अब अमेरिका ने भी माना कश्मीर भारत-PAK का द्विपक्षीय मामला, मध्यस्थता से इनकार

अमेरिका में भारतीय राजदूत (US Envoy) हर्षवर्धन सिंगला (Harsh Vardhan Shringla) की ओर से ये बयान दिया गया. उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी पुरानी नीति पर चलना चाहता है. अमेरिका चाहता है कि भारत और पाकिस्तान एक साथ मिलकर कश्मीर मुद्दे (Kashmir Issue) को सुलझाने की कोशिश करें, क्योंकि ये दो देशों के बीच का मसला है.

News18Hindi
Updated: August 13, 2019, 11:44 AM IST
अब अमेरिका ने भी माना कश्मीर भारत-PAK का द्विपक्षीय मामला, मध्यस्थता से इनकार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
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Updated: August 13, 2019, 11:44 AM IST
जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) मसले पर भारत के रूख साफ करने के बाद आखिरकार अमेरिका ने भी मान लिया है कि कश्मीर भारत-पाकिस्तान का द्विपक्षीय मसला है. ऐसे में मध्यस्थता का सवाल नहीं उठता. अमेरिका कश्मीर मसले पर दखलअंदाजी नहीं करेगा.

अमेरिका में भारतीय राजदूत (US Envoy) हर्षवर्धन सिंगला की ओर से ये बयान दिया गया. उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी पुरानी नीति पर चलना चाहता है. अमेरिका चाहता है कि भारत और पाकिस्तान एक साथ मिलकर इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश करें, क्योंकि ये दो देशों के बीच का मसला है.

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बता दें कि भारत हमेशा इस बयान पर कायम रहा है कि जम्मू-कश्मीर आंतरिक मामला है. सिर्फ पाकिस्तान से ही इसपर बात होगी. इसमें किसी भी दूसरे देश का दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

अमेरिका में भारतीय राजदूत हर्षवर्धन सिंगला ने फॉक्स न्यूज़ से कहा, 'अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप पहले ही ये साफ कर चुके हैं कि कश्मीर मसले पर उनकी मध्यस्थता भारत-पाकिस्तान की सहमति पर निर्भर कर करती है. चूंकि भारत ने मध्यस्थता की पेशकश ठुकरा दी है. लिहाजा कश्मीर मामला अब और आगे नहीं बढ़ाया जाएगा.'


क्या था ट्रंप का बयान?
बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अमेरिका के दौरे पर थे. उनसे मुलाकात के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ज्वॉइंट स्टेटमेंट दिया. इस दौरान ट्रंप ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता करने के लिए कहा था.
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ट्रंप ने कहा कि 'मैं ओसाका (जापान) में जी-20 शिखर सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ था. हमने इस विषय (कश्मीर) के बारे में बात की. और उन्होंने वास्तव में कहा, 'क्या आप मध्यस्थता करना चाहेंगे? मैंने कहा, 'कहां?' (मोदी ने कहा) 'कश्मीर'.


अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक सवाल के जवाब में कहा, 'अगर मैं मदद कर सकता हूं, तो मैं ये करना पसंद करूंगा. अगर मैं मदद के लिए कुछ भी कर सकता हूं, तो मुझे बताएं.'
First published: August 13, 2019, 11:06 AM IST
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