Covid-19 Vaccine: कंपनी का दावा- एस्ट्राजेनेका वैक्सीन कोरोना के खिलाफ 79% असरदार

ब्रिटिश दवा कंपनी ने सोमवार को 30,000 वॉलंटियर्स पर किए गए स्टडी का डाटा प्रकाशित किया.

ब्रिटिश दवा कंपनी ने सोमवार को 30,000 वॉलंटियर्स पर किए गए स्टडी का डाटा प्रकाशित किया.

ब्रिटेन ने ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और अपने देश में हुए एस्ट्राजेनेका वैक्सीन (AstraZeneca Vaccine) के आंशिक परिणामों के आधार पर वैक्सीन को इस्तेमाल की मंजूरी दी थी. इसमें बताया गया था कि वैक्सीन 70 फीसदी तक प्रभावी है. इसके बाद बुजुर्गों पर इस वैक्सीन की प्रभावकारिता को लेकर सवाल खड़े हुए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 23, 2021, 7:50 PM IST
  • Share this:
Covid-19 Vaccination Drive: हाल के दिनों में एस्ट्राजेनेका वैक्सीन (AstraZeneca Vaccine) लगने के बाद ब्लड क्लॉटिंग (खून का थक्का जमना) के मामले सामने आए थे. इसके बाद कई मुल्कों में इसके इस्तेमाल पर रोक लग गई थी. इस बीच एस्ट्राजेनेका फार्मास्युटिकल कंपनी और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से तैयार की गई इस वैक्सीन का एक टेस्टिंग रिजल्ट आया है. अमेरिका में हुई एक टेस्टिंग में एस्ट्राजेनेका वैक्सीन 79 फीसदी तक प्रभावी रही है. ऐसे में इसे जल्द ही अमेरिकी प्रशासन से इस्तेमाल की मंजूरी मिल सकती है.

ब्रिटिश दवा कंपनी ने सोमवार को 30,000 वॉलंटियर्स पर किए गए स्टडी का डाटा प्रकाशित किया. इसमें शामिल किए गए एक चौथाई वॉलंटियर्स 65 साल से अधिक उम्र के थे. इससे पहले पिछले साल हुई स्टडी में 65 साल से अधिक उम्र के कम लोगों के शामिल नहीं होने के चलते इससे प्राप्त डाटा एक निर्णायक नतीजा देने में असफल रहा था. एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड द्वारा तैयार ये वैक्सीन गंभीर बीमारी, मृत्यु और अस्पताल में भर्ती होने की दर को रोकने में 100 फीसदी प्रभावी रही है. इन नतीजों के सामने आने के बाद दुनियाभर में वैक्सीन की विश्वसनीयता में इजाफा होगा.

Youtube Video


Corona का कहर! दुनिया में वायरस से मौत का आंकड़ा 27 लाख के पार
हाल ही में ब्लड क्लॉटिंग के मामलों के चलते वैक्सीन की विश्वसनीयता और प्रभावकारिता को लेकर सवाल उठ खड़े हुए थे. खासतौर पर यूरोप के कई मुल्कों ने ब्लड क्लॉटिंग के मामलों के चलते इसके प्रयोग पर रोक लगा दी थी. हालांकि, एस्ट्राजेनेका वैक्सीन को दुनियाभर के 50 से अधिक मुल्कों में इस्तेमाल की मंजूरी मिली हुई है, लेकिन अभी तक इसे अमेरिका में प्रयोग के लिए हरी झंडी नहीं दिखाई गई थी.

ब्रिटेन ने सबसे पहले दी थी वैक्सीन को इस्तेमाल की मंजूरी

ब्रिटेन ने ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और अपने देश में हुए वैक्सीन के आंशिक परिणामों के आधार पर वैक्सीन को इस्तेमाल की मंजूरी दी थी. इसमें बताया गया था कि वैक्सीन 70 फीसदी तक प्रभावी है. इसके बाद बुजुर्गों पर इस वैक्सीन की प्रभावकारिता को लेकर सवाल खड़े हुए. जर्मनी, फ्रांस और बेल्जियम जैसे यूरोपीय मुल्कों ने इसे बुजुर्गों को नहीं लगाने की सलाह दी. वहीं, वरिष्ठ नागरिकों को लेकर सामने आए परीक्षण नतीजों के बाद इसे इस्तेमाल की मंजूरी दे दी.



आर्थिक संकट झेल रहे पाकिस्तान में Corona वैक्सीन भी मंहगी, जानें कितनी है कीमत...

18 मार्च को सुरक्षित करार दी गई थी ये वैक्सीन

18 मार्च को यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी (ईएमए) ने वैक्सीन को सुरक्षित घोषित कर दिया. अन्य वैक्सीनों के समान एस्ट्राजेनेका (एजेड) वैक्सीन लाखों लोगों में सुरक्षित पाई गई है. वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल में 38% लोगों ने कम से कम एक साइड इफेक्ट बताया था जैसे कि इंजेक्शन के स्थान पर दर्द, सिरदर्द या बुखार. डमी इंजेक्शन लगवाने वाले 28% लोगों ने भी यह शिकायत की थी. दोनों में से किसी ग्रुप के एक प्रतिशत से कम लोगों को कोई गंभीर बीमारी हुई थी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज