कोरोना वायरस को रोकने के लिए अमेरिकी में बनी नई दवा EIDD-2801, ट्रायल शुरू

कोरोना वायरस को रोकने के लिए अमेरिकी में बनी नई दवा EIDD-2801, ट्रायल शुरू
कोरोना वैक्सीन का जर्मनी सबसे पहले इंसानों पर करेगा क्लीनिकल ट्रायल

दुनियाभर में कोरोना वायरस से 20 लाख लोग संक्रमित हैं जबकि 1.26 लाख लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. अमेरिकी वैज्ञानिकों ने इस दवा को रिलीफ ड्रग का नाम दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 15, 2020, 9:18 AM IST
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वॉशिंगटन. कोरोना वायरस (Coronavirus) से लड़ने के लिए अमेरिका (america) के वैज्ञानिकों ने नई दवा तैयार कर ली है. अमेरिकी वैज्ञानिकों का दावा है कि इस नई दवा (drug) से डैमेज फेफड़े को कंट्रोल किया जा सकता है. वैज्ञानिकों ने EIDD-2801 नामकी इस दवा का प्रयोग से कोरोना संक्रमित चूहों और इंसानी फेफड़ों को ठीक करने में सफलता हासिल कर ली है. अब इस दवा का इस्तेमाल कोरोना संक्रमित मरीजों पर किया जाएगा. अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने इस दवा को इंसानों पर ट्रायल करने की अनुमति दे दी है.

दुनियाभर में कोरोना वायरस से 20 लाख लोग संक्रमित हैं, जबकि 1.26 लाख लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. कोरोना वायरस सबसे पहले फेफड़े पर हमला करता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत होने लगती है. अगर इस पर जल्द ही काबू नहीं पाया गया तो इंसान की मौत हो जाती है. ऐसे में अमेरिकी वैज्ञानिकों की ओर से तैयार की गई दवा EIDD-2801 अगर कारगर साबित होती है तो दुनिया को वैश्विक महामारी से बचाया जा सकेगा.

अमेरिकी वैज्ञानिकों ने इस दवा को रिलीफ ड्रग का नाम दिया है. शोधकर्ताओं के मुताबिक दवा का इस्तेमाल कोरोना संक्रमित चूहों और इंसानी फेफड़ों की कोशिकाओं पर किया जा चुका है और इसके सकारात्म परिणाम देखने को मिले हैं. अब इस दवा का इस्तेमाल कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों पर किया जाएगा.



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12 से 24 घंटे लगते है दवा को काम करने में
इमोरी यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ माइक्रोबायलॉजी एंड इम्यूनोलॉजी के प्रोफेसर रॉल्फ बेरिक का कहना है EIDD-2801 दवा डैमेज फेफड़ों को कंट्रोल करने में 12 से 24 घंटे तक का समय लगाती है. खास बात ये है कि इससे इंसानों का वजन भी नहीं घटता है. चूहों पर इसकी पुष्टि की जा चुकी है. साइंस ट्रांजेशनल मेडिसिन जर्नल के मुताबिक इस दवा के इस्तेमाल से वायरस की गतिविधि को रोकने में काफी मदद मिलती है.

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टैबले के रूप में मरीजों को दी जाएगी ये दवा
शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि यह दवा कोरोनावायरस से लड़ने में पूरी तरह से कारगर साबित होगी. इमोरी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने बताया कि अभी तक मरीजों को जो भी दवाएं दी जा रही हैं वह वैक्सीन के जरिए मिल रही हैं लेकिन इस दवा को टैबलेअ के रूप में मरीजों को खिलाया जा सकेगा.शोधकर्ताओं के मुताबिक EIDD-2801 पूरी तरह से एंटी-कोरोनावायरस ड्रग है, जो खासतौर पर कोरोना को रोकने के लिए काम करेगी.

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