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पाकिस्तान के बाद इंडोनेशिया में भी नहीं माने मुस्लिम, लॉकडाउन तोड़कर हजारों पहुंचे मस्जिद

पाकिस्तान के बाद इंडोनेशिया में भी नहीं माने मुस्लिम, लॉकडाउन तोड़कर हजारों पहुंचे मस्जिद

इंडोनेशिया में लॉकडाउन तोड़कर लोगों ने मस्जिद में पढ़ी नमाज़

इंडोनेशिया में लॉकडाउन तोड़कर लोगों ने मस्जिद में पढ़ी नमाज़

मुस्लिम कट्टरपंथी अब इंडोनेशिया ((Indonesia) में भी सरकार की गाइडलाइंस का उल्लंघन करते नज़र आए. इंडोनेशिया के अचे प्रांत में रमजान (Ramadan) के मौके पर सैंकड़ों की तादाद में लोग लॉकडाउन तोड़कर मस्जिद में सामूहिक नमाज़ के लिए पहुंच गए.

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    जकार्ता. पाकिस्तान (Pakistan) में सरकार को मजबूर कर लॉकडाउन के बावजूद मस्जिदें खुलवाने के बाद मुस्लिम कट्टरपंथी अब इंडोनेशिया ((Indonesia) में भी सरकार की गाइडलाइंस का उल्लंघन करते नज़र आए. इंडोनेशिया के अचे प्रांत में रमजान (Ramadan) के मौके पर सैंकड़ों की तादाद में लोग लॉकडाउन तोड़कर मस्जिद में सामूहिक नमाज़ के लिए पहुंच गए. हालांकि इनमें से ज्यादातर ने मास्क लगाए हुए थे लेकिन फिर भी सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की जमकर अनदेखी की गई और लोगों ने काफी करीब-करीब नमाज़ पढ़ी. देश के कई और इलाकों से भी इस तरह की ख़बरें सामने आ रही हैं.

    BBC में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक इन लोगों ने ऐसा करके सरकार की गाइडलाइंस का खुला उल्लंघन किया है. इंडोनेशिया से पुतरी सराह नाम के एक नमाज़ी ने BBC से कहा, 'कोरोना वायरस का डर है लेकिन नमाज़ के लिए निकलने में कोरोना से डर नहीं है. इससे बचने के लिए सबसे ज़रूरी चीज़ है ख़ुद को साफ़ रखना. हम लगातार हाथ धो रहे हैं और मास्क भी पहन रहे हैं.' हालांकि इस दौरान कुछ ऐसे लोग भी नज़र आए जो घरवालों के दबाव में नमाज़ पढ़ने आ गए थे. वाहयुका नाम के एक ऐसे ही शख्स ने बताया, 'मुझे साथ में नमाज़ अदा करने में डर लग रहा है इसलिए मैं लाइन से बिल्कुल दूर हूं.'

    कट्टरपंथी मौलानाओं ने दिया था फ़तवा
    इंडोनेशिया की मीडिया के मुताबिक इलाके के कई स्थानीय मौलानाओं ने फ़तवा देकर लोगों को ऐसा करने के लिए उकसाया था. अचे में सिया कुअला यूनिवर्सिटी में समाज विज्ञान के प्रोफ़ेसर मारिनी कृस्टिआनी ने बीबीसी से कहा कि यहां के लोगों ने सरकार के दिशा-निर्देशों की तुलना में इस्लामिक समूहों और कट्टरपंथी मौलानाओं के फतवे का पालन करना ठीक समझा. बता दें कि अचे इंडोनेशिया का अकेला ऐसा इलाक़ा है जहां इस्लामिक शरिया क़ानून का सख्ती से पालन होता है. इस इलाक़े में अब भी कोड़े से मारने की सज़ा कायम है. इसी मंगलवार को इस्लामिक क़ानून के उल्लंघन में छह लोगों को कोड़े मारे गए थे.

    राष्ट्रपति ने ईद पर घर लौटने पर भी लगाया है प्रतिबंध
    इससे पहले इंडोनेशिया ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस साल ईद मनाने के लिए लोगों के घरों को लौटने पर प्रतिबंध लगा दिया है. राष्ट्रपति जोको विडोडो ने मंगलवार को कहा था कि इंडोनेशिया में बड़ी संख्या में लोग रमजान के आखिरी सप्ताह में शहरों से गांवों में अपने घरों को लौटते हैं, इस साल कोरोना वायरस संक्रमण के चलते इसे प्रतिबंधित किया जा रहा है. जोको ने कहा- मैंने फैसला किया है कि 'मुदिक' (ईद के लिए होने वाला पलायन) इस साल सभी नागरिकों के लिए प्रतिबंधित है. इंडोनेशिया की न्यूज़ एजेंसी अंतारा के मुतबिक इंडोनेशिया में ईद उल फितर पर घर लौटने की एक पुरानी प्रथा है जिसे 'मुदिक' कहा जाता है. इस प्रथा के तहत रमजान के आखिरी सप्तार में लाखों की संख्या में लोग ट्रेवल करते हैं.



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    Tags: Corona, Corona Virus, Indonesia, Pakistan

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