अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने माना, मानव निर्मित नहीं है कोरोना वायरस, लेकिन वुहान लैब का सच जान कर रहेंगे

अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने माना, मानव निर्मित नहीं है कोरोना वायरस, लेकिन वुहान लैब का सच जान कर रहेंगे
मुंबई में हालात चिंताजनक हैं.(प्रतीकात्मक फोटो)

अमेरिकी खुफिया एजेंसी (US Intelligence) ने कहा कि वो अभी भी ये जानने में जुटे हैं कि वायरस का पहला संक्रमण चमगादड़ से इंसान में हुआ या फिर वुहान (Wuhan) की वायरोलॉजी लैब में किसी दुर्घटना का नतीजा है.

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दुनियाभर में कोरोनावायरस (Coronavirus) से कोहराम मचा हुआ है. कोरोनावायरस को लेकर तमाम आरोप-प्रत्यारोप चीन (China) पर लग रहे हैं. ये दावा किया जा रहा है कि चीन के वुहान (Wuhan) की वायरॉलॉजी लैब से ये वायरस निकला है. कई कॉन्सपिरेसी थ्योरियां वायरस के मानव निर्मित होने का दावा कर रही हैं. ये तक कहा जा रहा है कि चीन ने कोरोनावायरस के जरिए जैविक हथियार तैयार किया है. इन्ही दावों की पड़ताल में जुटी अमेरिका की खुफिया एजेंसी का मानना है कि कोरोनावायरस मानव निर्मित नहीं है और इसमें अनुवांशिक हेरफेर नहीं किए गए हैं.

अमेरिका की खुफिया एजेंसियों ने कोरोनावायरस के मानव निर्मित  होने की थ्योरी को खारिज़ कर दिया है. डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस के मुताबिक कोरोनावायरस के मानवनिर्मित  होने की साज़िश थ्योरी गलत है. अमेरिका खुफिया एजेंसी ने इसके साथ ही वायरस में किसी भी तरह के अनुवांशिक बदलाव की संभावना को भी खारिज़ कर दिया है.

अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने कहा कि वो अभी भी ये जानने में जुटे हैं कि वायरस का पहला संक्रमण चमगादड़ से इंसान में हुआ या फिर वुहान की वायरोलॉजी लैब में किसी दुर्घटना का नतीजा है. हाल ही में अमेरिकी अखबार वाशिंगटन टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सरकार ने कहा था कि कोरोनावायरस के वुहान लैब से फैलने की सबसे ज्यादा संभावना है.



दरअसल, कोरोनावायरस को लेकर पूरी दुनिया चीन को संदेह की नज़र से देख रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने सबसे पहले ये कहा था कि कोरोनावायरस वुहान की लैब से एक इंटर्न की गलती की वजह से लीक हुआ. ट्रंप के अलावा फ्रांस के नोबल प्राइज विजेता वायरस विशेषज्ञ ने कहा कि ये वायरस प्राकृतिक रूप से पैदा नहीं हुआ बल्कि कोरोनावायरस औद्योगिक हादसे का नतीजा हो सकता है.
अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा है कि चीन को वुहान लैब में अमेरिकी जांचकर्ताओं को खोजबीन की इजाज़त देनी चाहिए. दो सप्ताह पहल ही पोम्पियो ने कहा था कि, 'हम ये जानते हैं कि  वुहान के सी-फूड मार्केट से कुछ दूरी पर वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी मौजूद है.'

हाल के दिनों में कोरोना महामारी को लेकर ट्रंप ने चीन पर तीखे हमले किए हैं और दुनिया को ये समझाने  की कोशिश की गई है कि दुनिया में दो लाख से ज्यादा जानें लेने वाला और 30 लाख से ज्यादा लोगों को संक्रमित करने वाला कोरोनावायरस चीन की वुहान लैब से ही बाहर निकला है.

लेकिन इंटेलिजेंस कम्यूनिटी भी व्यापक वैज्ञानिक सहमति के साथ इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि COVID-19 वायरस मानव निर्मित या आनुवंशिक रूप से संशोधित नहीं था. ऐसे में अभी भी मानव शरीर में वायरस के संक्रमण की वजह साफ नहीं हो सकी है.

वहीं चीन लगातार वुहान की लैब से वायरस के लीक होने के आरोपों पर भड़क रहा है. चीन की सफाई पर दुनिया को भरोसा नहीं हो रहा है. चीन ने वुहान की लैब से वायरस लीक होने को मनगढ़ंत और झूठा करार दिया है. चीन की वुहान की वायरोलॉजी लैब में एक अनुमान के मुताबिक 15 सौ से ज्यादा जानलेवा वायरस मौजूद हैं जिन पर चीनी वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं. बताया जाता है कि चीन की इस लैब को अमेरिका की तरफ से भी फंडिंग मिल रही थी.
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