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जेफ बेजोस आज स्पेस मिशन पर, सबसे बुजुर्ग और सबसे युवा एस्ट्रोनॉट भी होंगे साथ

इस यात्रा के दौरान बेजोस कुल 11 मिनट तक ही अंतरिक्ष में रहेंगे. (AP)

इस यात्रा के दौरान बेजोस कुल 11 मिनट तक ही अंतरिक्ष में रहेंगे. (AP)

मंगलवार का दिन स्पेस टूरिज्म के लिए बहुत बड़ा साबित होने जा रहा है. AMAZON के फाउंडर जेफ बेजोस (Jeff Bezos) 20 जुलाई को तीन सैलानियों को लेकर अंतरिक्ष की सैर पर जाने वाले हैं.

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    वॉशिंगटन. दुनिया के सबसे बड़े रईसों में शुमार अमेजॉन (AMAZON) के फाउंडर जेफ बेजोस (Jeff Bezos) आज स्पेस मिशन (Space Mission) पर जाने को तैयार हैं. जेफ बेजोस अंतरिक्ष में जाने वाले सबसे पहले अरबपति भले ही न हों, लेकिन वह इस उड़ान के साथ एक नया इतिहास रचने वाले हैं. मंगलवार को बेजोस अपने भाई के साथ स्पेस में जा रहे हैं. इसके साथ ही वह अपने साथ सबसे बुजुर्ग और सबसे युवा ऐस्ट्रोनॉट को लेकर जा रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस यात्रा के दौरान बेजोस कुल 11 मिनट तक ही अंतरिक्ष में रहेंगे.

    बेजोस ने CBS के 'द लेट नाइट शो विद स्टीफेन कोबर' पर अपने साथी यात्रियों से कहा, 'सिट बैक, रिलैक्स, खिड़की के बाहर देखिए और बाहर के नज़ारे को महसूस कीजिए.' बेजोस और उनके भाई मार्क बेजोस जिस रॉकेट से जा रहे हैं, यह पूरी तरह से ऑटोनॉमस है. हालांकि इसमें भी खतरा बना हुआ है.

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    अंतरिक्ष को जीतने का जो सपना अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस ने साल 2000 में देखा था. वो साल 2021 में पूरा होने जा रहा है, जेफ बेजोस के सपने को स्पेस शटल पूरा करेगा. 60 फुट लंबे इसी स्पेस शटल से जेफ बेजोस 20 जुलाई को धरती से अंतरिक्ष की सैर पर जाएंगे. जिस स्पेस शटल 'न्यू शेफर्ड' से 4 टूरिस्ट स्पेस में जाएंगे, उसे बनाने वाली टीम में भारतीय मूल की संजल गवांडे भी शामिल हैं. यानी जेफ बेजोस को अंतरिक्ष भेजने में भारत की बेटी का भी योगदान है.

    टेक्सस में बने लॉन्चिंग पैड से भरेंगे उड़ान
    जेफ बेजोस की कंपनी ब्लू ओरिजिन का स्पेस शटल 'न्यू शेफर्ड' अमेरिका के टेक्सस में बने लॉन्चिंग पैड से लॉन्च होने के लिए तैयार है. जेफ बेजोस का न्यू शेफर्ड रॉकेट एक कैप्सूल के साथ अंतरिक्ष में उड़ेगा. धरती से करीब 80 किलोमीटर की ऊंचाई पर रॉकेट और कैप्सूल अलग-अलग हो जाएंगे. वहां से कैप्सूल धरती से 105 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष की कक्षा में पहुंचेगा.

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    जीरो ग्रैवेटी में 4 मिनट तक रुकेगा कैप्सूल
    जीरो गुरुत्वाकर्षण में ये कैप्सूल 4 मिनट तक रहेगा और उसके बाद कैप्सूल की धरती पर वापसी की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. धरती की कक्षा में आने के बाद कैप्सूल में लगे पैराशूट खुल जाएंगे और कैप्सूल की लैंडिंग टेक्सस के रेगिस्तान में होगी. इस स्पेस टूर में कुल 11 मिनट लगेंगे.

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