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अफगान वार्ता के बीच अलकायदा ने उत्तर अफ्रीका के लिए याजिद मुबारक को बनाया नया चीफ

अल कायदा ने अफ्रीका में बनाया नया चीफ
अल कायदा ने अफ्रीका में बनाया नया चीफ

अलकायदा इन इस्लामिक मगरिब- एक्यूआईएम ने यह भी कहा कि याजिद मुबारक जिसे अबु उबैदा यूसुफ अल अन्नाबी के नाम से भी जाना जाता है, को अलकायदा की उत्तरी अफ्रीकी शाखा ने कहा है कि उसने अपना नया सरगना चुन लिया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 23, 2020, 1:32 PM IST
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डकार. आतंकवादी संगठन अलकायदा की उत्तरी अफ्रीकी शाखा ने कहा है कि उसने अपना नया सरगना चुन लिया है. इससे पहले उसने अपने पूर्व सरगना की मौत की पुष्टि की है. उसे जून माह में फ्रांस के बलों ने मार गिराया था. अलकायदा इन इस्लामिक मगरिब- एक्यूआईएम ने यह भी कहा कि याजिद मुबारक जिसे अबु उबैदा यूसुफ अल अन्नाबी के नाम से भी जाना जाता है, वह अब नया सरगना है.

एसआईटीई खुफिया समूह जो कि अमेरिका का यह समूह जिहादियों के स्थलों पर नजर रखता है, उसने शनिवार को एक वीडियो में बताया कि एक्यूआईएम ने अपने सरगना अब्देलमलिक द्रोउकदेल का शव पहली बार दिखाया है. अलकायदा की उत्तरी अफ्रीकी शाखा ने स्विट्जरलैंड की मिशनरी बिएट्रिक स्टॉकले की मौत की भी पुष्टि की है. उन्हें माली के टिंबकटू शहर से जनवरी 2016 में अगवा किया गया था. एसआईटीई ने कहा कि संगठन ने उनकी मौत के लिए 'फ्रांस के योद्धाओं' को जिम्मेदार ठहराया जिन्होंने उन्हें छुड़ाने का नाकाम प्रयास किया. एसआईटीई खुफिया समूह की निदेशक रीटा कट्ज ने ट्वीट करके कहा कि नए नेता के तौर पर यूसुफ अल अन्नाबी की नियुक्ति कोई अचरज की बात नही हैं क्योंकि संगठन कई वर्षों से अपने प्रचार में उसका जिक्र कर रहा था और वह कई अहम अभियानों में शामिल रहा है.

पोम्पिओ ने की दोहा में तालिबान-अफगान वार्ताकारों से मुलाकात
उधर अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने दोहा में अफगान सरकार और तालिबान के वार्ताकारों से मुलाकात की. पोम्पिओ ने उनकी रुकी हुई वार्ता के आगे बढ़ने के संकेतों और हिंसा बढ़ने के बीच यह वार्ता की. हिंसा बढ़ने के कारण युद्ध ग्रस्त देश में शांति स्थापित करने की कोशिशों को नुकसान पहुंचा है. अमेरिका ने हाल में घोषणा की थी कि वह अगले साल 15 जनवरी तक अफगानिस्तान और इराक में अमेरिकी बलों की संख्या को कम करके 2,500-2,500 करेगा. इस घोषणा के बाद से यह तालिबान और अफगान प्रतिनिधियों के साथ किसी शीर्ष अमेरिकी राजनयिक की पहली वार्ता है. अफगानिस्तान में इस समय अमेरिका के 4,500 से अधिक जवान हैं.
पोम्पिओ ने ट्वीट किया, 'दोहा में तालिबान और अफगानिस्तान के वार्ताकार दलों से मुलाकात की. मैं वार्ता जारी रखने और वार्ता में की गई प्रगति के लिए दोनों पक्षों की सराहना करता हूं. मैं राजनीतिक खाके और स्थायी एवं समग्र संघर्षविराम के लिए वार्ता आगे बढ़ाने को प्रोत्साहन देता हूं.' विदेश मंत्रालय के प्रमुख उप प्रवक्ता केल ब्राउन ने कहा कि पोम्पिओ ने तालिबान राजनीतिक कार्यालय के प्रमुख मुल्ला बरादर और तालिबान की वार्ताकार टीम के सदस्यों से रविवार को मुलाकात की. उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान पोम्पिओ ने वार्ता जारी रखने और इस दिशा में की गई प्रगति के लिए दोनों पक्षों की प्रशंसा की.



आगे बढ़ सकता है संघर्षविराम
ब्राउन ने कहा, 'पोम्पिओ और वार्ताकारों ने हिंसा कम करने के तरीकों पर चर्चा की और उन्होंने राजनीतिक खाके और स्थायी एवं समग्र संघर्षविराम पर वार्ता तेजी से आगे बढ़ाए जाने को प्रोत्साहन दिया.' पोम्पिओ ने दोहराया कि अफगानिस्तान के लोग 40 साल से युद्ध और रक्तपात सहने के बाद अब शांति एवं सुरक्षा के साथ जीने की उम्मीद करते हैं और वे इसके हकदार हैं. उन्होंने कतर के विदेश मंत्री अल थानी से भी मुलाकात की और उनके साथ द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय मामलों पर चर्चा की.



पोम्पिओ ने एक अन्य ट्वीट किया, 'हम अफगान शांति वार्ता के मेजबान के तौर पर कतर के जारी सहयोग की सराहना करते हैं। खाड़ी का एकजुट होना क्षेत्र में ईरान के दुष्ट प्रभाव से निपटने के लिए महत्वपूर्ण है.' अमेरिका ने अफगानिस्तान में संघर्ष समाप्त करने के संबंध में फरवरी में तालिबान के साथ एक समझौता किया था. अफगान सरकार और तालिबान के वार्ताकार शांति समझौता करने के लिए नियमित आधार पर दोहा में मुलाकात कर रहे हैं, लेकिन इस दिशा में अभी कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है. इस बीच, अफगानिस्तान में हालिया महीनों में हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं.
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