भारत-US के बीच बढ़ते सैन्य साझेदारी पर पूर्व अमेरिकी मंत्री ने की बड़ी बात, चीन को लगेगा झटका

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अमेरिकी वाणिज्य मंडल द्वारा आयोजित सत्र में कार्टर ने कहा कि भारत और अमेरिका (India And America) देश महज अंग्रेजी भाषा (English Language) नहीं बल्कि बहुत कुछ साझा करते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 12, 2021, 3:35 PM IST
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वाशिंगटन. अमेरिका (America) के पूर्व रक्षा मंत्री एश कार्टर के मुताबिक भारत और अमेरिका के बीच सैन्य एवं सुरक्षा क्षेत्र में साझेदारी का गहराना ‘निश्चित’ था क्योंकि इन दो बड़े लोकतंत्रों के बीच बहुत कुछ समान है और जो बेहद अच्छे मूल्यों को साझा करते हैं. अमेरिकी वाणिज्य मंडल द्वारा आयोजित सत्र में कार्टर ने कहा कि दोनों देश महज अंग्रेजी भाषा नहीं बल्कि बहुत कुछ साझा करते हैं. ओबामा प्रशासन के दौरान 2015 से 2017 तक रक्षा मंत्री रहे कार्टर ने भारत (India) के साथ सुरक्षा क्षेत्र में संबंधों की प्रगति पर कहा, “दरअसल, यह होना ही था. मेरे विचार में असल में यह होना निर्धारित ही था क्योंकि हमारे बीच बहुत कुछ समान है...हितों, कार्यों के लिहाज से.”

उन्होंने कहा, “मैं आपको एक उदाहरण देता हूं. मैं जब पद पर था तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई मेरी अंतिम बातचीत में हम उस चीज को दर्शा रहे थे जो चर्चा के प्रत्येक पहलु के लिए मुनासिब नहीं थी. लेकिन मैं उन्हें इसका ध्यान दिला रहा था कि कितने भारतीय और भारतीय मूल के अमेरिकी उद्यमी अमेरिका के प्रौद्योगिकी जगत में काम कर रहे हैं. और मैंने कहा था कि दोनों देशों की मानसिकता के बीच कुछ आत्मीयता सी है.” कार्टर ने कहा, “यह महज अंग्रेजी भाषा नहीं है. यह इससे कहीं ज्यादा है. मेरे विचार में दो बड़े लोकतंत्र, अपने अच्छे दिनों में बहुत अच्छे मूल्यों को साझा करते हैं। मेरे हिसाब से यह सब निर्धारित है.”

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हालांकि, कार्टर ने आगाह किया कि अमेरिका को पूर्व को लेकर सचेत रहना चाहिए जिसमें भारत की गुट निरपेक्ष नीतियां और रूस के साथ उसके ऐतिहासिक सैन्य संबंध शामिल हैं.
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