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कोरोना वायरस टीकों ने कितने लोगों की जान बचाई? जानें रिसर्च में क्या आया सामने

कोरोना वायरस टीकों ने कितने लोगों की जान बचाई? जानें रिसर्च में क्या आया सामने

 कोरोना वैक्सीन लगवाने वाले सामान्य लोगों और कोरोना पीडि़तों पर की गई स्टडी. (प्रतीकात्मक फोटो-shutterstock.com)

कोरोना वैक्सीन लगवाने वाले सामान्य लोगों और कोरोना पीडि़तों पर की गई स्टडी. (प्रतीकात्मक फोटो-shutterstock.com)

अध्ययनों में टीकों को कोविड-19 से गंभीर रूप से बीमार पड़ने से बचने और खासतौर से मौत होने से रोकने में काफी प्रभावी पाया गया.

    इंडियानापोलिस. अमेरिका के 20 करोड़ से अधिक लोगों ने इस उम्मीद के साथ कोविड-19 रोधी टीके की कम से कम एक खुराक ले ली है कि इससे संक्रमण फैलने की दर कम होगी और लोगों की जान बचेगी. अनुसंधानकर्ताओं ने बड़े पैमाने पर क्लिनिकल परीक्षणों से टीके की प्रभावशीलता के बारे में जाना है.

    अध्ययनों में टीकों को कोविड-19 से गंभीर रूप से बीमार पड़ने से बचने और खासतौर से मौत होने से रोकने में काफी प्रभावी पाया गया. वास्तविक दुनिया में हालांकि किसी भी नए उपचार का पता लगाना महत्वपूर्ण है क्योंकि टीकों के जनसंख्या स्तर के लाभ क्लिनिकल परीक्षणों में पाई गई प्रभावशीलता से अलग हो सकते हैं.

    उदाहरण के लिए अमेरिका में कुछ लोगों ने टीके की केवल एक खुराक ली, जिसका मतलब है कि वे टीके की दोनों खुराक लेने वाले व्यक्ति से कम सुरक्षित हैं. इसी तरह टीके की खुराक लेने वाले लोगों के कोविड-19 संक्रमण को फैलाने की संभावना कम है, जबकि टीका न लगवाने वाले लोगों द्वारा इसके प्रसार की संभावना अधिक है. इससे टीके क्लिनिकल परीक्षणों के मुकाबले जनसंख्या के स्तर पर अधिक प्रभावी पाए जा सकते हैं.

    मैं एक स्वास्थ्य अर्थशास्त्री हूं और मेरा दल तथा मैं टीकाकरण के महामारी पर पड़े असर का अध्ययन कर रहे हैं. हम यह जानना चाहते थे कि अमेरिका में राज्यों द्वारा चलाए कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान के कारण टीकों से कितने लोगों की जान बचाई जा सकती है.

    मार्च 2021 में जब राज्य के कोविड-19 टीकाकरण पर साप्ताहिक आंकड़ें आने शुरू हुए तो मेरे दल ने राज्य की टीकाकरण दरों और साथ ही प्रत्येक राज्य में कोविड-19 के मामलों तथा मौत के बीच संबंध का विश्लेषण करना शुरू किया. हमारा लक्ष्य ऐसा प्रारूप तैयार करना था जो टीकाकरण के असर को मापने के लिए पर्याप्त हो। यह करने के लिए हमारे प्रारूप ने कम टीकाकरण दरों वाले राज्यों के मुकाबले उच्च टीकाकरण दरों वाले राज्यों में कोविड-19 के मामलों की तुलना की.

    इस विश्लेषण के तौर पर हमने उन चीजों का पता लगाया जो कोरोना वायरस के प्रसार के लिए जिम्मेदार होते हैं जैसे प्रत्येक राज्य के मौसम और आबादी में अंतर, सामाजिक व्यवहार और घर पर रहने, मास्क पहनने तथा व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद करने जैसे आदेशों और सामाजिक व्यवहार में मौसम के कारण आए बदलाव.

    हमने इस तथ्य पर भी गौर किया कि किसी व्यक्ति के पहली बार टीके की खुराक लेने और उनके प्रतिरक्षा तंत्र द्वारा सुरक्षा पैदा करने के बीच कितना वक्त लगा. अपने प्रारूप की क्षमता का पता लगाने के लिए हमने सबसे पहले यह तुलना की कि संक्रमण से कितने मौत हुई और हमारे प्रारूप ने कितनी मौतों का अनुमान जताया था.

    हमारे प्रारूप ने नौ मई 2021 तक अमेरिका में कोरोना वायरस के कारण 5,69,193 मौत होने का अनुमान जताया था जबकि उस तारीख तक 5,78,862 मरीजों की मौत हुई, यह अंतर हमारे प्रारूप के अनुमान से दो प्रतिशत कम था.

    राज्य की टीकाकरण दरों के आंकड़ों का इस्तेमाल कर हमने पाया कि टीकों की खुराक उपलब्ध न होने से नौ मई 2021 तक 7,08,586 लोगों की मौत हो जाएगी जबकि तब तक 5,69,193 लोगों की मौत हुई. हमारे प्रारूप से पता चलता है कि टीकों से नौ मई 2021 तक 1,40,000 लोगों की जान बची.

    हमारे अध्ययन में टीकाकरण शुरू होने के बाद कुछ महीनों के आंकड़ों का अध्ययन किया गया है. मैं दृढ़ता के साथ यह कह सकती हूं कि तब से लेकर अब तक टीकों ने कई और लोगों की जान बचाई है.

    Tags: Anti-Corona vaccine, Astrazeneca vaccine, Astrazeneca vaccine trial on hold, Carona Vaccine Record, Corona Vaccine in India, World news in hindi

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