी का नौकरी करना पसंद नहीं था. पीड़ित महिला ने हमले के लिए तालिबान को जिम्मेदार ठहराया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 11, 2020, 4:47 PM IST
  • Share this:
काबुल. आखिरी घटना जो 33 वर्षीय खटेरा को याद है कि तीन मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने चाकू से उनकी आंखों पर हमला किया और गोली मारकर फरार हो गए. यह घटना तब हुई जब खटेरा पुलिस स्टेशन में अपना काम समाप्त कर निकली ही थी. आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया. मामला अफगानिस्तान (Afghanistan) के केंद्रीय प्रांत गज़नी का है.

अस्पताल में जब खटेरा की नींद खुली तो उन्हें कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था. उन्होंने डॉक्टरों से पूछा तो कहा गया कि उनकी आंखों पर पट्टी बंधी है. लेकिन, उन्हें समझ आ गया था कि उनकी आंखें अब नहीं रहीं.

खटेरा और स्थानीय प्रशासन ने इस हमले के लिए तालिबान (Taliban) को जिम्मेदार ठहराया है. खटेरा ने कहा कि इस हमले से ना केवल उनकी आंखें चली गईं बल्कि उनके सपने का अंत भी हो गया. तीन महीने पहले ही खटेरा ने गज़नी पुलिस में ऑफिसर के तौर पर नौकरी शुरू की थी.



उन्होंने कहा, 'अगर मैं पुलिस की नौकरी एक साल भी कर पाती और इसके बाद ये सब होता तो मुझे कम दुख होता. ये बहुत जल्दी हो गया. मैं केवल काम करना चाहती थी और अपने सपने को जीने के लिए मुझे केवल तीन महीने मिले.'
बता दें कि तालिबान इस समय कतर की राजधानी दोहा (Doha) में अफगान सरकार (Afghan Government) के साथ शांति समझौते को लेकर डील कर रहा है. बहुत लोगों का मानना है कि इस समझौते से उनकी सत्ता में वापसी हो सकती है. लेकिन समझौता प्रक्रिया धीमी है, जिसकी वजह से अधिकारियों और महिलाओं पर हमले बढ़ते जा रहे हैं.

हाल के महीनों में तालिबान ने कहा था कि वह शरिया कानून के तहत महिलाओं का सम्मान करेगा, लेकिन बहुत सारी शिक्षित महिलाओं ने उनके दृष्टिकोण के प्रति शक जताया है. तालिबान ने अफगान सरकार के फैसले का विरोध किया था, जिसमें पहचान पत्र पर मां का नाम लिखने का प्रस्ताव लाया गया था. शांति समझौते पर बातचीत शुरू होने के बाद महिला अधिकारों को लेकर तालिबान का ये पहला ठोस नजरिया सामने आया था.

हालांकि खटेरा पर हमले में संलिप्त होने के आरोपों को तालिबान के प्रवक्ता ने खारिज किया है. तालिबान की ओर कहा गया कि उन्हें इस मामले की जानकारी थी, लेकिन वे हमले में शामिल नहीं है. हमलावरों ने खटेरा के पिता के कहने पर हमला किया, जोकि खटेरा के नौकरी के फैसले के खिलाफ थे.

खबरों के मुताबिक खटेरा और उनका परिवार, अपने पांच बच्चों के साथ काबुल में छुपे हैं, जहां खटेरा हमले से उबर रही हैं तो उन्हें अपना करियर खत्म हो जाने का गम सता रहा है.

खटेरा को सोने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, मोटरबाइक की आवाजें सुनकर सहम जाती हैं. लेकिन, उन्हें उम्मीद है कि शायद विदेश का कोई डॉक्टर उनकी आंखों को ठीक कर सकता है. उन्होंने कहा, 'अगर ये संभव होता है और मुझे मेरी आंखें मिल जाती हैं, तो मैं फिर से अपनी पुलिस की नौकरी शुरू करूंगी.'
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज