लाइव टीवी

तमिल भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ह्यूस्टन यूनिवार्सिटी को मिलेगा 20 लाख डॉलर

भाषा
Updated: October 4, 2019, 11:08 AM IST
तमिल भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ह्यूस्टन यूनिवार्सिटी को मिलेगा 20 लाख डॉलर
ह्यूस्टन विश्वविद्यालय में तमिल अध्ययन पीठ स्थापित करना और अमेरिका में बढ़ रही तमिल-अमेरिकियों की 250,000 की आबादी के लिए एक मंच उपलब्ध कराना है.

एचटीएससी (HTSC) 2018 में स्थापित एक गैर लाभकारी संगठन है, जिसका उद्देश्य ह्यूस्टन विश्वविद्यालय में तमिल अध्ययन पीठ स्थापित करना और अमेरिका में बढ़ रही तमिल-अमेरिकियों की 250,000 की आबादी के लिए एक मंच उपलब्ध कराना है.

  • Share this:
ह्यूस्टन.  ह्यूस्टन तमिल स्टडीज चेयर (HTSC) ने तमिल भाषा (Tamil language) के अध्ययन में मदद करने के लिए ह्यूस्टन विश्वविद्यालय (University of Houston) को 20 लाख डॉलर की आर्थिक मदद देने का वादा किया है. एचटीएससी 2018 में स्थापित एक गैर लाभकारी संगठन है, जिसका उद्देश्य ह्यूस्टन विश्वविद्यालय में तमिल अध्ययन पीठ स्थापित करना और अमेरिका में बढ़ रही तमिल-अमेरिकियों की 250,000 की आबादी के लिए एक मंच उपलब्ध कराना है.

इस मिशन का मकसद प्राचीन भाषा तमिल का प्रचार करना है जिसे दुनियाभर में सात करोड़ से अधिक लोग बोलते हैं. उसने बताया कि एचटीएससी के संस्थापक सदस्य सॉकालिंगम सैम कन्नप्पन, डॉ. एस जी अप्पन, सॉकालिंगम नारायणन, पेरुमल अन्नामलई, नागमणिकम गणेशन, ट्यूलिप वी नरसिमन और डॉ. तिरुवेंगडम अरुमुगम ग्रेटर ह्यूस्टन इलाके में फंड जुटाने के प्रयासों का नेतृत्व कर रहे हैं.

एचटीएससी की समृद्ध तमिल संस्कृति फैलाने की पहल
एचटीएससी के बोर्ड अध्यक्ष सैम कन्नप्पन ने कहा, ‘जैसे कि तमिल-अमेरिकी परिवार इस महान देश के बहु सांस्कृतिक समाज के तानेबाने में बुना हुआ है और हमारे सभी बच्चे अमेरिकी विश्वविद्यालयों में शिक्षा ले रहे हैं तो एचटीएससी समृद्ध तमिल संस्कृति, भाषा और साहित्य के बारे में जागरूकता फैलाने की पहल को आगे बढ़ा रहा है.’

गौरतलब है कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का का ह्यूस्टन में ऐतिहासिक स्वागत कार्यक्रम हुआ. जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में हुई, क्योंकि अमेरिकी जमीन पर किसी विदेशी राजनीतिक के लिए इतने बड़े स्तर पर पहले कभी ऐसा आयोजन नहीं हुआ था. सिर्फ यही नहीं, इस कार्यक्रम के बहाने भारत और अमेरिका के बीच संबंधों की एक नई इबारत लिखी गई.

ह्यूस्टन यूनिवर्सिटी की एक इमारत का नाम भारतीय मूल के अमेरिकी दंपति के नाम
इसके अलावा अमेरिका के ह्यूस्टन यूनिवर्सिटी में स्थित एक इमारत का नाम भारतीय मूल के अमेरिकी दंपति के नाम पर रखा जाएगा. यूनिवर्सिटी की भारतीय अमेरिकी अध्यक्ष रेणु खटोर ने बताया कि इंजीनियरिंग अनुसंधान इमारत को दुर्गा डी अग्रवाल और सुशीला अग्रवाल का नाम दिया जाएगा, जिन्होंने कालेज को बड़े पैमाने पर अनुदान दिया है.
Loading...

इस इमारत की कुल लागत पांच करोड़ दस लाख अमेरिकी डॉलर है. इसे 2017 में खोला गया था. इस इमारत के एक फ्लोर को पहले ही इस दंपति का नाम दिया जा चुका है.बता दें कि दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने के बाद दुर्गा अग्रवाल 1968 में ह्यूस्टन आए थे. उन्होंने यू एच कुलेन कालेज ऑफ इंजीनियरिंग से औद्योगिक इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री और पीएचडी किया था.

ये भी पढ़ें:

 J&K पर इमरान खान के दावे पर पूछा गया सवाल तो बौखला गए शाह महमूद कुरैशी, VIDEO

शेख हसीना बोलीं-NRC से नहीं है दिक्कत, PM मोदी से न्यूयॉर्क में हो चुकी है बात

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए दुनिया से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 4, 2019, 11:08 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...