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Afghanistan-Taliban News Live Updates: काबुल में घुसे इस्लामिक स्टेट, जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी: सूत्र

Afghanistan-Taliban News Live Updates: आखिरी बार तालिबान ने पूरे देश पर 1996 से 2001 के बीच शासन किया था. उस दौरान सऊदी अरब, पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात ने ही इस शासन को मान्यता दी थी.

  • News18Hindi
  • | August 17, 2021, 17:19 IST
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    LAST UPDATED 3 MONTHS AGO

    AUTO-REFRESH

    हाइलाइट्स

    17:51 (IST)
     अफगानिस्तान के काबुल में भारतीय दूतावास बंद नहीं है, स्थानीय कर्मचारी कांसुलर सेवाएं दे रहे हैं. भारत लौटने के लिए 1,650 से अधिक लोगों ने आवेदन किया है: सरकारी सूत्र

    17:18 (IST)
     एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि अफगानिस्तान में कब्जा करने के बाद इस्लामिक स्टेट (IS), जैश ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकी कथित तौर पर पिछले कुछ दिनों में काबुल में प्रवेश कर गए हैं.

    16:14 (IST)
     हम अपने नियमों को सक्रिय रूप से लागू करना और ट्विटर के नियमों का उल्लंघन करने वाली सामग्री की समीक्षा करना जारी रखेंगे, जिसमें विशेष रूप से हिंसा, प्लेटफॉर्म मेनिपुलेशन और स्पैम के महिमामंडन के खिलाफ नीतियां शामिल हैं: ट्विटर प्रवक्ता

    16:13 (IST)
     अफगानिस्तान में स्थिति तेजी से विकसित हो रही है. हम देश में लोगों को मदद और सहायता लेने के लिए ट्विटर का उपयोग करते हुए भी देख रहे हैं. लोगों को सुरक्षित रखना ट्विटर की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और हम सतर्क हैं: ट्विटर प्रवक्ता

    16:12 (IST)
     नॉन रेसिडेंट केरलाइट्स अफेयर्स ने अफगानिस्तान में फंसे 41 मलयाली लोगों को निकालने के लिए विदेश मंत्रालय को पत्र लिखा है.

    काबुल. काबुल एयरपोर्ट और पंजशीर को छोड़ पूरा अफगानिस्तान अब तालिबान के कब्जे में है. इस बीच तालिबान की संस्कृति परिषद का प्रमुख जबीउल्लाह मुजाहिद आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा. जबीउल्लाह प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताएगा कि तालिबान का शासन कैसा होगा.

    इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अफगानिस्तान से अपनी सेना वापस बुलाने को लेकर चुप्पी तोड़ी है. बीते सोमवार को दिए एक संबोधन में उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना को वापस बुलाने का सही समय कभी भी नहीं था. साथ ही उन्होंने कहा है कि वे अपने फैसले के साथ पूरी तरह से खड़े हैं. राजधानी पर काबुल का कब्जा होने के बाद से ही हजारों अफगानों की भीड़ एयरपोर्ट पर जुट गई थी, जिसके बाद अमेरिकी सैनिकों को भीड़ को काबू करने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी थी.

    आखिरी बार तालिबान ने पूरे देश पर 1996 से 2001 के बीच शासन किया था. उस दौरान सऊदी अरब, पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात ने ही इस शासन को मान्यता दी थी. बीते रविवार को ही राष्ट्रपति अशरफ गनी के इस्तीफे के बाद तालिबान ने अपनी जीत की घोषणा कर दी थी. सरकार गिरने के बाद गनी ने अफगानिस्तान भी छोड़ दिया था. करीब दो दशकों के बाद तालिबान एक बार फिर मजबूत होता नजर आ रहा है. अफगानिस्तान-तालिबान संकट से जुडे़ लाइव अपडेट्स जानने के लिए न्यूज18 के साथ बने रहें-

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