होम /न्यूज /दुनिया /FATF ने पाकिस्तान को फिर चेताया, कहा- कई आतंकी संगठनों को अभी भी हो रही है फंडिंग

FATF ने पाकिस्तान को फिर चेताया, कहा- कई आतंकी संगठनों को अभी भी हो रही है फंडिंग

एफएटीएफ ने पाकिस्तान को अभी 'ग्रे' सूची में रखा है.

एफएटीएफ ने पाकिस्तान को अभी 'ग्रे' सूची में रखा है.

एफएटीएफ (Financial Action Task Force) ने एक बयान में कहा कि आतंकवादी फंडिंग के लिए विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल करते हैं. ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्ली. वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (Financial Action Task Force) ने पाकिस्तान (Pakistan) को आतंकी संगठनों की फंडिंग को लेकर एक बार फिर से चेताया है. एफएटीएफ ने सोमवार को कहा कि इस मुल्क में अभी भी आतंकी संगठनों को फायदा मिल रहा है. एफएटीएफ ने कहा कि टेरर फंडिंग पर सख्ती के बावजूद गैरकानूनी गतिविधियों और दुनिया भर में समर्थकों से जुटाए फंड से आतंकी समूहों की मदद की जा रही है.

    पाकिस्तान का नाम लिए बिना एफएटीएफ ने एक बयान में कहा कि आतंकवादी फंडिंग के लिए विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल करते हैं. इसमें नए अनुयायियों की पहचान के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल और उनसे फंडिंग की मांग शामिल है.

    एफएटीएफ ने कहा, 'एफएटीएफ ने आतंकी संगठन की फंडिंग पर मानकों को सख्त बनाया है, जिससे इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड द लेवांत (ISIL) और अल-कायदा जैसे समूहों की फंडिंग घटाने में मदद मिली है. हालांकि, विभिन्न समूह अभी भी गैरकानूनी गतिविधियों और दुनिया भर में समर्थकों से फंड जुटा रहे हैं.

    इमरान खान ने कहा- आतंकियों के लिए पनाहगार नहीं है पाक
    वहीं, आतंकी संगठनों को सुरक्षित पनाह देने वाला पाकिस्तान FATF की कार्रवाई से बचने के लिए नए-नए झूठ बोल रहा है. प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान अब आतंकी समूहों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं है. इमरान खान ने एक सम्मेलन में कहा, ‘मैं आपको बता सकता हूं कि यहां कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं है.’ खान ने कहा, ‘‘ अतीत में संभवत: जो भी स्थिति रही हो, लेकिन, फिलहाल मैं आपको बता सकता हूं..... एक ऐसी चीज है जो हम चाहते हैं: वह है अफगानिस्तान में शांति.’ इस सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतरेस भी मौजूद थे.

    MASOOD
    आतंकी मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान लगातार झूठ बोल रहा है.


    क्या कहता है भारत?
    इस बारे में भारत का कहना है कि पाकिस्तान लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकवादी समूहों को नियमित रूप से समर्थन दे रहा है. इन तीनों आतंकी समूहों का मुख्य निशाना भारत है. भारत ने एफएटीएफ से इस्लामाबाद के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी की है.

    पाकिस्तान को है ब्लैक लिस्ट होने का डर
    बता दें कि फ्रांस की राजधानी पेरिस में हफ्ते भर चलने वाले एफएटीएफ की अहम बैठक में तय होगा कि पाकिस्तान संस्था की ‘ग्रे लिस्ट’ में बना रहेगा या उसे ‘ब्लैक लिस्ट’ में डाला जाएगा. या वह इन दोनों लिस्ट से ही बाहर हो जाएगा.

    HAZIF
    आतंकी हाफिज सईद


    27 में से 22 बिंदुओं पर अनुपालन नहीं किया तो ब्लैक लिस्ट होगा पाकिस्तान
    एफएटीएफ ने पाकिस्तान को फरवरी 2020 तक वक्त किया था. एफएटीएफ ने चेतावनी दी थी कि अगर तब तक पाकिस्तान 27 में से 22 बिंदुओं पर उसकी सिफारिशों का अनुपालन नहीं करता है तो उसे ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाएगा.

    अब एफएटीएफ यह फैसला करेगा कि क्या पाकिस्तान ने ब्लैक लिस्ट होने से बचने के लिए उपयुक्त कदम उठाए हैं या नहीं. अगर पाक को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाता है तो उसे अंतरराष्ट्रीय बहिष्कार का सामना करना पड़ सकता है.  (एजेंसी इनपुट के साथ)

    FATF ब्लैकलिस्ट से बचने को इमरान खान का नया बहाना- अब आतंकियों के लिए सुरक्षित पनाह नहीं पाक

    पाकिस्तान पर आई आफत तो इमरान ने भारत के सामने फैलाया हाथ, लगाई ये गुहार

    Tags: India pakistan

    टॉप स्टोरीज
    अधिक पढ़ें