अफगानिस्तान: मजदूर की बेटी ने किया यूनिवर्सिटी टॉप, तालिबानियों ने कहा- लड़कियां पढ़ें

अफगानिस्तान में लड़की ने टॉप किया
अफगानिस्तान में लड़की ने टॉप किया

अफगानिस्तान के कोयला खदान (Coal miner) में काम करने वाले मजदूर की बेटी देश की विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा में प्रथम आई है. 18 वर्ष की शमसिया अलीजादा (Shamsiya Alizada) ने पहला स्थान प्राप्त किया है.

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  • Last Updated: September 26, 2020, 1:58 PM IST
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काबुल. अफगानिस्तान के कोयला खदान (Coal miner) में काम करने वाले मजदूर की बेटी देश की विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा में प्रथम आई है. 18 वर्ष की शमसिया अलीजादा (Shamsiya Alizada) ने 1 लाख 70 हजार छात्रों को पीछे छोड़कर पहला स्थान प्राप्त किया है. पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई (Hamid Karjai) और विदेशी दूतों जिनमें अमेरिकी प्रतिनिधि भी शामिल हैं, ने शमसिया अलीजादा को बधाई दी है. जश्न का यह मौका अफगानिस्तान में उस संवेदनशील समय आया है जब सरकार तालिबान के साथ शांति वार्ता कर रही है. वहीं तालिबान जिसने 1997 और 2001 के बीच लड़कियों के स्कूल जाने पर रोक लगा रखी थी.

मेरे सपने, मेरे डर से बड़े हैं: शमसिया

निर्भीक शमसिया अलीजादा ने देश में तालिबान की वापसी पर अपना डर दिखाते हुए कहा कि वे अब अपनी पढ़ाई के रास्ते में राजनीति को नहीं आने देंगी. मुझे तालिबान की वापसी को लेकर डर है लेकिन मैं अपनी आशा नहीं खोना चाहती, क्योंकि मेरे सपने मेरे डर से बड़े हैं. शमसिया ने बताया कि उसके पिता अफ़ग़ानिस्तान के उत्तर में एक कोयला खदान में काम करते हैं लेकिन उसकी पढ़ाई को ध्यान में रखकर उन्होंने पूरे परिवार को काबुल भेज दिया जिससे शमसिया की पढ़ाई में कोई बाधा न आये. मेरे परिवार के प्रति मेरी जिम्मेदारी की भावना ने ही मुझे यहाँ पहुँचने में मदद की है. मेडिकल की पढ़ाई करना और अपने लोगों की सेवा करना ही मेरा एकमात्र सपना है.



तालिबानियों ने कहा वे चाहते हैं कि लड़कियां शिक्षित हों
तालिबानियों ने भी कहा है कि वे बदल चुके हैं और लड़कियों को शिक्षित होने के समर्थन में हैं. अफगानिस्तान में अभी भी बहुत से लोग इस बात से डरे हुए हैं कि अगर तालिबानियों का शासन दुबारा आ गया तो शायद महिलों की स्थिति फिर से खराब हो सकती है.

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संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों के अनुसार अफगानिस्तान में 2.2 मिलियन लड़कियां अभी भी स्कूल नहीं जाती हैं और 30% से कम महिलाएं साक्षर हैं. अफगानिस्तान में अमरीकी राजनयिक रॉस विल्सन ने ट्विटर पर लिखा है कि आपकी प्रतिभा और धैर्य पर किसी तरह का प्रश्न नहीं खड़ा किया जा सकता और आपकी उपलब्धि से पता चलता है कि अफगानिस्तान ने दो दशकों में कितनी प्रगति की है.
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