लाइव टीवी

190 एनकाउंटर करने वाले पाकिस्तानी पुलिस अफसर को अमेरिका ने काली सूची में डाला

भाषा
Updated: December 11, 2019, 5:48 PM IST
190 एनकाउंटर करने वाले पाकिस्तानी पुलिस अफसर को अमेरिका ने काली सूची में डाला
पाकिस्तान के सिंध प्रांत के मलिर जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी सेवा दे चुके राव अनवर अहमद खान पर न्यायेतर हत्याएं करने का आरोप है. Photo.facebook

मुठभेड़ (Fake Encounter) विशेषज्ञ के रूप चर्चित राव अनवर अहमद खान (Rao Anwar Ahmed Khan) पर पाकिस्तान के सिंध प्रांत (Sindh province) के मलिर जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी सेवा दे चुके मुठभेड़ विशेषज्ञ पर न्यायेत्तर हत्याएं करने का आरोप है.

  • Share this:
वाशिंगटन. सेवानिवृत्त पाकिस्तानी पुलिस अधिकारी (Pakistan Police officer) और मुठभेड़ विशेषज्ञ के रूप में चर्चित राव अनवर अहमद खान (Rao Anwar Ahmed Khan) को मानवाधिकार के गंभीर उल्लंघन के मामले में अमेरिका (America) ने काली सूची में डाल दिया है. अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने यह जानकारी दी. पाकिस्तान के सिंध प्रांत (Sindh province) के मलिर जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी सेवा दे चुके मुठभेड़ विशेषज्ञ पर न्यायेतर हत्याएं करने का आरोप है. अमेरिकी वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति नियंत्रण विभाग/ओएफएसी (Office of Foreign Assets Control) ने मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के मौके पर कहा कि अनवर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन के कृत्यों में शामिल हैं.

ओएफएसी ने कहा, ‘अनवर, मलिर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रहते हुए कई फर्जी पुलिस मुठभेड़ (Fake Encounter) में शामिल रहे, जिनमें पुलिस ने लोगों की हत्या की.’ अमेरिका ने कहा कि पूर्व पुलिस अधिकारी फिरौती, जमीन कब्जा करने, मादक पदार्थों की तस्करी और हत्या के कृत्य में भी शामिल रहे. मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पत्रकारों से कहा, ‘अनवर ने मलिर जिले में 190 से अधिक मुठभेड़ों को अंजाम दिया, जिसमें 400 से अधिक लोग मारे गए थे. इनमें से अधिकतर न्यायेत्तर हत्याएं थी.’ उन्होंने बताया कि वजीरिस्तान इलाके में 13 जनवरी 2018 को कराची में फर्जी मुठभेड़ में युवा मसूद की हत्या की कथित पटकथा भी अनवर ने ही लिखी थी.

अनवर कई अपराधों में भी शामिल
अधिकारी ने कहा, ‘अनवर पुलिस और अपराधी व ठगों के नेटवर्क का भी प्रमुख था, जो वसूली, भूमि-अधिग्रहण, मादक पदार्थ की तस्करी और हत्या करने जैसे अपराधों में शामिल था.’ अनवर कराची के सबसे विवादित अधिकारी रहे जो 37 साल की सेवा के बाद 2018 में सेवानिवृत्त हुए थे. ओएफएसी ने अनवर के अलावा म्यांमार, लीबिया, स्लोवाकिया, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, दक्षिण सूडान के 17 लोगों के नाम भी कथित तौर पर गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन करने के आरोप में काली सूची में डाले हैं.

छह कंपनियों को भी प्रतिबंधित किया
काली सूची में डाले गए लोगों से संबद्ध छह कंपनियों को भी प्रतिबंधित किया गया है. ओएफएसी सचिव स्टीवन टी म्नूचिन ने कहा, ‘अमेरिका बेगुनाह नागरिकों के खिलाफ यातना, अपहरण, यौन उत्पीड़न, हिंसा, हत्या और अत्याचार को बर्दाश्त नहीं करेगा.’ उन्होंने कहा, ‘अमेरिका मानवाधिकार उल्लंघन का मुकाबला करने में विश्व नेता है और हम दोषियों की जिम्मेदारी तय करेंगे चाहे वे दुनिया में कही भी हों.’ ‘वॉइस ऑफ कराची’ के प्रमुख नदीम नुसरत ने अमेरिकी वित्त मंत्रालय के फैसले का स्वागत किया और कहा कि वैश्विक स्तर पर मानवाधिकार की रक्षा करने की दिशा में यह ऐतिहासिक कदम है. नुसरत ने कहा, ‘वॉइस ऑफ कराची’ की अपनी टीम और शहरी सिंध में रहने वाले चार करोड़ लोगों की ओर से मैं विश्वस्तर पर मानवाधिकार के हनन करने में शामिल राव अनवर और अन्य के खिलाफ अमेरिकी वित्त मंत्रालय के कदम का स्वागत करता हूं.’

यह भी पढ़ें :- टेरर फंडिंग मामले में दोषी ठहराया गया लश्कर सरगना हाफिज सईद

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए अमेरिका से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 11, 2019, 5:24 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर