अमेरिका में कोरोना की दूसरी लहर, नवंबर में हो सकते हैं 1 करोड़ केस

अमेरिका में कोरोना की दूसरी लहर, नवंबर में हो सकते हैं 1 करोड़ केस
अमेरिका में कोरोना वायरस के कारण 1.35 लाख लोग जान गंवा चुके हैं.

अमेरिका (USA) में कोविड-19 के अब तक 31.58 लाख केस हैं. इस देश में कोरोना की वजह से सबसे अधिक 1.35 लाख मौतें हुई हैं. दुनिया में इस समय 1.21 करोड़ केस हैं और 5.50 लाख लोग जान गंवा चुके हैं. अमेरिका के बाद सबसे अधिक केस ब्राजील (Brazil) और फिर भारत (India) में हैं.

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) का कहर पूरी दुनिया में जारी है. कुछ देश इसकी मार से बुरी तरह पस्त हैं, तो कुछ हजारों जान गंवाने के बाद उबरने में जुटे हैं. अमेरिका (America) जैसे कुछ देश ऐसे भी हैं, जो इसकी पहली मार से ही नहीं उबरे हैं और उन पर इस महामारी ने दूसरा हमला कर दिया है. अमेरिका (United states) में जुलाई में कोरोना वायरस के जिस कदर आंकड़े आ रहे हैं, वह बेहद डरावने हैं. दुनिया की महाशक्ति कहलाने वाले इस देश में अभी करीब 31 लाख केस (Coronavirus Case) हैं. लेकिन ताजा ट्रेंड्स देखकर लग रहा है कि चार-पांच महीने में ही यह संख्या बढ़कर एक करोड़ पहुंच सकती है. ऐसा लगने का कोई वैज्ञानिक कारण है या यह सिर्फ अनुमान है. यह जानने के लिए आपको पूरी खबर पढ़नी होगी.

आगे बढ़ने से पहले हम अमेरिका (USA) और दुनिया के आंकड़ों पर नजर डाल लेते हैं. कोरोना वायरस पर करीबी नजर रखने वाली वेबसाइट वर्ल्डोमीटर के मुताबिक अमेरिका में 8 जुलाई तक 31.58 लाख केस हो चुके हैं. इस देश में ही सबसे अधिक मौतें (1.35 लाख) हुई हैं. दुनिया में इस समय 1.21 करोड़ केस हैं और 5.50 लाख लोग जान गंवा चुके हैं. दुनिया में अमेरिका के बाद सबसे अधिक केस ब्राजील और फिर भारत में हैं. ब्राजील (Brazil) में अब तक 17.16 लाख और भारत (India) में 7.70 लाख लोग कोविड-19 (Covid-19) से संक्रमित हो चुके हैं. भारत में 21 हजार और ब्राजील में 68 हजार लोग इस महामारी के कारण मारे जा चुके हैं.

मई और जून घटने लगे थे केस
अमेरिका में अप्रैल में 30-35 हजार केस रोज आ रहे थे. मई के तीसरे सप्ताह से केस घटने शुरू हुए. 22 मई से लेकर 15 जून तक अगर दो दिन को छोड़ दें तो  25 हजार से कम केस आए. इसी अनुपात में मौत की संख्या भी घट रही थी. उम्मीद की जा रही थी कि अमेरिका में कोराना शायद अपने चरम पर पहुंचकर कम होने लगा है. लेकिन ऐसा नहीं था.
जुलाई में 8 दिन में बढ़े 4 लाख केस


अमेरिका में जुलाई के महीने में महज 8 दिन में 4.32 लाख केस आ गए हैं. यानी, औसतन रोजाना 54 हजार केस. यह संख्या देखकर उन वैज्ञानिकों का दावा सही होता नजर आ रहा है, जिन्होंने चेताया था कि कई देशों में कोरोना वापसी करेगा और ज्यादा खतरनाक होकर कहर बरपाएगा. अमेरिका में 8 जुलाई को 61 हजार केस आए.

15 अगस्त तक 50 लाख केस होंगे
अमेरिका में कोरोना के बढ़ने की मौजूदा रफ्तार अगर बरकरार रहती है तो 31 जुलाई तक 42 लाख से अधिक केस हो जाएंगे. इसी तरह 15 अगस्त तक अमेरिका में 50 लाख केस आ सकते हैं. नवंबर के आखिरी सप्ताह में यह संख्या एक करोड़ पहुंच सकती है.

ब्राजील में भी बुरे हालात
अमेरिका के बाद सबसे बुरे हालात ब्राजील में हैं. यहां रोजाना तकरीबन 30-40 हजार केस आ रहे हैं. यानी हर 5-6 दिन में दो लाख केस बढ़ जा रहे हैं. यदि यही सिलसिला जारी रहा तो ब्राजील में 15 अगस्त तक 30 लाख से अधिक केस हो जाएंगे. अभी यहां 17 लाख केस हैं.

डोनाल्ड ट्रंप की जल्दबाजी भी वजह
हालांकि, अभी यह नहीं कहा जा सकता कि अमेरिका में कोरोना वायरस की दूसरी लहर आ गई है. इस बारे में अलग-अलग रिपोर्टें आती रही हैं, जिनमें दूसरी लहर की टाइमिंग सितंबर-अक्टूबर को बताया जा रहा है. हां, अमेरिका में कोरोना के तेजी से फैलने की एक वजह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का इस महामारी को गंभीरता से नहीं लेना भी रहा है. उन्होंने शुरुआत में कोरोना वायरस का मजाक तक उड़ाया. अब जब देश में 50 हजार से अधिक केस रोज आ रहे हैं, तब वे स्कूल खोलने के लिए दबाव बना रहे हैं. अमेरिका में नवंबर तक चुनाव भी होने हैं. चुनाव के कारण भी अमेरिका में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने में मुश्किलें आने वाली हैं.
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