काबुल: अफगान सैनिकों ने मार गिराया इस्लामिक स्टेट का शीर्ष आतंकी

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संयुक्त राष्ट्र ने गत सप्ताह अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि अफगानिस्तान (Afghanistan) में साल के पहले छह महीने में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले हिंसा में नागरिकों के मारे जाने तथा घायल होने की संख्या में 13 प्रतिशत की गिरावट आई है.

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    काबुल. अफगानिस्तान की खुफिया सेवा ने कहा कि उसने पूर्वी अफगानिस्तान (Afghanistan) में एक अभियान में शामिल इस्लामिक स्टेट से जुड़े एक शीर्ष आतंकवादी को मार गिराया है. राष्ट्रीय सुरक्षा निदेशालय ने शनिवार देर रात एक बयान जारी कर कहा कि असदुल्लाह ओरकजई इस्लामिक स्टेट का खुफिया नेता था और विशेष बलों ने जलालाबाद के पास उसे मार गिराया. ओरकजई के अफगानिस्तान में सेना और नागरिकों को निशाना बनाकर किए कई घातक हमलों (Attacks) में शामिल होने का संदेह है.

    संयुक्त राष्ट्र ने गत सप्ताह अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि अफगानिस्तान में साल के पहले छह महीने में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले हिंसा में नागरिकों के मारे जाने तथा घायल होने की संख्या में 13 प्रतिशत की गिरावट आई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र ने 2020 के पहले छह महीनों के दौरान आईएस के 17 हमले दर्ज किए जबकि पिछले साल इस अवधि के दौरान 97 हमले हुए थे. अफगानिस्तान में 2020 के पहले छह महीनों में हिंसा में 1,282 लोगों की मौत हुई और 2,176 लोग घायल हुए.

    अफगानिस्तान में पाकिस्तान के 6,000 आतंकी
    बता दें, हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान के करीब 6,000-6,500 आतंकवादी पड़ोसी अफगानिस्तान में सक्रिय हैं जिनमें से अधिकतर का संबंध 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान' से है और वे दोनों देश के लिए खतरा हैं. 'आईएसआईएस (ISIS), अल-कायदा (Al-Qaida) और संबंद्ध व्यक्तियों एवं संस्थाओं से संबंधित विश्लेषणात्मक सहायता एवं प्रतिबंध निगरानी टीम' की 26वीं रिपोर्ट में कहा गया कि 'भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा' (एक्यूआईएस) तालिबान के तहत अफगानिस्तान के निमरूज, हेलमंद और कंधार प्रांतों से काम करता है. इसमें कहा गया, 'खबरों के मुताबिक संगठन में बांग्लादेश, भारत, म्यामां और पाकिस्तान से 150 से 200 के बीच सदस्य हैं. एक्यूआईएस का मौजूदा सरगना ओसामा महमूद है...जिसने मारे गए आसिम उमर की जगह ली है.'

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    दोनों देशों के लिए खतरा
    रिपोर्ट के अनुसार, 'खबरें हैं कि एक्यूआईएस अपने पूर्व सरगना की मौत का बदला लेने के लिए क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई की साजिश रच रहा है.' रिपोर्ट में कहा गया कि 'अफगानिस्तान में मौजूद सबसे बड़े आतंकवादी संगठन', तहरीक-ए-तालिबान पाकेस्तान (टीटीपी) ने पाकिस्तान में कई हाई प्रोफाइल हमलों की जिम्मेदारी ली है और जमात-उल-अहरार और लश्कर-ए-इस्लाम द्वारा किए गए अन्य हमलों में मदद की है. इसमें कहा गया कि टीटीपी के कई पूर्व आतंकवादी इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड द लैवेंट खुरासान (आईएसआईएल-के) में शामिल हो गए हैं और सदस्य राष्ट्रों को आशंका है कि संगठन और इसके विभिन्न छोटे-मोटे समूह आईएसआईएल-के के साथ खुद को संबद्ध कर लेंगे. रिपोर्ट में कहा गया, 'अफगानिस्तान में कुल पाकिस्तानी विदेशी आतंकवादी लड़ाकों की संख्या करीब 6,000 से 6,500 के बीच है, जिनमें से ज्यादातर का संबंध टीटीपी के साथ है और यह दोनों देशों के लिए खतरा पैदा करता है.'

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