महामारी घोषित हो चुका है कोरोना वायरस संक्रमण, आखिर क्‍या होती है महामारी, यहां जानिए

महामारी घोषित हो चुका है कोरोना वायरस संक्रमण, आखिर क्‍या होती है महामारी, यहां जानिए
कोरोना के कहर से फिलहाल चीन को छोड़कर राहत कहीं नहीं है (प्रतीकात्मक चित्र)

दुनिया में 1,19,400 से अधिक लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण (CoronaVirus) के फैलने की पुष्टि हो चुकी है. अब तक वैश्विक स्‍तर पर इसके संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्‍या 4,300 से अधिक पहुंच गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 12, 2020, 5:37 AM IST
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नई दिल्‍ली/जेनेवा. दुनिया भर में 1,19,400 से अधिक लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण के फैलने की पुष्टि हो चुकी है. साथ ही अब तक वैश्विक स्‍तर पर इसके संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्‍या 4,300 से अधिक पहुंच गई है. इसके प्रसार को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख ने बुधवार को कहा कि नए कोरोना वायरस को अब महामारी कहा जा सकता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अध्यक्ष टेड्रॉस गेब्रेयेसस ने जेनेवा में संवाददाताओं को बताया, 'कोविड-19 को अब महामारी कहा जा सकता है.' उन्होंने कहा कि हमने कोरोना की ऐसी महामारी कभी नहीं देखी है.

क्‍या होती है महामारी
दुनिया भर में किसी नई बीमारी के तेजी से फैलने को महामारी कहते हैं. एक इन्फ्लूएंजा (सर्दी-जुकाम) महामारी तब होती है जब नया इन्फ्लूएंजा वायरस अस्तित्‍व में आता है और दुनिया भर में फैलता है. अधिकांश लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता या प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्‍यूनिटी) नहीं होती है. पिछली कई महामारी के जिम्‍मेदार वायरस जानवरों के इन्‍फ्लूएंजा वायरसों से उभरे हैं.

सभी उम्र के लोगों को चपेट में लेता है इन्‍फ्लूएंजा
इन्फ्लूएंजा महामारी के कुछ लक्षण मौसमी सर्दी जुकाम के समान दिखाई दे सकते हैं जबकि इसकी अन्य विशेषताएं काफी अलग हो सकती हैं. उदाहरण के लिए मौसमी और महामारी इन्फ्लूएंजा सभी उम्र के लोगों में संक्रमण का कारण बन सकते हैं. इनके अधिकांश मामलों में यह खुद ठीक हो जाने वाली बीमारी होती है, जिनमें व्यक्ति बिना इलाज के पूरी तरह से ठीक हो जाता है. हालांकि, विशिष्ट मौसमी इन्फ्लूएंजा बुजुर्गों में अधिकांश की मृत्यु का कारण बनता है, जबकि अन्य गंभीर मामले विभिन्न प्रकार की मेडिकल स्थिति वाले लोगों में सबसे अधिक होते हैं.



गंभीर मामले बढ़ सकते हैं
मौसमी और महामारी इन्फ्लूएंजा से गंभीर रूप से बीमार होने वाले लोगों की कुल संख्या अलग-अलग हो सकती है. हालांकि, महामारी के मामले का प्रभाव या गंभीरता अधिक हो जाते हैं क्योंकि बड़ी आबादी में लोगों के अंदर नए वायरस के प्रति प्रतिरक्षा प्रणाली की कमी होती है. जब आबादी का एक बड़ा हिस्सा संक्रमित होता है, उस समय भले ही गंभीर बीमारी विकसित करने के लिए संक्रमित लोगों का अनुपात छोटा हो, फिर भी लेकिन गंभीर मामलों की कुल संख्या काफी बड़ी हो सकती है.

स्‍वाइन फ्लू भी ऐसा ही था
हालांकि मौसमी और महामारी वाले इन्फ्लूएंजा समशीतोष्ण जलवायु क्षेत्रों में आमतौर पर सर्दियों के महीने में अस्तित्‍व में आते हैं. लेकिन जैसा कि पहले फैली H1N1 महामारी के साथ देखा गया था कि गर्मियों के मौसम में भी ऐसी महामारी काफी विकराल रूप ले सकती हैं.

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