अमेरिका ने सीरिया में ईरानी समर्थित मिलिशिया के ठिकानों पर की एयरस्ट्राइक

एक्सपर्ट्स ने कहा है कि इससे 2 लाख अप्रवासियों की अमेरिकी नागरिकता पाने में मदद मिलेगी.' (flickr)

एक्सपर्ट्स ने कहा है कि इससे 2 लाख अप्रवासियों की अमेरिकी नागरिकता पाने में मदद मिलेगी.' (flickr)

अमेरिका ने यह हवाई हमला ईरान (Iran)समर्थित मिलिशिया के ठिकानों पर किया है. इस एयर स्ट्राइक को राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने मंजूरी दी थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 26, 2021, 8:31 AM IST
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वॉशिंगटन.  अमेरिका (America) ने गुरुवार को सीरिया में एक हवाई हमले को अंजाम दिया. दो अधिकारियों ने रायटर को बताया कि इराक में अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ रॉकेट हमलों की प्रतिक्रिया है. बताया गया कि अमेरिका ने यह हवाई हमला ईरान (Iran)समर्थित मिलिशिया के ठिकानों पर किया है. अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस एयर स्ट्राइक को राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मंजूरी दी थी. समाचार एजेंसी रायटर्स के अनुसार अब तक पेंटागन ने इस मामले पर कोई जवाब नहीं दिया है.

एक अधिकारी ने कहा कि यह एयर स्ट्राइक इराक में हाल में हुए रॉकेट हमलों के जवाब में की गई. समाचार लिखे जाने तक नुकसान के साथ और किसी  अमेरिकी के हताहत होने की जानकारी नहीं मिल सकी थी. बीते कुछ वर्षों में कई बार जवाबी अमेरिकी सैन्य हमले हुए हैं.

सहयोगियों के साथ सलाह मशविरे भी लिये- पेंटागन
2019 के आखिर से अमेरिकी सेनाओं ने रॉकेट हमलों के जवाब में इराक और सीरिया में कटिब हिजबुल्लाह मिलिशिया समूह के खिलाफ बड़े हमले किए. एयर स्ट्राइक के बाद अमेरिकी  रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने कहा 'मैं आश्वस्त हूं कि जिस ठिकाने पर हमला किया गया है उसका इस्तेमाल शिया आतंकवादियों द्वारा किया जा रहा था जिसने हमले किए थे.'
इससे पहले पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई एक 'सैन्य प्रतिक्रिया' थी जिसे कूटनीतिक उपायों को ध्यान में रखते हुए  सहयोगियों के साथ सलाह मशविरे भी लिये गये.  वहीं नोट्रे डेम लॉ स्कूल में प्रोफेसर मैरी एलेन ओ'कोनेल ने अमेरिकी हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन के रूप में आलोचना की.



इराक में अमेरिका ने  2,500 कर्मियों तक सीमित कर दिया है. अब इस्लामिक स्टेट समूह के खिलाफ चल रहे अभियानों में इराकी बलों के साथ युद्ध अभियानों में हिस्सा नहीं ले रहे हैं. गौरतलब है कि खुद को सरया अवलिया अल-दम कहने वाले शिया आतंकवादी समूह ने  15 फरवरी के हमले की जिम्मेदारी ली थी. एक हफ्ते बाद बगदाद के ग्रीन जोन में एक रॉकेट हमला अमेरिकी दूतावास परिसर को निशाना बनाया गया था  लेकिन किसी को चोट नहीं पहुंची.
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