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हुवावे पर बैन के बाद अब साउथ चाइना सी में एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात करेगा ब्रिटेन

ब्रिटेन भी चीनी सीमा पर तैनात करेगा समुद्री बेड़ा

ब्रिटेन भी चीनी सीमा पर तैनात करेगा समुद्री बेड़ा

चीन (China) को सबक सिखाने के लिए ब्रिटेन (Britain) अब साउथ चाइना सी (South China Sea) में रॉयल नेवी का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर एचएमएस क्वीन एलिजाबेथ (HMS Queen Elizabeth) तैनात करने वाला है.

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    लंदन. अमेरिका (US) और चीन (China) की तल्खियों के बीच अब ब्रिटेन (Britain) ने भी चीन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. ब्रिटेन ने देश के मोबाइल प्रोवाइडरों पर 31 दिसंबर के बाद से चीनी कंपनी हुवावे (Huawei Ban) से कोई उपकरण ख़रीदने पर पाबंदी लगा दी है. इसके साथ ही 2027 तक ब्रिटिश मोबाइल प्रोवाइडर्स को अपने नेटवर्क से हुवावे के सभी 5जी किट हटाना ही होगा. इसके आलावा चीन को सबक सिखाने के लिए ब्रिटेन अब साउथ चाइना सी (South China Sea) में रॉयल नेवी का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर एचएमएस क्वीन एलिजाबेथ (HMS Queen Elizabeth) तैनात करने वाला है.

    टाइम्स यूके की एक खबर के मुताबिक एचएमएस क्वीन को पूरे फ्लीट के साथ चीन की समुद्री सीमा पर अमेरिका और जापान के समुद्री बेड़े के साथ तैनात किया जाएगा. यह एयरक्राफ्ट कैरियर साउथ चाइना सी में जारी तनाव के बीच अमेरिका और जापान की सेना के साथ इस इलाके में बड़े पैमाने पर युद्धाभ्यास भी करेगा. उधर हुवावे बैन के फ़ैसले की जानकारी हाउस ऑफ़ कॉमन्स को देते हुए तकनीकी मामलों के मंत्री ओलिवर डाउडेन ने बताया कि इस बैन लागू करने से देश भर में 5जी की व्यवस्था मुहैया कराने में एक साल की देरी होगी. इतना ही नहीं इस फ़ैसले से देश पर दो अरब पाउंड का अतिरिक्त बोझ भी बढ़ेगा.



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    रॉयल नेवी कर रही है घेराबंदी की तैयारी
    चीन के हांगकांग को लेकर आक्रामक रवैये को देखते हुए ब्रिटेन ने भी अब आक्रामक रुख अपना लिया है. ब्रिटेन जो एयरक्राफ्ट कैरियर साउथ चाइना सी में तैनात करने वाला है उसके बेड़े में एफ-35बी लाइटनिंग फाइटर जेट के दो स्क्वाड्रन, स्टेल्थ लड़ाकू विमान, दो टाइप 45 श्रेणी के डिस्ट्रॉयर, दो टाइप 23 फिग्रेट, दो टैंकर और हेलिकॉप्टर्स का बेड़ा शामिल हैं. ब्रिटेन की योजना है कि चीन को ताकत दिखाने के लिए इस युद्धाभ्यास में ऑस्ट्रेलिया और कनाडा को भी आमंत्रित किया जा सकता है.

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    जापान-दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर चीन का घेराव करेंगे
    रिपोर्ट के मुताबिक बीते दिनों ब्रिटेन के सेना प्रमुखों की बैठक में चीन के खतरे पर सबसे ज्‍यादा चर्चा हुई है. चीन को घेरने के लिए ताइवान के साथ संबंध को मजबूत करने, साथ ही दक्षिण कोरिया और जापान से सैन्य सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा. ब्रिटेन की रॉयल नेवी ने ऐलान किया है कि वह स्‍थायी रूप से स्‍वेज नहर के पूर्व में कुछ हजार कमांडो हमेशा के लिए तैनात कर रही है. इन्‍हें संकट के समय कभी भी तैनात किया जा सकेगा. बता दें कि स्‍वेज नहर दुनिया का सबसे व्‍यस्‍त मार्ग है और चीन का बड़े पैमाने पर सामान इसी रास्‍ते से यूरोप जाता है. चीन के आक्रामक रवैये को ध्यान में रखकर ब्रिटेन के तीनों ही सेनाओं के प्रमुख मंत्रियों से मिले थे. ब्रिटेन के रक्षा मंत्री बेन वालेस ने चेतावनी दी है कि कोरोना वायरस के खात्‍मे के बाद दुनिया में आर्थिक संकट, विवाद और लड़ाई बढ़ जाएगी.


    अमेरिका के दो एयरक्राफ्ट कैरियर पहले से मौजूद

    चीन से तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना ने परमाणु ऊर्जा से चलने वाले अपने दो एयरक्राफ्ट कैरियर को दक्षिण चीन सागर में तैनात किया है. दरअसल चीन की सेना ने ग्लोबल टाइम्स के जरिए धमकी दी थी कि किलर मिसाइलें डोंगफेंग-21 और डोंगफेंग-25 अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर को तबाह कर सकती हैं. इसमें कहा गया था कि दक्षिण चीन सागर में तैनात अमेरिका के विमानवाहक पोत चीनी सेना की जद में हैं, चीनी सेना जब चाहे इन्हें तबाह कर सकती है. यूएस नेवी के लेफ्टिनेंट कमांडर शॉन ब्रोफी ने बताया कि अमेरिकी नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस निमित्ज, यूएसएस रोनाल्ड रीगन और चार युद्धपोत दिन-रात साउथ चाइना सी में युद्धाभ्यास कर रहे हैं. अमेरिकी नौसेना दिन और रात दोनों ही समय में युद्धाभ्यास करके चीन को कड़ा संदेश दे रही है.

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