सोशल मीडिया पर वापसी की तैयारी में डोनाल्ड ट्रंप, शुरू कर सकते हैं अपनी साइट

डोनाल्ड ट्रंप (फ़ाइल फोटो)

डोनाल्ड ट्रंप (फ़ाइल फोटो)

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्र्ंप (Former US President Donald Trump) पर इस साल 6 जनवरी को अमेरिकी कैपिटल पर हिंसा भड़काने का आरोप लगा था, जिसके बाद ट्विटर, फेसबुक, यूट्यूब सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन कर दिया गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 22, 2021, 9:39 AM IST
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न्यूयॉर्क. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्र्ंप  (Former US President Donald Trump ) सोशल मीडिया पर वापसी की तैयारी में हैं. खास बात ये है कि इस बार वो खुद अपनी कंपनी लॉन्च करने वाले हैं. बता दें कि इन दिनों वे किसी भी सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर नहीं हैं. इस साल ट्रंप पर 6 जनवरी को अमेरिकी कैपिटल पर हिंसा भड़काने का आरोप लगा था. इस घटना में एक पुलिस अधिकारी सहित पांच लोगों की मौत हो गई थी. इसके बाद ट्विटर ने उनके अकाउंट को हमेशा के लिए सस्पेंड कर दिया. इसके अलावा फेसबुक ने भी उनके अकाउंट को हटा दिया था. हालांकि बाद में अमेरिका की सीनेट में ट्रंप के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव  गिर गया था.

सोशल मीडिया पर ट्रंप की वापसी को लेकर खबर उनके एक पुराने सलाहकार और प्रवक्ता जैसन मिलर ने दी है. मिलर ने फॉक्स न्यूज़ से बातचीत करते हुए कहा है कि ट्रंप दो से तीन महीनों में सोशल मीडिया पर वापसी कर सकते हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि ये मीडिया प्लैटफॉर्म खुद ट्रंप का अपना होगा. मिलर के मुताबिक, ट्रंप का ये अपना सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म आने वाले दिनों में गेम चेंजर साबित हो सकता है. उन्होंने ये भी कहा कि इस प्लैफॉर्म पर करोड़ों लोग जुड़ सकते हैं.

ट्रिटर ने सस्पेंड किया था अकाउंट

जनवरी में ट्विटर ने पहले ट्रंप का अकाउंट 12 घंटे के लिए ब्लॉक कर दिया था और एक वीडियो समेत उनके तीन ट्वीट हटा दिए थे. लेकिन बाद में कपंनी ने उनके अकाउंट को हमेशा के लिए सस्पेंड कर दिया. इसके बाद उनकी टीम ट्रंप के ट्विटर हैंडल से इस कदम की आलोचना की गई और कहा गया कि हमें चुप नहीं करा सकते.
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समर्थकों ने जताई थी नाराज़गी

बता दें कि समर्थकों का कहना है कि ट्रंप का अकाउंट हमेशा के लिए निलंबित करना अमेरिकी संविधान के पहले संशोधन यानी अभिव्यक्ति का आजादी पर हिंसा है. हालांकि उस वक्त एक्सपर्ट का कहना था कि ये नियम संविधान में है और सरकारी संस्थाओं पर लागू होता है. ट्विटर एक निजी कंपनी है तो ऐसे में वो इस तरह का फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है.
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