अमेरिकी मिसाइल परीक्षण से भड़के चीन-रूस, विश्वयुद्ध की ओर बढ़ने की दी चेतावनी

भाषा
Updated: August 20, 2019, 7:15 PM IST
अमेरिकी मिसाइल परीक्षण से भड़के चीन-रूस, विश्वयुद्ध की ओर बढ़ने की दी चेतावनी
अमेरिकी मिसाइल प्रोग्राम को लेकर चीन और रूस ने अपनी चिंता जाहिर की हैं (फाइल फोटो)

रूस (Russia) और चीन (China) ने मंगलवार को चेतावनी दी कि अमेरिका (America) की एक नयी मिसाइल के परीक्षण ने सैन्य तनावों को बढ़ा दिया है और इससे हथियारों की होड़ शुरू हो सकती है.

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रूस (Russia) और चीन (China) ने मंगलवार को चेतावनी दी कि अमेरिका (America) की एक नयी मिसाइल के परीक्षण ने सैन्य तनावों को बढ़ा दिया है और इससे हथियारों की होड़ शुरू हो सकती है. रूस के साथ किया गया शीत युद्ध (Cold War) के दौर का एक हथियार समझौता अमेरिका द्वारा रद्द किये जाने के कुछ हफ्तों बाद यह घटनाक्रम हुआ है. दोनों देशों ने एक दूसरे पर समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया था.

अमेरिकी रक्षा विभाग (United States Department of Defense) ने सोमवार को घोषणा की थी कि उसने जमीन से दागी जाने वाली एक मिसाइल का परीक्षण किया है, जो 1987 के आईएनएफ समझौते (Intermediate-Range Nuclear Forces Treaty) के तहत प्रतिबंधित थी. दरअसल, यह समझौता परमाणु और मध्यम दूरी के पारंपरिक हथियारों के इस्तेमाल को सीमित करता है.

रूस ने लगाया आरोप, अमेरिका का कदम स्पष्ट तौर पर सैन्य तनाव को बढ़ाने वाला
उल्लेखनीय है कि यह समझौता जमीन से दागी जाने वाली -- 500 से 5,500 किमी की दूरी तय करने वाली सभी मिसाइलों को प्रतिबंधित करता था, ताकि परमाणु हथियारों (Nuclear weapons) से तत्कालीन यूरोप को बचाया जा सके. रूस के उप विदेश मंत्री सर्जेई रयाबकोव ने सरकारी समाचार एजेंसी तास से कहा, ‘‘अमेरिका ने स्पष्ट तौर पर सैन्य तनाव बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया है. हम उकसावे पर प्रतिक्रिया नहीं देंगे. हम खुद को हथियारों की होड़ में शामिल नहीं होने देंगे.’’

चीन ने कहा, अमेरिका के इस कदम से शुरू हो जाएगी हथियारों की होड़
उन्होंने कहा कि इस परीक्षण से यह जाहिर होता है कि अमेरिका समझौते से आधिकारिक रूप से बाहर होने से काफी पहले से इस तरह की मिसाइलों पर काम कर रहा था. वहीं, बीजिंग में चीनी विदेश मंत्रालय प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा, ‘‘अमेरिका का यह कदम हथियारों की होड़ (Arms race) का एक नया दौर शुरू कर देगा, जिससे सैन्य टकराव बढ़ेगा.’’ उन्होंने चेतावनी दी कि इस परीक्षण के अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर गंभीर असर पड़ेगा. जाहिर है कि चीन का इशारा विश्वयुद्ध की ओर था.

अमेरिका को दी शीत युद्ध के दौर की मानसिकता से बाहर निकलने की सलाह
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उन्होंने कहा कि अमेरिका को शीत युद्ध (Cold War) के समय की अपनी मानसिकता से बाहर निकलना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता में सहयोग करने वाली और अधिक चीजें करनी चाहिए. इस मिसाइल का परीक्षण कैलिफोर्निया तट से किया गया. गौरतलब है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को फ्रांस में कहा था कि यदि अमेरिका इस तरह की आक्रामक प्रणाली तैयार करता है, तो हम भी ऐसा करेंगे.

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First published: August 20, 2019, 6:36 PM IST
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