प्रतिबंधों को लेकर चीन ने अमेरिका को दी 'नतीजे' भुगतने की चेतावनी

प्रतिबंधों को लेकर चीन ने अमेरिका को दी 'नतीजे' भुगतने की चेतावनी
चीन ने प्रतिबंधों को लेकर अमेरिका के समक्ष विरोध दर्ज कराया

चीन ने अमेरिका के समक्ष राजनयिक विरोध दर्ज कराया. साथ ही प्रतिबंध वापस नहीं लेने पर ‘परिणाम’ भुगतने की चेतावनी दी.

  • भाषा
  • Last Updated: September 21, 2018, 9:38 PM IST
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रूस से हथियार खरीदे जाने को लेकर अपनी सैन्य इकाई पर दंडात्मक प्रतिबंध लगाए जाने से चीन नाराज चल रहा है. चीन ने इसको लेकर शुक्रवार को अमेरिका के समक्ष राजनयिक विरोध दर्ज कराया. साथ ही प्रतिबंध वापस नहीं लेने पर ‘नतीजे’ भुगतने की चेतावनी दी.

चीन के रक्षा मंत्रालय के उपकरण विकास विभाग (ईडीडी) ने रूस के सुखोई सु-35 लड़ाकू विमान और एस-400 सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल की खरीद की है. इसे अमेरिका के विदेश विभाग ने गुरुवार को रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करार दिया था.

व्हाइट हाउस की तरफ से गुरुवार को लगाए गए प्रतिबंधों में ईडीडी और उसके निदेशक ली शांगफु दोनों के नाम शामिल हैं.



यह पहला मौका है जब ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका के विरोधी देशों से प्रतिंबधों के जरिए निपटने के अधिनियम (काटसा) के तहत किसी तीसरे देश को निशाना बनाया है.
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अमेरिकी कदम पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा, “अमेरिका की इस अकारण कार्रवाई से चीन बहुत अधिक नाराज है और उसने कड़ा विरोध जाहिर किया है.”

उन्होंने कहा, “अमेरिका ने उन बुनियादी चीजों का उल्लंघन किया है, जिसके आधार पर अंतरराष्ट्रीय रिश्ते चलते हैं. उसने सैन्य संबंधों सहित दोनों देशों के बीच के रिश्ते को नुकसान पहुंचाया है.”

शुआंग ने कहा, “हम अमेरिकी पक्ष से इस गलती को सुधारने और प्रतिबंध को वापस लेने का आग्रह करते हैं. नहीं तो उसे सभी तरह के परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा.”

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