अमेरिकाः दिसंबर 2020 में 1.4 लाख महिलाएं तो 16 हजार पुरूष हुए जाॅबलेस

अमेरिका में पुरूषों की तुलना में महिलाओं की नौकरियां बड़े पैमाने पर गई है.

अमेरिका में पुरूषों की तुलना में महिलाओं की नौकरियां बड़े पैमाने पर गई है.

Job Loss in America: अमेरिका में शुक्रवार को जारी हुए आंकड़ों में बताया गया कि नियोक्ताओं ने दिसंबर में 1,56,000 नौकरियों में कटौती की. इनमें 1,40,000 महिलाओं को नौकरियों से हाथ धोना पड़ा (Women Lost More Jobs than Men) है जबकि 16 हजार पुरुषों ने भी अपनी नौकरियां गंवाई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 9, 2021, 5:17 PM IST
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वाशिंगटन. कोरोना महामारी (Coronavirus Pandemic) ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था (American Econmy) में बहुत से उलट फेर किए जिनमें लोगों की नौकरियां (Unemployment) खोना बहुत महत्वपूर्ण कारक है. अमेरिका में शुक्रवार को जारी हुए आंकड़ों में बताया गया कि नियोक्ताओं ने दिसंबर में 1,56,000 नौकरियों में कटौती की. इनमें 1,40,000 महिलाओं को नौकरियों से हाथ धोना पड़ा है जबकि 16 हजार पुरुषों ने भी अपनी नौकरियां गंवाई है. घर की जिम्मेदारियां उठाते हुए महिलाएं या फुल टाइम नौकरियां करते हुए भी वे अपने साथी फूल टाइम नौकरी करते पुरुष कार्यकर्ताओं के कमाए हर डॉलर की तुलना में औसतन केवल 81 सेंट कमा कर अपना भाग्य बदलने की कोशिश कर रही थीं लेकिन इस कोरोना महामारी ने इस बदलाव की गति को रोक सा दिया है.

लैटिन महिलाएं सबसे अधिक बेरोजगार

अब महिलाओं के हालात बदतर हो रहे हैं. महिलाओं में खासकर लैटिन महिलाएं में वर्तमान में सबसे अधिक बेरोजगारी दर 9.1% है, उसके बाद अश्वेत महिलाओं में 8.4% है. श्वेत महिलाओं की बेरोजगारी दर सबसे कम 5.7% है. श्रम सांख्यिकी ब्यूरो ( The Bureau of Labor Statistics) अन्य नस्लीय या जातीय पहचान की महिलाओं के सासन के अनुसार बेरोजगारी दरों को जारी नहीं करता है.

घरों में किये जाने वाले कामों का एक सर्वेक्षण
घरों में किये या करवाए जाने वाले कामों का एक अलग सर्वेक्षण किया गया जिसमें व्यापक लिंग असमानता ( Gender disparity )दिखाई दी. इसने एक और दर्दनाक वास्तविकता को उजागर किया है. दिसंबर में अश्वेतों और लैटिन महिलाओं ने नौकरियां खोईं जबकि श्वेत महिलाओं की स्थिति उनकी तुलना में बहुत फायदेमंद रही. ये महज नंबर हैं जो श्रम के बाजार की स्थिति का मोटो मोटा अंदाजा दे सकते हैं. दिसंबर में अश्वेत महिलाओं की स्थिति बहुत खराब रही.

स्कूल और डे केयर सुविधाओं के बंद होने से बढ़ी बेरोजगारी

महामारी के दिनों में स्कूल और डे केयर सुविधाओं के बंद होने के कारण लैटिन और अश्वेत महिलाओं को ऐसे क्षेत्रों में काम करने को मजबूर होना पड़ा जहाँ बीमारी की छुट्टी से लेकर वर्क फ्रॉम होम यानी घर से काम करने की सुविधा नहीं मिलती. वे घंटों काम करती रहती हैं. घर और काम के बीच संतुलन बैठाना इन महिलाओं के लिए कठिनतम कार्य सिद्ध हो रहा है.



2020 में किस तरह बदले हालात

साल 2020 की शुरुआत लगभग बराबरी पर हुई जहाँ महिलाओं की भागीदारी 50.03% थी लेकिन साल खत्म होते होते उनके साथी पुरुषों की तुलना में उनके हिस्से से 8 लाख 60 हजार नौकरियां घट गईं. आम तौर पर महिलाओं के प्रभुत्व वाले तीन क्षेत्र माने जाते हैं. शिक्षा, आतिथ्य (hospitality), कपडे और अन्य सामान के स्टोर आदि ऐसी जगहें हैं जहाँ महिला कर्मचारियों की संख्या अधिक होती है. इन सभी उद्योगों पर महामारी का साया मंडरा रहा है.

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दिसंबर में रेस्तरां और बार ने अब तक सबसे अधिक नौकरियों में कटौती की और अंशकालिक श्रमिकों को काम से निकाल दिया गया.
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