कोरोना की जंग: अमेरिका को मिली सफलता, टीके का बंदरों में दिखा पॉजिटिव प्रभाव

कोरोना की जंग: अमेरिका को मिली सफलता, टीके का बंदरों में दिखा पॉजिटिव प्रभाव
अमेरिका में कोरोना वायरस के टीके का बंदरों पर अच्छा प्रभाव दिखा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

कोविड-19 (Covid-19) ) की रोकथाम के लिए अमेरिकी जैव प्रौद्योगिकी कंपनी मॉडर्ना (Moderna) द्वारा विकसित टीका कोरोना वायरस (Coronavirus Vaccine) के प्रसार को रोकने में प्रभावित साबित हुआ है. यह प्रयोग बंदरों में कोरोना वायरस के प्रसार को लेकर ​की गई थी. एमआरएनए-1273 नाम

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वाशिंगटन. कोविड-19 (Covid-19) ) की रोकथाम के लिए अमेरिकी जैव प्रौद्योगिकी कंपनी मॉडर्ना (Moderna Company) द्वारा विकसित टीका कोरोना वायरस (Coronavirus Vaccine) के प्रसार को रोकने में प्रभावित साबित हुआ है. यह प्रयोग बंदरों में कोरोना वायरस के प्रसार को लेकर ​की गई थी. एमआरएनए-1273 नाम का यह टीका मॉडर्ना और अमेरिका के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इन्फेक्शस डिसीज के वैज्ञानिकों ने मिलकर तैयार किया है. बंदरों पर किए गए इस टीके के परीक्षण परिणाम ‘न्यू इंग्लैण्ड जर्नल ऑफ मेडिसिन’ में प्रकाशित हुए हैं.

आठ बंदरों को तीन समूहों में बांटकर दिया गया टीका

इस अनुसंधान में शामिल आठ बंदरों को तीन समूहों में बांटकर 10 या 100 माइक्रोग्राम के दो इंजेक्शन दिए गए. अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि टीका मिलने के बाद बंदरों में सार्स-कोव-2 को नियंत्रित करने वाली एंटीबॉडी काफी संख्या में उत्पन्न हो गईं.



रूस ने किया यह दावा...
रूस से अच्छी खबर आई है कि दो हफ्तों के भीतर कोरोना वायरस की वैक्सीन बाजार में उपलब्ध होगी. रूस के वैज्ञानिकों का दावा है कि अगस्त के मध्य तक कोरोना वायरस की पहली वैक्सीन (First Vaccine Of Coronavirus in the World) को मंजूरी मिल सकती है. इसका मतलब यह हुआ कि रूस कोरोना वायरस की वैक्सीन बाजार में बहुत जल्दी ला रहा है. रूसी अधिकारियों और वैज्ञानिकों ने सीएनएन चैनल को बताया कि वे वैक्सीन की मंजूरी के लिए 10 अगस्त या उससे पहले लाने की दिशा में काम कर रहे हैं.

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इस वैक्सीन को मास्को स्थित गामालेया इंस्टीट्यूट में बनाया गया है. इस इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों का दावा है कि वे इस वैक्सीन को आम जनता के उपयोग के लिए 10 अगस्त तक मंजूरी दिलवा लेंगे. उनका कहना है कि यह वैक्सीन सबसे पहले कोरोना वायरस से जंग लड़ रहे स्वास्थ्यकर्मियों को दी जाएगी. इसके पीछे उनका उद्देश्य यह है कि इससे कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार में कमी आएगी और हमारे कोरोना योद्धा के उत्साह में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी.
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