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अमेरिका ने भारत की इस Oil कंपनी पर लगाया प्रतिबंध, जानें क्या है वजह?

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने ईरान के साथ तेल की व्यापार कर रही कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने की जानकारी दी. (फोटो-ANI)

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने ईरान के साथ तेल की व्यापार कर रही कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने की जानकारी दी. (फोटो-ANI)

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि ईरान के पेट्रोलियम और पेट्रो-रसायन उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंधों से बचन ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

भारत की पेट्रो-रसायन कंपनी ‘तिबालाजी पेट्रोकेम प्राइवेट लिमिटेड’ पर प्रतिबंध लगाया गया है.
चीन की दो कंपनियों पर अमेरिका द्वारा प्रतिबंध लगाया गया है.
हांगकांग, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात में भी स्थित तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया गया है.

वाशिंगटन. अमेरिका ने ईरानी पेट्रोलियम और पेट्रो-रसायन उत्पादों की ढुलाई और उनके वित्तीय लेन-देन को आसान बनाने को लेकर चीन, हांगकांग, भारत और संयुक्त अरब अमीरात स्थित कई कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं. अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि ईरान के पेट्रोलियम और पेट्रो-रसायन उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंधों से बचने के प्रयासों पर काबू के लिए अमेरिका कार्रवाई कर रहा है. उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय विशेष रूप से चीन में स्थित दो कंपनियों- झोंगगू स्टोरेज एंड ट्रांसपोर्टेशन कंपनी लिमिटेड और डब्ल्यूएस शिपिंग कंपनी लिमिटेड पर प्रतिबंध लगा रहा है. ब्लिंकन ने एक बयान में कहा कि वित्त विभाग ईरान के साथ पेट्रो-रसायन व्यापार करने के लिए आठ अन्य कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगा रहा है, जो हांगकांग, ईरान, भारत और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित हैं.

बयान के अनुसार, भारत की पेट्रो-रसायन कंपनी ‘तिबालाजी पेट्रोकेम प्राइवेट लिमिटेड’ पर प्रतिबंध लगाया गया है. दरअसल, अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते ईरान की ऑयल इकोनॉमी बुरी तरह से प्रभावित हो रही है और देश की अर्थव्यवस्था को भी नुकसान हो रहा है. पिछले दिनों कई ऐसी रिपोर्ट्स सामने आईं, जिसमें दावा किया गया कि ईरान परमाणु क्षेत्र में नई तकनीक को डेवलप कर रहा है, जिससे परमाणु युद्ध की कथित रूप से आशंकाएं तेज हो गई हैं. साथ ही यह भी बात सामने आई कि ईरान जल्द ही परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर कर सकता है, जिससे उसपर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाया जा सकता है.

हालांकि समझौते पर फिर से ईरान को शांत देख अमेरिका ने एक बार फिर कड़ा रुख अख्तियार किया है और ईरान के साथ तेल व्यापार करने वाली कंपनियों को प्रतिबंधित किया है. बता दें कि अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने दक्षिण और पूर्वी एशिया को सैकड़ों मिलियन डॉलर मूल्य के ईरानी पेट्रोकेमिकल और पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री में शामिल कंपनियों के एक नेटवर्क को खासतौर पर प्रतिबंधित किया है.

Tags: America, Iran

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