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अमेरिका ने ईरान पर लगाए नये प्रतिबंध, अपनाई 'अधिकतम दबाव' नीति

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Updated: December 12, 2019, 9:39 AM IST
अमेरिका ने ईरान पर लगाए नये प्रतिबंध, अपनाई 'अधिकतम दबाव' नीति
अमेरिका ने ईरान पर लगाए प्रतिबंध

इन नये प्रतिबंधों में ईरान (Iran) की सरकारी पोत कंपनियों और चीन की एक कंपनी को निशाना बनाया गया है, जो ईरान को मिसाइल के पुर्जे बेचती है.

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  • Last Updated: December 12, 2019, 9:39 AM IST
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वाशिंगटन. अमेरिका (America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान (Iran) पर बुधवार को नये प्रतिबंध लगाए, जिनमें कई परिवहन कंपनियों को निशाना बनाया गया है. इस्लामिक गणराज्य के परमाणु एवं बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों के खिलाफ अमेरिका लगातार 'अधिकतम दबाव' की नीति अपना रहा है. इन नये प्रतिबंधों में ईरान की सरकारी पोत कंपनियों और चीन की एक कंपनी को निशाना बनाया गया है, जो ईरान को मिसाइल के पुर्जे बेचती है.

साथ ही इनमें पूर्व में प्रतिबंधित ईरानी एअरलाइन पर नये जुर्माने भी लगाए गए हैं. इस एअरलाइन पर लेबनान और यमन में ईरान का प्रतिनिधित्व करने वालों को हथियार भेजने का आरोप है. इस कदम की घोषणा वित्त और विदेश मंत्रालय ने की.

अमेरिका ने बुधवार को उन कंपनियों की एक श्रृंखला को ब्लैकलिस्ट कर दिया, जिन्होंने यमन में हूती विद्रोहियों को मिसाइलों सहित ट्रांसपोर्ट कम्पनियों ने मदद की थी.

बता दें कि ट्रंप ने ईरान परमाणु समझौते को दोषपूर्ण बताते हुए, उससे पीछे हटने की घोषणा के साथ ही ईरान पर प्रतिबंध लगा दिया था. आरोप था कि ईरान परमाणु समझौता के अपने उद्देश्य को पूरा करने में असफल रहा है. साथ ही समझौते से मिले पैसे से ईरान चोरी छुपे अपना परमाणु कार्यक्रम को चला रहा है.

ईरानी आर्थिक विशेषज्ञ का कहना है कि ईरान की अर्थव्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है, लेकिन यह पूरी तरह से समाप्त नहीं हुई है. ईरान ऐसे कठिन आर्थिक हालातों का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार है. हाल के वर्षों में ईरान ने गैर पेट्रोलियम पर्दाथों के निर्यात पर अपनी निर्भरता बढ़ायी है. साथ ही इराक और अफगानिस्तान जैसे पड़ोसी देशों में तस्करी के जरिए व्यापार करके कुछ रकम जुटा रहा है. (भाषा इनपुट के साथ)

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First published: December 12, 2019, 9:39 AM IST
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