दक्षिण चीन सागर पर चीन के दावों पर भड़का अमेरिका, कहा-यहा उसका साम्राज्य नहीं

दक्षिण चीन सागर पर चीन के दावों पर भड़का अमेरिका, कहा-यहा उसका साम्राज्य नहीं
अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ (फाइल फोटो)

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो (Mike Pompeo) ने शनिवार को कहा कि दक्षिण चीन सागर (South China Sea) चीन का साम्राज्य (Kingdom) नहीं है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 26, 2020, 11:38 AM IST
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वाशिंगटन. अमेरिका और चीन के बीच तनातनी बरकरार है. हर रोज दोनों ओर से एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी होती रही है. इस कड़ी में अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो (Mike Pompeo) ने शनिवार को कहा कि दक्षिण चीन सागर (South China Sea) चीन का साम्राज्य (Kingdom) नहीं है. इस बारे में हमारी नीति बिल्कुल साफ है. चीन अपनी आक्रामक नीतियों के चलते हर ओर से घिरता जा रहा है. ऑस्ट्रेलिया ने भी चीन के इस जल क्षेत्र में दावे को साफ तौर पर खारिज कर दिया है. अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया का कहना है कि चीन का दावा गैरकानूनी है. अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पिओ ने चीन पर करारा हमला करते हुए कहा कि यदि चीन अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करता रहा और स्वतंत्र देशों ने कुछ नहीं किया तो वह और क्षेत्र पर कब्जा कर लेगा. अंतरराष्ट्रीय कानून के जरिये इस विवाद का हल किया जाना चाहिए.

इस क्षेत्र में शांति चाहता है चीन

चीन दक्षिण चीन सागर के जिस बड़े क्षेत्र पर दावा करता है, उसे ‘नौ-डैश लाइन’ के रूप में जाना जाता है. उसने इस इलाके में सैनिकों की पेट्रोलिंग को सही ठहराया है. ब्रुनेई, मलेशिया, फिलीपींस, ताइवान और वियतनाम पहले से ही चीन के दावों का विरोध करते रहे हैं. चीन का कहना है कि वह इस क्षेत्र में शांति चाहता है. वहीं माइक पॉम्पिओ ने कहा कि अमेरिका की नीति शीशे की तरह साफ है. दक्षिण चीन सागर चीन की समुद्री संपत्ति नहीं है.



चीन ने 2016 के फैसले को किया था खारिज
वर्ष 2016 में इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल ने चीन के खिलाफ फैसला सुनाया था. इसमें कहा गया था कि समुद्र के जल और संसाधनों पर ऐतिहासिक रूप से किसी एक देश के नियंत्रण के कोई सबूत नहीं हैं. हालांकि, चीन ने फैसले को खारिज कर दिया।

क्या है दक्षिण चीन सागर विवाद

दक्षिण चीन सागर तीन द्वीपसमूह में बांट हुआ है. चीन लगभग संपूर्ण दक्षिण चीन सागर पर संप्रभुता का दावा करता है और हाल के सालों में उसने इस पर आक्रामकता बढ़ा दी है. अमेरिका ने आधिकारिक रूप से दक्षिण चीन सागर के अपतटीय संसाधनों पर चीन के दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे पूरी तरह बदमाशी का अभियान और अवैध करार दिया है. दक्षिण चीन सागर का यह इलाका इंडोनेशिया और वियतनाम के बीच है, जो करीब 35 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला है. यह माना जाता है कि इस इलाके में स्थित ​पारसेल्स और स्प्रैटिल्स आईलैंड को लेकर विवाद ज्यादा है। जानकारी के मुताबिक, इन द्वीपों के आसपास प्राकृतिक संसाधनों का भंडार हो सकता है.

चीन ने बनाया अपना सैन्य अड्डा

यहां कई प्रकार की मछलियां भी पाई जाती हैं. हाल के कुछ सालों में चीन ने इस क्षेत्र में अपना दबदबा बनाने के लिए बंदरगाह बनाया. साथ ही एक आर्टिफिशियल द्वीप बनाकर सैन्य अड्डे का निर्माण किया. चीन इस इलाके को अपना बताता है और अंतरराष्ट्रीय कानून को मानने से इनकार करता है.

इस क्षेत्र पर चीन ही नहीं 6 देश करते हैं दावा

दक्षिण चीन सागर एशिया के दक्षिण-पूर्व का इलाका है. इस क्षेत्र में चीन के अलावा फिलीपींस, ताइवान, मलेशिया, वियतनाम और ब्रुनेई भी अपना दावा करते हैं. चीन इसके दक्षिण हिस्से में है, वहीं ताइवान दक्षिण-पूर्वी भाग पर अपना दावा करता है. इसके पश्चिमी तट पर फिलीपींस है, जबकि पूर्वी तट वियतनाम और कंबोडिया से सटा है. वहीं, उत्तरी हिस्से में इंडोनेशिया है.

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कई देशों से जुड़े होने के चलते इस इलाके में जहाजों की आवाजाही भी ज्यादा है. यह दुनिया के सबसे बिजी जल-मार्गों में से एक है. जानकारी के मुताबिक, हर साल इस मार्ग से पांच ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा का बिजनेस होता है, जो दुनिया के कुल समुद्री व्यापार का 20% है. यहां पारसेल्स द्वीप पर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैसों का भंडार है. साथ ही इस क्षेत्र में कई प्रकार की मछलियां पाई जाती हैं.
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