US एजेंसी के रडार पर पाकिस्तान का फाइनेंसर अल्ताफ खनानी, दाऊद से लेकर जैश को करता है फंडिंग

भारत के मोस्टवांटेड अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी अल्ताफ खनानी को अमेरिकी अदालत ने 68 माह की सजा सुनाई. जुलाई 2020 को उसकी हिरासत खत्म हो गई है. (AP)
भारत के मोस्टवांटेड अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी अल्ताफ खनानी को अमेरिकी अदालत ने 68 माह की सजा सुनाई. जुलाई 2020 को उसकी हिरासत खत्म हो गई है. (AP)

खनानी और अल जरूनी का प्रमुख पाकिस्तानी नागरिक अल्ताफ खनानी (Altaf Khanani) है. यूएस ड्रग इंफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन ने उसे 11 सितंबर 2015 में पनामा एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया. वह तालिबान को फंडिंग कराने में संलिप्त रहा है. दाऊद, लश्कर, अल-कायदा, जैश-ए-मोहम्मद के साथ भी उसके संबंध रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 21, 2020, 11:14 AM IST
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वॉशिंगटन. अमेरिका में मनी लॉन्ड्रिंग कानूनों को लागू करने के लिए नियामक एजेंसी वित्तीय अपराध प्रवर्तन नेटवर्क (FinCEN) ने पाकिस्तान के बड़े फाइनेंसर अल्ताफ खानानी (Altaf Khanani) द्वारा चलाए जा रहे मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क (Money Laundering Network) को उजागर किया है. अमेरिकी जांच एजेंसियों के मुताबिक, खनानी इस नेटवर्क के जरिए अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim) समेत कई आतंकी संगठनों को फाइनेंस कर रहा है. अल्ताफ खनानी के आतंकी संगठन अल-कायदा और जैश-ए-मुहम्मद के साथ रहे गहरे रिश्तों के सबूत भी मिले हैं. न्यूयॉर्क के स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक की ओर से दी गई एक संदिग्ध गतिविधि रिपोर्ट (एसएआर) में इसकी जानकारी दी गई है.

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस एसएआर में खनानी के मनी लॉन्ड्रिंग ऑर्गनाइजेशन (एमएलओ) और अल जरोनी एक्सचेंज के लेनदेन की डिटेल्स हैं. दशकों तक खनानी ने इसके जरिए अनुमानित रूप से 14 बिलियन से 16 बिलियन अमेरिकी डॉलर ड्रग्स कार्टेल और अल-कायदा, हिजबुल और तालिबान जैसे आतंकवादी संगठनों को ट्रांसफर किए.

अल-जरूनी एक्सचेंज नाम से चलाता है मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क
रिपोर्ट के मुताबिक अल्ताफ खनानी अल-जरूनी एक्सचेंज नाम से मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क चला रहा है. खनानी के लोग एक देश से दूसरे देश तक हवाला के जरिए पैसे पहुंचाने के लिए कई रास्ते अपनाते थे. जितनी रकम पहुंचानी होती थी उतनी रकम का सोना या हीरा खरीद लिया जाता था. फिर उसे तस्करी के जरिए या छुपा कर फ्लाइट के रास्ते उस देश पहुंचा दिया जाता. जहां की डिलिवरी होती, वहां पहुंचकर वो सोना या हीरा बेच दिया जाता और ये रकम सीधे ग्राहक तक भिजवा दी जाती.
US में गिरफ्तार दाऊद का फाइनेंसर, अल-कायदा और जैश-ए-मुहम्मद से हैं रिश्ते



11 सितंबर 2015 में पनामा एयरपोर्ट से हुआ था गिरफ्तार
खनानी को 11 सितंबर 2015 में पनामा एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया और तभी से वह मियामी जेल में है. भारत के मोस्टवांटेड अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी अल्ताफ खनानी को अमेरिकी अदालत ने 68 माह की सजा सुनाई. जुलाई 2020 को उसकी सजा खत्म हो गई है. उसके बाद उसे डिपोर्टेशन के लिए अमेरिकी इमिग्रेशन अथॉरिटी के हवाले कर दिया गया है. हालांकि, अभी ये साफ नहीं हो पाया कि खनानी को पाकिस्तान भेजा जाएगा या सऊदी अरब.

दाऊद के साथ रिश्ते पर जारी हुआ था नोटिस
यूएस ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल ने खनानी की गिरफ्तारी के समय ही उसके दाऊद इब्राहिम के रिश्ते को लेकर नोटिस जारी किया था. इसमें लिखा गया है- 'अल्ताफ खनानी के नेटवर्क एमएलओ ने वित्तीय संस्थानों के साथ अपने रिश्तों का फायदा उठाकर आतंकवादियों, ड्रग ट्रैफिकर्स और आपराधिक संगठनों की ओर से दुनिया भर में अरबों डॉलर का साम्राज्य बना लिया है. अल्ताफ खनानी ने तालिबान के लिए फंडिंग का इंतजाम किया. लश्कर-ए-तैयबा, दाऊद इब्राहिम, अल-कायदा और जैश-ए-मोहम्मद के साथ फंडिंग के जरिए अपने रिश्ते भी मजबूत किए और इसका भरपूर लाभ उठाया.'

मूल नोटिस के एक साल बाद ओएफएसी ने 10 अक्टूबर, 2016 को खनानी और उनके लिंक के लिए व्यक्तियों और संस्थाओं की एक और लिस्ट जारी की थी. इसमें कुछ लोग खनानी के परिवार के सदस्य थे, जो ज्यादातर पाकिस्तान से बाहर रह रहे थे. जिन संस्थाओं का नाम आया, वो भी पाकिस्तान के बाहर चल रही थीं.




इन देशों में अरबों का है कारोबार
खनानी समूह पाकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों के बीच संगठित अपराधों के लिए सालाना अरबों डॉलर का अवैध लेनदेन करता है. उसके ग्राहकों में चीन, कोलंबिया, मेक्सिको के संगठित अपराध समूह और हिजबुल्ला से जुड़े लोग भी हैं.
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