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कनाडाई PM जस्टिन ट्रूडो एस्‍ट्राजेनेका के बाद अब दूसरा डोज लेंगे मॉडर्ना का, ये है वजह...

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (फाइल फोटो)

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (फाइल फोटो)

एस्ट्राजेनेका (Astrazeneca) की पहली डोज लगवाने के बाद अब कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) की दूसरी डोज के तौर पर मॉडर्ना वैक्सीन लगवाएंगे.

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    ओटावा. कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) की दूसरी डोज के तौर पर मॉडर्ना वैक्सीन (Moderna Vaccine) लगवाएंगे. गौरतलब है कि पहली डोज के तौर पर कनाडाई पीएम ने अप्रैल में एस्ट्राजेनेका वैक्सीन लगवाई थी. माना जा रहा है कि कनाडाई हेल्थ अथॉरिटीज द्वारा वैक्सीन की दूसरी डोज को लेकर जारी गाइडेंस के बाद उन्होंने यह डिसीजन लिया है. इस गाइडेंस में इम्यूनाइजेशन पर बनी नेशनल एडवाइजरी कमेटी ने घोषणा की थी कि एस्ट्राजेनेका की पहली डोज के बाद दूसरी डोज के तौर पर मॉडर्ना या फाइजर वैक्सीन लेने से बेहतर इम्यूनिटी बनती है. इसके पीछे जर्मनी में हुई स्टडी का हवाला दिया गया है.

    जस्टिन ट्रूडो और उनकी पत्नी सोफिया को शुक्रवार को ओटावा में वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई जाएगी. अमेरिकी फर्म द्वारा तैयार मॉडर्ना को दूसरी डोज के तौर पर लेने का चयन कनाडाई हेल्थ अथॉरिटीज द्वारा अपडेट की गई गाइडेंस के बाद लिया गया है. 17 जून को नेशनल एडवाइजरी कमेटी ऑन इम्यूनाइजेशन एनएसीआई ने घोषणा की थी कि अगर पहली डोज के तौर पर एस्ट्राजेनेका ली गई है तब भी दूसरी डोज के तौर पर मॉडर्ना वैक्सीन लगवाई जा सकती है. गौरतलब है कि एस्ट्राजेनेका वैक्सीन भारत में कोविशील्ड ब्रांड नेम से मैन्युफैक्चर की गई है. एनएसीआई ने अपनी रेकमंडेशन में कहा है कि मॉडर्ना वैक्सीन सिर्फ तभी न लगाई जाए जबकि यह उपलब्ध न हो. या फिर किसी को इस वैक्सीन या इसके कांपोनेट्स से एलर्जी की शिकायत हो.

    इस बीच वैक्सीन इंटरचेंबिलिटी की बात भी सामने आई है. इसके मुताबिक पहली डोज एस्ट्राजेनेका लेने वाले दूसरी डोज के तौर पर फाइजर या मॉडर्ना ले सकते हैं. एनएसीआई का कहना है कि जर्मनी में हुई स्टडी में इस बात के पुख्ता प्रमाण मिले हैं कि एस्ट्राजेनेका की दोनों डोज लेने के बजाए पहली डोज एस्ट्राजेनेका और दूसरी डोज के तौर पर मॉडर्ना या फाइजर लेने से कोरोना के खिलाफ बेहतर इम्यूनिटी बन रही है. साथ ही यह अन्य वेरिएंट्स के खतरों के खिलाफ भी ज्यादा असरदार है. साथ ही यह भी कहा गया है कि ऐसे साक्ष्य हैं कि इस तरह का मिश्रण अच्छी सुरक्षा प्रदान करता है.

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    गौरतलब है कि ट्रूडो ने ओटावा की एक फार्मेसी में पहली डोज के तौर पर एस्ट्राजेनेका ली थी. तब उन्होंने कहा था कि वह इसको लेकर काफी एक्साइटेड हैं. इस बीच एस्ट्राजेनेका के प्रतिकूल प्रभाव की चिंताएं सामने आने के बाद कनाडाई हेल्थ अथॉरिटीज ने कहा था ​कि कनाडा में आथराइज्ड वैक्सीन के रिस्क पर वह लगातार नजर रखे हुए है. एस्ट्राजेनेका के प्रतिकूल प्रभावों को लेकर कनाडा में जारी ताजा आंकड़े जारी हुए हैं. कनाडा की पब्लिक हेल्थ एजेंसी ने यह बात नोटिस की है कि 18 जून तक लगी 31,400,466 डोजेज में से 1,719 यानी 0.005 फीसदी केसेज में गंभीर रिएक्शन की शिकायते सामने आई हैं. इसमें एस्ट्राजेनेका वैक्सीन लगने के बाद गंभीर एलर्जी, खून के थक्के बनने या रेयर किस्म के सिंड्रोम की समस्याएं आई हैं.

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