अपना शहर चुनें

States

अफगानिस्तान के सुप्रीम कोर्ट की दो महिला जजों की गोली मारकर हत्या, अन्य 3 महिलाएं हुईं जख्मीं

अफगानिस्तान के सुप्रीम कोर्ट की दो महिला जजों की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई. (प्रतीकात्मक फोटो:AP)
अफगानिस्तान के सुप्रीम कोर्ट की दो महिला जजों की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई. (प्रतीकात्मक फोटो:AP)

Afghanistan Supreme Court's Two Women Judge Shot Dead: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की दो महिला न्यायाधीशों (Afghan women judges) की गोली मारकर हत्या (Shot Dead) कर दी गई है. यह घटना रविवार की सुबह घटी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 17, 2021, 1:53 PM IST
  • Share this:
काबुल. अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की दो महिला न्यायाधीशों (Afghan women judges) की गोली मारकर हत्या (Shot Dead) कर दी गई है. यह घटना रविवार की सुबह घटी है. इस घटना से पूरा देश थर्रा उठा है. यह घटना काबुल के पीडी10 जिले में हुई है. इस मामले की जानकारी देते हुए टोलो न्यूज ने कहा कि काबुल के पीडी10 जिले में हुए हमले में दो महिलाओं की मौत हो गई है और तीन महिलाएं घायल हो गई हैं. प्रत्यदर्शियों का कहना है कि पीड़ित महिलाएं सरकारी कर्मचारी थीं. काबुल पुलिस ने इस हमले की पुष्टि कर दी है.

महत्वूर्ण पदों पर बैठे लोगों की हो रही हैं हत्याएं

हाल के महीनों में अफगानिस्तान की सरकार तालिबानियों के बीच शांति समझौते के जारी रहने के बावजूद देश में हिंसा की घटनाओं में बहुत ज्यादा इजाफा हुआ है. देश की राजधानी ​काबुल में विशेष तौर पर हमलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इन हमलों का मुख्य लक्ष्य महत्वपूर्ण पदों पर बैठे लोगों को मौत के घाट उतारना है ताकि देश में दहशत का माहौल पैदा किया जाए सके. यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब कुछ दिन पहले ही अमेरिका ने यहां अपने सैनिकों की संख्या को घटाकर 2500 करने की घोषणा की है. ये बात बीते साल फरवरी में साइन हुए अमेरिकी-तालिबान समझौते में कही गई है.



ये भी पढ़ें: तमिलनाडु की पवित्र कोलम रंगोली से होगी बाइडन-हैरिस के शपथग्रहण समारोह की शुरुआत
बिल गेट्स बने अमेरिका के ‘सबसे बड़े किसान’,  खरीदी 2.42 करोड़ एकड़ खेती की जमीन 

सुप्रीम कोर्ट के प्रवक्ता अहमद फहीम क्वीम ने कहा कि इस हमले को तब अंजाम दिया गया जब दोनों जज महिलाएं कोर्ट की गाड़ी से अपने दफ्तर की ओर जा रही थीं. उन्होंने एफपी को बताया कि दुर्भाग्यवश हम दोनों महिलाओं की जिंदगी नहीं बचा पाए. अहमद फहीम ने यह जानकारी दी कि 200 से ज्यादा महिला जज देश के अलग-अलग न्यायालयों में काम करती हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज