स्पर्म डोनेशन से पैदा हुई युवती का खास मिशन, अब तक ढूंढ निकाले 63 भाई-बहन

फोटो सौ. (इंस्टाग्राम- Kianni Arroyo)

फोटो सौ. (इंस्टाग्राम- Kianni Arroyo)

अमेरिका (America) में रहने वाली कियानी एरोयो एक स्पर्म डोनर (Sperm Donor) की मदद से पैदा हुई थीं और अब वह एक खास मिशन पर हैं. जिसके चलते उन्होंने मन बना लिया है कि वो दुनिया भर से अपने भाई-बहनों को ढूंढ निकालेंगी.

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वाशिंगटन. अमेरिका (America) में रहने वाली कियानी एरोयो इन दिनों एक खास मिशन पर हैं. दरअसल, लेस्बियन कपल की बेटी कियानी एक स्पर्म डोनर (Sperm Donor) की मदद से पैदा हुई थीं और अपने साथ घटी एक घटना के बाद उन्होंने ठान लिया था कि वो दुनिया भर से अपने भाई-बहनों को ढूंढ निकालेंगी और उनके साथ टच में रहेंगी. द मिरर वेबसाइट के साथ बातचीत में 23 साल की कियानी ने कहा कि मैं जब 4 साल की थी तो अपने साथ के बच्चों को देखा करती थी कि उनके परिवार में मां-बाप पेरेंट्स के तौर पर मौजूद हैं लेकिन मेरी फैमिली में पेरेंट्स के तौर पर मेरे पास दोनों मांएं थीं. उन्होंने आगे कहा कि मुझे अपने पिता को लेकर कुछ बातें ही पता थीं कि उनकी आर्ट और स्पोर्ट्स में काफी दिलचस्पी थी. मैं भी काफी पेंटिंग किया करती थी और सर्फिंग के लिए जाया करती थी लेकिन मेरी मां का परिवार ऐसा नहीं था. ऐसे में मैं कई बार सोचती थी कि आखिर मुझे अपने पिता से और कौन सी चीजें मिली हैं.

कियानी ने कहा कि मैं बचपन से ही पिता को मिस करती रही. मैं अपने स्पर्म डोनर डैड के लिए फादर्स डे कार्ड्स बनाती थी. कई सालों तक मेरे डोनर की प्रोफाइल प्राइवेट थी. मतलब मेरे पिता के स्पर्म से पैदा हुए बच्चे उनसे संपर्क नहीं कर सकते थे. लेकिन कियानी का एक डोनर कंपनी के लिए प्रमोशनल वीडियो देखकर उनके पिता ने अपना मन बदल लिया था. इसके बाद कियानी के डोनर ने अपना प्रोफाइल पब्लिक कर लिया था और 18 साल की उम्र की होने पर कियानी अपने पिता से संपर्क कर सकती थीं. 18 साल की होने से पहले ही कियानी ने अपने उन भाई-बहनों को खोजने का तरीका ढूंढ निकाला था जो कियानी के स्पर्म डोनर के जरिए ही पैदा हुए थे. दरअसल कियानी ने स्पर्म बैंक के रजिस्टर पर साइन किया था. स्पर्म बैंक से संपर्क करने के बाद उन्हें अपने भाई-बहनों को लेकर जानकारी मिली और वो उन्हें ढूंढने में लग गईं.

कियानी ने कहा- 'मैं सबसे पहले 15 साल की उम्र में एक परिवार से मिली थी जिसने मुझसे संपर्क किया था. इस महिला की दो जुड़वां बच्चियां थीं और वे मुझसे छोटी थीं. ये बच्चियां भी मेरे डोनर के चलते ही पैदा हुई थीं. इन बच्चियों के साथ समय बिताकर मुझे काफी अच्छा लगा. इस मुलाकात से प्रभावित होकर मैंने अपने भाई-बहनों को ढूंढने का फैसला किया.'

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उन्होंने आगे कहा कि अब तक मुझे अपने 63 भाई-बहन मिल चुके हैं. ये अमेरिका और कनाडा से लेकर ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में भी फैले हुए हैं. कियाना के शहर फ्लोरिडा में उनके 12 भाई-बहन रहते हैं. वो अक्सर उनसे मिलने जाती हैं. कोरोना वायरस महामारी के खत्म होने पर वो एक बार फिर अपने भाई- बहनों की खोज के लिए निकलना चाहती हैं.

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