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संस्‍कृत की विद्वान थाइलैंड की राजकुमारी के बारे में भी जानिये, जिनका जिक्र PM मोदी ने किया

News18Hindi
Updated: November 2, 2019, 9:19 PM IST
संस्‍कृत की विद्वान थाइलैंड की राजकुमारी के बारे में भी जानिये, जिनका जिक्र PM मोदी ने किया
राजकुमारी महा चक्री संस्‍कृत समेत कई भाषाओं की ज्ञाता हैं.

पीएम मोदी (Narendra Modi) ने थाइलैंड (Thailand) की राजकुमारी महाचक्री (Princess Maha chakri Sirindhorn) का जिक्र बैंकॉक में अपने संबोधन में किया. पीएम मोदी ने राजकुमारी को संस्‍कृत की विद्धान बताया. उनको भारत की ओर से पद्म भूषण और संस्‍कृत सम्‍मान से नवाजा जा चुका है.

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  • Last Updated: November 2, 2019, 9:19 PM IST
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नई दिल्‍ली. थाइलैंड (Thailand) दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra modi) ने शनिवार को बैंकॉक (Bangkok) में भारतीय समुदाय को संबोधित किया. इस दौरान उन्‍होंने कहा कि थाइलैंड के राजपरिवार का भारत के प्रति लगाव हमारे घनिष्ठ और ऐतिहासिक संबंधों का प्रतीक है. पीएम मोदी ने थाइलैंड की राजकुमारी महाचक्री (Princess Maha chakri Sirindhorn) का भी अपने संबोधन में जिक्र किया. उन्‍होंने कहा कि राजकुमारी स्वयं संस्कृत की बहुत बड़ी विद्वान हैं और संस्कृत में उनकी बहुत गहरी रुचि है. भारत से उनका आत्मीय नाता है. उन्‍होंने यह भी कहा कि भारत की ओर से उनका आभार प्रकट करने के लिए उन्‍हें पद्म भूषण सम्‍मान और संस्‍कृत सम्‍मान से नवाजा गया है. आइए जानते हैं उन्‍हीं राजकुमारी के बारे में कुछ रोचक बातें...

1. राजकुमारी महा चक्री सिरिनधर का जन्‍म 2 अप्रैल, 1955 को हुआ था. वह राजा भूमिबोल और रानी सिरिकित की तीसरी संतान हैं. उनकी प्रारंभिक शिक्षा शाही घराने के सदस्‍यों और कर्मचारियों के परिवार के लिए बने विशेष स्‍कूल में हुई. 1967 में उनकी नेशनल स्‍कूल एग्‍जाम में पहली रैंक आई थी. 1972 में अपर सेकेंडरी लेवल में भी प्रथम रैंक आई थी. इसके बाद 1975 में नेशनल यूनिवर्सिटी एंट्रेंस एग्‍जाम में उनकी चौथी रैंक आई थी.

2. राजकुमारी महा चक्री ने 1975 में बैंकॉक के चुलालॉन्‍गकोर्न यूनिवर्सिटी में आर्ट्स के ग्रेजुएशन कोर्स में दाखिला लिया. उन्‍हें इतिहास में 1976 में गोल्‍ड मेडल मिला था.

3. राजकुमारी ने 1976 में एक साथ दो कोर्स में दाखिला लिया. उन्‍होंने 1980 में संस्‍कृत और कंबोडियन में ओरियंटल एपिग्राफी में मास्‍टर्स ऑर्फ आर्ट्स किया. साथ ही उन्‍होंने आर्कियोलॉजी में भी मास्‍टर्स डिग्री प्राप्‍त की.

4. राजकुमारी का संस्‍कृत के प्रति काफी लगाव है. उन्‍होंने अक्‍टूबर 1977 से दो साल बाद तक संस्‍कृत के ज्ञाता सत्‍य व्रत शास्‍त्री से संस्‍कृत भाषा सीखी. उन्‍होंने चुलालॉन्‍गकोर्न यूनिवर्सिटी से 1978 में पाली और संस्‍कृत में मास्‍टर ऑफ आर्ट्स की भी डिग्री हासिल की.

थाइलैंड का शाही परिवार.


5. राजकुमारी ने 1987 में डेवलपमेंटल एजुकेशन में पीएचडी पूरी की. वह चलाचोमलाओ रॉयल मिलेट्री अकादमी में इतिहास पढ़ाती हैं. वह अंग्रेजी, थाई, फ्रेंच, मंदारिन भाषा जानती हैं. मौजूदा समय में वह लातिन और जर्मन भाषा भी सीख रही हैं. उन्‍होंने चीनी साहित्‍य का अनुवाद थाई भाषा में भी किया है.
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6. राजकुमारी को 30 से अधिक थाइलैंड के विभिन्‍न सम्‍मानों से नवाजा गया है. उन्‍हें भारत समेत 22 देश अपने यहां के विभिन्‍न सम्‍मानों से नवाज चुके हैं. इनमें पद्म भूषण भी शामिल है.

7. राजकुमारी महा चक्री को 2004 में भारत की ओर से इंदिरा गांधी प्राइज से सम्‍मानित किया गया था. उन्‍हें 2017 में पद्म भूषण से सम्‍मानित किया गया. इसके साथ ही उन्‍हें संस्‍कृत सम्‍मान से भी नवाजा गया.

8. राजकुमारी के पिता राजा भूमिबोल का निधन 13 अक्‍टूबर 2016 को हुआ था. इसके बाद उनके भाई वजीरालोंगकोर्न को राजा बनाया गया. उनकी बड़ी बहन उबोल रत्‍ना ने 1972 में अमेरिका के आम नागरिक पीटर लैड जेंसन से शादी कर अमेरिका में ही बस गई थीं.

9. थाइलैंड के शाही परिवार में सिर्फ एक ही पुत्र (मौजूदा राजा वजीरालोंगकोर्न) हुए. ऐसे में राजकुमारी महा चक्री को राजशाही का दूसरा उत्‍तराधिकारी 1978 तक माना गया. 1978 में राजा वजीरालोंगकोर्न की बेटी बज्रकितियाभा जन्‍मी थीं. राजकुमारी को उत्‍तराधिकारी बनाने के लिए 1974 में महिला उत्तराधिकार की अनुमति के लिए थाई संविधान में बदलाव किया गया था. इस प्रकार महिला को सिंहासन के योग्य बना दिया गया.

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First published: November 2, 2019, 7:37 PM IST
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