कोरोना के खिलाफ बाइडन सरकार का चेहरा हो सकते हैं भारतीय मूल के डॉ. विवेक मूर्ति

डॉक्टर विवेक दिसंबर 2014 से अप्रैल 2017 तक अमेरिका के सर्जन जनरल रहे. फोटोः रॉयटर्स
डॉक्टर विवेक दिसंबर 2014 से अप्रैल 2017 तक अमेरिका के सर्जन जनरल रहे. फोटोः रॉयटर्स

ओबामा प्रशासन में अमेरिका के सर्जन जनरल डॉ. विवेक मूर्ति (Dr Vivek Murthy) को बिडेन (Joe Biden) सरकार में स्वास्थ्य विभाग का महत्वपूर्ण पद मिल सकता है. खबरों के मुताबिक डॉ. मूर्ति पिछले कुछ महीनों से बिडेन को निजी तौर पर सलाह मशविरा देते रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 8, 2020, 12:10 AM IST
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नई दिल्ली. भारतीय मूल के डॉक्टर विवेक मूर्ति (Dr Vivek Murthy) को अमेरिका की अगली सरकार में स्वास्थ्य विभाग का महत्वपूर्ण पद मिल सकता है. डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता जो बाइडन (Joe Biden) अमेरिका के अगले राष्ट्रपति होंगे. अमेरिकी मीडिया के अनुमानों के मुताबिक जो बाइडन ने डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को हरा दिया है. जीत के उल्लास के बीच जो बाइडन ने बतौर राष्ट्रपति कमान संभालने के लिए तैयारी शुरू कर दी है और विवेक मूर्ति को स्वास्थ्य विभाग में महत्वपूर्ण पद संभालने के लिए इशारा कर दिया गया है. डॉ. विवेक मूर्ति को पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा (Barack Obama) ने अमेरिका का सर्जन जनरल नियुक्त किया था.

माना जा रहा है कि कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ डॉक्टर विवेक मूर्ति बाइडेन प्रशासन का चेहरा हो सकते हैं. खबरों के मुताबिक मूर्ति पिछले कुछ महीनों से बाइडन को निजी तौर पर लगातार सलाह और मशविरा दे रहे हैं और उन दो सलाहकारों में शामिल हैं जो लगातार बिडेन को मशविरा दे रहे हैं.

अमेरिका के पूर्व फूड और ड्रग प्रशासन के हेड डॉक्टर डेविड केसलर ने न्यूयॉर्क टाइम्स से एक बातचीत में कहा, 'मूर्ति और मैं बिडेन को हर दिन ब्रीफ करेंगे या फिर हफ्ते में चार बार.' जो बिडेन कई बार अपने चुनाव प्रचार में एक्सपर्ट्स के साथ बातचीत का जिक्र करते थे. डॉ. मूर्ति और डॉ. डेविड केसलर उन दो महत्वपूर्ण डॉक्टरों में शामिल हैं, जिनसे बिडेन सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के बारे में सलाह लेते रहे हैं.



43 वर्षीय मूर्ति कर्नाटक के मांड्या जिले से ताल्लुक रखते हैं. डॉक्टर विवेक दिसंबर 2014 से अप्रैल 2017 तक अमेरिका के सर्जन जनरल रहे. 37 वर्ष की अवस्था में इस पद पर वे सबसे युवा डॉक्टर थे. बाद में ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद उन्हें पद छोड़ने को कहा गया.
ओबामा प्रशासन में उप राष्ट्रपति रहे जो बिडेन ट्रंप प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के लिए उठाए गए कदमों को नाकाफी बताते रहे हैं. साथ ही स्वयं के राष्ट्रपति बनने के बाद क्या एक्शन लेंगे इस पर भी वे बात करते रहे हैं. पिछले शुक्रवार को अपने भाषण में उन्होंने कहा, 'कोरोना से निपटने के लिए हम इंतजार नहीं कर सकते.'

दुनिया भर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले सबसे ज्यादा अमेरिका में हैं. साथ ही कोरोना से होने मौतें भी सबसे ज्यादा अमेरिका में हुई हैं. दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश में हर रोज 1 लाख से ज्यादा संक्रमण के मामले आ रहे हैं और 1 हजार के करीब लोगों की मौतें हो रही हैं.
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