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CIA ने बदली अपनी रणनीति, अफगानिस्तान के बाद चीन पर अब पूरा फोकस, अधिकारियों की भी जिम्मेदारी बदल रही

CIA ने बदली अपनी रणनीति, अफगानिस्तान के बाद चीन पर अब पूरा फोकस, अधिकारियों की भी जिम्मेदारी बदल रही

अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने कहा कि वह अपने संसाधनों का इस्तेमाल अब चीन से निपटने में करेगा. फोटो साभारः @CIA

अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने कहा कि वह अपने संसाधनों का इस्तेमाल अब चीन से निपटने में करेगा. फोटो साभारः @CIA

CIA focussing on China: अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने कहा कि अफगानिस्तान में सैन्य अभियान के बाद अब एजेंसी का धन और संसाधन चीन पर पैनी नजर रखने के लिए तैयार है. इस संबंध में खुफिया एजेंसी की हाल ही में बैठक हुई है.

  • ए पी
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वाशिंगटन. अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी को अब लगभग एक साल हो रहा है. तब से लेकर अब तक अमेरिकी राष्ट्रपति, प्रशासकों या खुफिया एजेंसियों ने आतंकवाद पर कम ही बोला है. इस बीच अफगानिस्तान में सैन्य वापसी के एक साल बाद अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने एक बैठक की है जिसमें एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि हालांकि अब भी सीआईए के लिए अल-कायदा और अन्य कट्टरपंथी आतंकी समूह प्राथमिकता में रहेगी लेकिन अब एजेंसी के धन और संसाधनों का अधिकतर इस्तेमाल चीन से निपटने में किया जाएगा. अधिकारी ने कहा कि अल कायदा प्रमुख अल-जवाहिरी की मौत के बाद भी सीआईए के लिए आतंकवाद प्राथिमिकता में रहेगी. सीआईए ने आतंकवाद से निपटने में अपने विचार नहीं बदले हैं.

गौरतलब है कि राष्ट्रपति जो बाइडेन पिछले एक साल के दौरान अक्सर चीन और रूस द्वारा उत्पन्न राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य खतरों से निपटने पर अधिक जोर दिया है. उन्होंने आतंकवाद पर बहुत कम बोला है. यही कारण है कि सीआईए में आतंकवाद पर काम कर रहे कई वरिष्ठ अधिकारियों को चीन से निपटने के लिए विभिन्न पदों पर नियुक्त किया गया है. कई अधिकारियों को महत्वपूर्ण नई जिम्मेदारियां दी जा रही है. जिस तरह से सीआईए अधिकारियों की बैठक हुई है और घटनाक्रम दिख रहा है उससे साफ है कि अमेरिका को आतंकवाद और चीन दोनों से एक साथ निपटना होगा.

हाल ही में नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद चीन और अमेरिका के बीच टकराव और बढ़ गया है. चीन ने अमेरिका से सभी संबंधों को खत्म करने की धमकी दी है. चीन की बढ़ती राजनीतिक और आर्थिक महत्वाकांक्षाओं से अमेरिका लंबे समय से चिंतित है. चीन ने कथित तौर पर दूसरे देशों के चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की है. साइबर और कॉर्पोरेट क्षेत्र में जासूसी अभियान चलाए और लाखों अल्पसंख्यक उइगरों को हिरासत में लिया है. कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि आने वाले वर्षों में चीन, ताइवान के स्व-शासित लोकतांत्रिक द्वीप पर बलपूर्वक कब्जा करने की कोशिश करेगा.

Tags: America, China, CIA

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