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न्यूयॉर्क में कोरोनावायरस की चपेट में आ रहे सबसे ज्यादा युवा, संक्रमण के बदलते ट्रेंड से डॉक्टर हैरान

News18Hindi
Updated: April 3, 2020, 5:40 PM IST
न्यूयॉर्क में कोरोनावायरस की चपेट में आ रहे सबसे ज्यादा युवा, संक्रमण के बदलते ट्रेंड से डॉक्टर हैरान
अमेरिका में लोगों को लंबे समय तक मास्क पहनने के लिए तैयार होना होगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

न्यूयॉर्क के हेल्थ डिपार्डमेंट की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक अस्पताल में भर्ती हर पांच में से एक मरीज़ की उम्र 44 साल से कम है

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कोरोनावायरस (Coronavirus) के संक्रमण की वजह से अमेरिका (America) में कोहराम मचा हुआ है. अमेरिका में संक्रमित लोगों की तादाद 2 लाख से ज्यादा पहुंच गई है जबकि 5 हज़ार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. अमेरिका में न्ययॉर्क (New York) कोरोनावायरस के संक्रमण का एपिसेंटर बन कर उभरा है. न्यूयार्क में 2219 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 83901 लोग अब तक संक्रमित हो चुके हैं. न्यूयॉर्क में कोरोनावायरस को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है जिससे डॉक्टर्स हैरान हैं. दरअसल, यहां कोरोनावायरस के निशाने पर अब बुजुर्गों के साथ जवान भी आ चुके हैं.

न्यूयॉर्क के हेल्थ डिपार्डमेंट की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक अस्पताल में भर्ती हर पांच में से एक मरीज़ की उम्र 44 साल से कम है. जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक दुनियाभर में संक्रमित मरीजों में 10 से 15 प्रतिशत लोगों की उम्र 50 साल से कम है.

ब्लूमबर्ग क्विन्ट में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक न्यूयॉर्क के एक डॉक्टर ने कोरोनावायरस से संक्रमित मरीज़ के साथ अपने अनुभव को शेयर करते हुए बताया कि उन्होंने किस तरह एक युवा मरीज़ की आंखों में मौत की दहशत देखी. मैनहटन के एक हॉस्पिटल में इमरजेंसी डॉक्टर कैड्री जैक्सन ने बताया कि एक युवा मरीज़ ने अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनसे पूछा कि. ‘क्या वो मरने वाला है?’



दरअसल, इस खौफ के पीछे वो आंकड़े हैं जो कि इस बात को झुठला रहे हैं है कि सिर्फ बुजुर्ग मरीज़ ही संक्रमण की हाई रिस्क पर हैं. डॉक्टर जैक्सन कहती हैं कि अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है और ये सोचना गलत होगा कि चीन और इटली की तरह कोरोना के निशाने पर केवल बुजुर्ग हैं बल्कि अब कोई भी हो सकता है.



कोरोनावायरस के संक्रमण को लेकर ये तस्वीर 15 मार्च के बाद से बदलनी शुरू हुई. इटली के साथ-साथ दूसरे देशों में भी युवा संक्रमण की चपेट में आते चले गए. न्यूयॉर्क में 20 फीसदी से ज्यादा युवाओं में संक्रमण के मामले दिखाई दे रहे हैं. हालांकि अमेरिका में व्यापक स्तर पर कोरोनावायरस की स्क्रीनिंग न हो पाने की वजह से भी हेल्थ डिपार्टमेंट के लिए ये पता लगा पाना मुश्किल हो रहा है कि वायरस किस उम्र वर्ग को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रहा हृं. लेकिन ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक न्यूयॉर्क के अस्पतालों में भर्ती हुए मरीजों में यंग जनरेशन में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए हैं.

चीन के वुहान से शुरु हुए कोरोनावायरस के संक्रमण में एक ट्रेंड देखा जा रहा था. डॉक्टर इस वायरस के अटैक का हर मौत के साथ आंकलन करने में जुटे हुए थे. जब कोरोनावायरस का कहर इटली पर बरपा तो विशेषज्ञों को एक बात साफ लगी कि कोरोनावायरस के निशाने पर बुजुर्ग ज्यादा है क्योंकि उनकी इम्युनिटी कम होती है. इटली में सबसे ज्यादा बुजुर्गों की जनसंख्या है और वो कोरोनावायरस के शिकार भी हुए. यहां तक कि हालात ऐसे बिगड़े कि अस्पतालों में ये तय कर दिया गया कि वेंटिलेटर के लिए बुजुर्ग की जगह जवान मरीज़ को तरजीह दी जाए.

ऐसे में कोरोनावायरस को लेकर एक आम धारणा ये रही कि ये बुजुर्ग या फिर 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बहुत घातक है. लेकिन अमेरिका के न्यूयॉर्क में कोरोनावायरस के संक्रमण के शिकार युवा ज्यादा दिखाई दे रहे हैं. यहां तक कि गुरूवार को एक 6 हफ्ते के बच्चे की कोरोनावायरस के संक्रमण से मौत भी कई सवाल खड़े कर गई.

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First published: April 2, 2020, 7:52 PM IST
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