Home /News /world /

अफगानिस्तान: नवंबर तक आधी आबादी होगी भुखमरी का शिकार, तालिबान शासित मुल्क में क्यों हुए ये हालात?

अफगानिस्तान: नवंबर तक आधी आबादी होगी भुखमरी का शिकार, तालिबान शासित मुल्क में क्यों हुए ये हालात?

स्थानीय मुद्रा के गिरने और पाकिस्तान से आयात कम होने के चलते अफगानिस्तान में खाद्य कीमतों में इजाफा हो रहा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: AP)

स्थानीय मुद्रा के गिरने और पाकिस्तान से आयात कम होने के चलते अफगानिस्तान में खाद्य कीमतों में इजाफा हो रहा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: AP)

Afghanistan Food Insecurity: सेंटर फॉर स्ट्रैटीजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) ने पाया है कि अफगानिस्तान में सूखे, बाढ़, आर्थिक और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के चलते खाद्य संकट 2014 के बाद काफी बढ़ा है.

    काबुल. संयुक्त राष्ट्र (UN) के वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP) ने चेताया है कि नवंबर से अफगानिस्तान की आधी आबादी या 2.28 करोड़ लोग खाद्य असुरक्षा (Food Insecurity) का सामना करेंगे. WFP की इस चेतावनी के कोविड-19 (Covid-19), सूखा और संघर्ष जैसे कई कारण शामिल हैं, जिन्होंने बड़े स्तर पर देश में खाद्य व्यवस्था को प्रभावित किया है. खास बात यह भी है कि चिंताजनक आंकड़े तालिबान (Taliban) के शासन हासिल करने के दो महीने बाद ही सामने आए हैं. अमेरिकी सेना ने दो दशकों तक यहां रहने के बाद अगस्त में वतन वापसी की थी.

    हाल ही में जारी हुए ग्लोबल वर्ल्ड हंगर में भी अफगानिस्तान 103 नंबर पर था. इस सूची में 116 देश शामिल थे और इंडेक्स ने अफगानिस्तान के में भूखमरी के स्तर को ‘गंभीर’ बताया था. हालांकि, अफगान के लिए यह संकट पहली बार या नया नहीं है. 2010 में आई यूएन की रिपोर्ट का कहना था कि सशस्त्र संघर्ष के बजाए गरीबी ज्यादा अफगानों को मारती है. इसका कारण देश में बड़े स्तर पर मानवाधिकार की कमी को बताया गया था.

    क्यों दस्तक दे रहा है यह संकट
    सेंटर फॉर स्ट्रैटीजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज ने पाया है कि अफगानिस्तान में सूखे, बाढ़, आर्थिक और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के चलते खाद्य संकट 2014 के बाद काफी बढ़ा है. अक्टूबर में Nikkei Asia ने बताया कि स्थानीय मुद्रा के गिरने और पाकिस्तान से आयात कम होने के चलते अफगानिस्तान में खाद्य कीमतों में इजाफा हो रहा है. अफगानिस्तान पाकिस्तान से सबसे ज्यादा खाद्य सामग्री आयात करता है.

    रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान जॉइंट चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PAJCCI) के उपाध्यक्ष जिया उल हक सरहदी के मुताबिक, तालिबान ने बैंक से राशी निकालने की साप्ताहिक सीमा 200 डॉलर (भारतीय मुद्रा में करीब 17000 रुपये) कर दी है, जिसके चलते पाकिस्तान से आने वाले खाद्य सामग्री की खेप कम हो गई है.

    अफगानिस्तान में क्या हैं कीमतें
    इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सेव द चिल्ड्रन की तरफ से अगस्त 2021 में एकत्र किए गए आंकड़े बताते हैं कि काबुल में आटे (50 किलो) की कीमत करीब 6 प्रतिशत बढ़ गई है. तेल (5 लीटर) की कीमतों में करीब 5.8 और गैस में 18.1 फीसदी इजाफा हुआ है. कुंडूज जैसे अन्य इलाकों में आटा (50 किलो) 40.6 प्रतिशत और तेल (5 लीटर) 20 फीसदी बढ़ गया है. जबकि, गैस के मामले में यह आंकड़ा 63.4 प्रतिशत है. यह तुलना जुलाई की कीमतों से की गई है.

    कमजोर समुदायों में खाद्य संकट और बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए अफगान में दस्तरखान ए मेली की शुरुआत की गई थी. मई तक 7 लाख 50 हजार अफगान परिवारों को राहत पैकेज मुहैया कराए गए थे.

    Tags: Afghanistan, Food Insecurity, Taliban, UN

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर