होम /न्यूज /दुनिया /

बढ़ रही है भारत की आर्थिक वृद्धि, आगे और तेज़ होने का अनुमान: विश्वबैंक

बढ़ रही है भारत की आर्थिक वृद्धि, आगे और तेज़ होने का अनुमान: विश्वबैंक

भारत की आर्थिक वृद्धि में मजबूती आ रही है और चालू वित्त वर्ष में इसके 7.3 फीसदी रहने का अनुमान है. इसके बाद अगले दो वर्षों में ये और बढ़कर 7.5 फीसदी पर पहुंच जाएगी.

भारत की आर्थिक वृद्धि में मजबूती आ रही है और चालू वित्त वर्ष में इसके 7.3 फीसदी रहने का अनुमान है. इसके बाद अगले दो वर्षों में ये और बढ़कर 7.5 फीसदी पर पहुंच जाएगी.

भारत की आर्थिक वृद्धि में मजबूती आ रही है और चालू वित्त वर्ष में इसके 7.3 फीसदी रहने का अनुमान है. इसके बाद अगले दो वर्षों में ये और बढ़कर 7.5 फीसदी पर पहुंच जाएगी.

    भारत की आर्थिक वृद्धि में मजबूती आ रही है और चालू वित्त वर्ष में इसके 7.3 फीसदी रहने का अनुमान है. इसके बाद अगले दो वर्षों में ये और बढ़कर 7.5 फीसदी पर पहुंच जाएगी. विश्व बैंक ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में ये अनुमान जताया है.

    विश्व बैंक ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था नोटबंदी और माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की अस्थायी बाधाओं के प्रभावों से निकल चुकी है. हालांकि घेरलू जोखिम और कम अनुकूल बाहरी परिवेश से वृहत-आर्थिक परिदृश्य पर प्रभाव पड़ सकता है. पिछले वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.7 फीसदी रही थी.

    विश्व बैंक ने अपनी हालिया दक्षिण एशिया रिपोर्ट में कहा, 'जीएसटी व्यवस्था के सुचारू रूप से चलने और बैंकों के पुनर्पूंजीकरण से भारत में आर्थिक वृद्धि को मजबूती मिल रही है और आने वाले समय में इसमें और तेज़ी आने का अनुमान है.'

    रिपोर्ट में कहा गया है कि निजी खर्च और निर्यात में वृद्धि से 2018-19 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर बढ़कर 7.3 फीसदी पर पहुंच जाने का अनुमान है और अगले दो साल में ये और बढ़कर 7.5 फीसदी पर पहुंच जाएगी.

    बाहरी स्थितियों के कम अनुकूल होने और चालू खाते में असंतुलन को देखते हुए विश्व बैंक ने कहा कि व्यापार घाटे की बिगड़ी सेहत की वजह से चालू खाते का घाटा बढ़ा है. अधिक आयात, कच्चे तेल की ऊंची कीमत और रुपए की विनिमय दर में गिरावट इसकी वजह है.

    Tags: 1000-500 notes, Crude oil prices, Financial Year 2018-19, Gst, Indian economy, Note ban

    अगली ख़बर