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Moderna ने Pfizer पर किया केस, कोरोना वैक्सीन को विकसित करने में पेटेंट्स से छेड़छाड़ का आरोप लगाया

एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि फाइजर और मॉडर्ना की वैक्सीन सालों तक आपको कोरोना वायरस से सुरक्षा दे सकती है.

एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि फाइजर और मॉडर्ना की वैक्सीन सालों तक आपको कोरोना वायरस से सुरक्षा दे सकती है.

Moderna Suing Pfizer and BioNTech: कंपनी ने एक बयान में कहा, "मॉडर्ना का मानना ​​है कि फाइजर और बायोएनटेक की कोविड -19 ...अधिक पढ़ें

वॉशिंगटन. अमेरिका की फार्मास्यूटिकल और बायोटेक्नोलॉजी कंपनी मॉडर्ना (Moderna) ने अपनी प्रतिद्वंद्वी कोविड वैक्सीन (Covid Vaccine Company) निर्माता फाइजर (Pfizer) और बायोएनटेक (BioNTech) पर मुकदमा दर्ज किया है. मॉर्डना ने फाइजर और बायोएनटेक पर उनके कोविड-19 शॉट को विकसित करने में पेटेंट का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है. कंपनी ने शुक्रवार को बयान जारी कर इसकी जानकारी दी. न्यूज एजेंसी AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, मैसाचुसेट्स में अमेरिकी जिला अदालत और जर्मनी के डसेलडोर्फ में क्षेत्रीय अदालत में ये मुकदमा दर्ज किया गया.

कंपनी ने एक बयान में कहा, “मॉडर्ना का मानना ​​है कि फाइजर और बायोएनटेक की कोविड -19 वैक्सीन कॉमिरनेटी ने मॉडर्ना की मूलभूत mRNA तकनीक को कवर करते हुए 2010 और 2016 के बीच दायर किए गए पेटेंट मॉडर्न का उल्लंघन किया है.” मॉडर्ना ने कहा, “यह अभूतपूर्व तकनीक मॉडर्ना के अपने mRNA कोविड -19 वैक्सीन, स्पाइकवैक्स के विकास के लिए महत्वपूर्ण थी. फाइजर और बायोएनटेक ने कॉमिरनेटी बनाने के लिए मॉडर्ना की अनुमति के बिना इस तकनीक की नकल की है.”

मॉडर्न और फाइजर-बायोएनटेक शॉट्स में उपयोग की जाने वाली एमआरएनए तकनीक पारंपरिक टीकों से भिन्न होती है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को पहचानने में मदद करती है. साथ ही ये एंटीबॉडी बनाने के लिए वायरस को कमजोर या मृत रूपों को इंजेक्ट करने पर भी मदद करती है.

इसके बजाय, mRNA के टीके कोशिकाओं को निर्देश देते हैं कि वे वायरस की सतह पर पाए जाने वाले स्पाइक प्रोटीन का एक हानिरहित टुकड़ा बनाएं, जो कोविड-19 का कारण बनता है. इस स्पाइक प्रोटीन को बनाने के बाद कोशिकाएं असली वायरस को पहचान सकती हैं और उससे लड़ सकती हैं.
एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि फाइजर और मॉडर्ना की वैक्सीन सालों तक आपको कोरोना वायरस से सुरक्षा दे सकती है. स्टडी में कहा गया है कि फाइजर-बायोएनटेक और मॉडर्ना की कोविड-19 वैक्सीन आपको तब तक कोरोना से सुरक्षा प्रदान कर सकती है, जब तक कोरोना वायरस भयानक म्यूटेशन न कर ले. ये ऐसी ही स्थिति है जैसे मीसल्स, मम्प्स और रुबेला की MMR वैक्सीन आपको सालों तक इन बीमारियों से बचाती है. लेकिन इंफ्लूएंजा के लिए हर साल नई वैक्सीन का इंतजार रहता है. क्योंकि उसका वायरस खुद को बदल कर और संक्रामक कर लेता है.

mRNA वैक्सीन ने दुनियाभर के एक्सपर्ट की उम्मीदों से बेहतर परफॉर्म किया है. इन दोनों कंपनियों की वैक्सीन ने SARS-CoV-2 के खिलाफ उम्दा क्षमता दिखाई है. यहां तक कि इन वैक्सीन का प्रभाव कोरोना के नए वैरिएंट्स पर भी अच्छा है. यह जानने के लिए कि दोनों वैक्सीन की क्षमता कितनी है, रिसर्चर्स ने 41 लोगों की टीम पर शोध किया. इन लोगों ने फाइजर-बायोएनटेक की वैक्सीन की दोनों डोज ली. इनमें से आठ को पहले ही कोविड-19 का संक्रमण हुआ था.

Tags: 10 common symptoms of Coronavirus, Coronavirus, Covid vaccine, Moderna, Pfizer, Pfizer-BioNTech

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