COVID-19 संकट के दौरान भारत की सहायता के लिए अमेरिकी संसद में प्रस्ताव पेश

भारत की सहायता के लिए अमेरिकी संसद में प्रस्ताव पेश.

भारत की सहायता के लिए अमेरिकी संसद में प्रस्ताव पेश.

भारत और अमेरिका के रिश्ते महामारी के दौर में और गहरे हुए हैं. जब पिछले साल अमेरिका में कोरोना से त्राहि-त्राहि मची थी तो भारत उसकी मदद के लिए दवाइयां और मेडिकल असिस्टेंस भेज रहा था. इस साल जब यही आपदा भारत पर आई तो अमेरिका भारत के सहयोग में साथ खड़ा है.

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वाशिंगटन. कोरोना वायरस के संक्रमण ने भारत में हालात ऐसे कर दिए, कि मेडिकल उपकरणों की कमी से उबरने से देश को वक्त लग रहा है. इस दौरान दुनिया के कई देशों ने भारत की ओर मदद का हाथ बढ़ाया. ऐसे देशों में अमेरिका भी शुमार है. अमेरिकी सांसदों के एक समूह ने प्रतिनिधि सभा में एक प्रस्ताव पेश किया है. प्रस्ताव में बाइडन प्रशासन से कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए भारत को दी जाने वाली सहायता लगातार बढ़ाने के प्रयास जारी रखने का अनुरोध किया गया है.

सांसद ब्रैड शेर्मन और स्टीव चाबोट द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव में अमेरिकी प्रशासन से निजी क्षेत्र के साथ मिलकर भारत को चिकित्सा सहायता सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह किया गाय है. इसके साथ ही अतिरिक्त और तत्काल आधार पर ऑक्सीजन प्रोड्यूसिंग यूनिट, क्रायोजेनिक ऑक्सीजन टैंकर और कंटेनर समेत अन्य आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति पर कार्य किए जाने का भी अनुरोध किया गया.

देश में कोविड-19 के प्रसार की रोकथाम के लिए भारत के लोगों के साथ खडे़ होने के इस प्रस्ताव में प्रशासन की ओर से भारत को तत्काल मुहैया करायी गई चिकित्सा सहायता और टीके के कच्चे माल की आपूर्ति के लिए अब तक हुए प्रयासों की सराहना भी की गई है. प्रस्ताव में कहा गया है कि अमेरिका के निजी क्षेत्र ने भी भारत में राहत उपलब्ध कराने के प्रयास में योगदान देते हुए देशभर के अस्पतालों के लिए 1,000 वेंटिलेटर और 25000 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था 'जरूरत के वक्त हम साथ हैं'

अमेरिका से 400 ऑक्सीजन सिलेंडर्स, करीब 10 लाख कोरोना टेस्ट किट और अन्य उपकरणों की सप्लाई अमेरिका कोरोना के बेहद भयानक दौर में कर चुका है. इस दौरान अमेरिकी दूतावास की ओर से ये भी ट्वीट किया गया था कि 70 सालों की दोस्ती में अमेरिका भारत के साथ हमेशा रहा है. भारत को अमेरिकी कंपनियों और लोगों की ओर से डोनेट किए गए उपकरण भी मिले हैं.


कोरोना संकट के दौर में पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच बातचीत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत को पूर्ण सहयोग देने की अपील की थी और ट्वीट कर लिखा था - 'जैसे भारत ने कोरोना के शुरुआती दिनों में अमेरिका को मदद की थी, जब अस्पताल दबाव में थे. अब भारत की इस जरूरत के वक्त में हम उसके साथ हैं.'

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