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अमेरिकाः हिंसा की आशंका में वाशिंगटन पहुंचे हजारों सैनिक, राज्यों के संसद भवनों की सुरक्षा भी सख्त

अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) ने दक्षिणपंथी उग्रवादी समूहों द्वारा हथियार बंद प्रदर्शनों की आशंका जताई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)
अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) ने दक्षिणपंथी उग्रवादी समूहों द्वारा हथियार बंद प्रदर्शनों की आशंका जताई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

Joe Biden inauguration day: छह जनवरी को अमेरिकी संसद भवन कैपिटल पर ट्रंप समर्थकों की भीड़ ने हिंसक धावा बोला था. उसी घटना को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि हिंसक कट्टरपंथी समूह शहर को निशाना बना सकते हैं. जो बाइडन (Joe Biden) अमेरिका के अगले राष्ट्रपति के तौर पर बुधवार, 20 जनवरी को पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 18, 2021, 5:43 PM IST
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वाशिंगटन. अमेरिका (United States of America) में हिंसक प्रदर्शनों की आशंका के मद्देनजर रक्षा अधिकारियों द्वारा और सैनिकों को भेजने की मांग के बाद बड़ी संख्या में सैनिक विभिन्न राज्यों से बसों और विमानों के जरिए शनिवार को राजधानी पहुंचने लगे. सुरक्षा अधिकारियों को आशंका है कि ट्रंप समर्थक, जिन्हें लगता है कि चुनाव में धांधली की वजह से डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) हार गए... नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन के शपथग्रहण समारोह से पहले हिंसा फैला सकते हैं.

हिंसक प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए सेना के अधिकारियों ने दर्जनों राज्यों के गर्वनरों से नेशनल गार्ड के ज्यादा से ज्यादा जवानों को भेजने की अपील की थी, जिससे कि शहर के ज्यादातर हिस्से में शपथ ग्रहण से पहले लॉकडाउन लगाया जा सके. अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) ने दक्षिणपंथी उग्रवादी समूहों द्वारा हथियार बंद प्रदर्शनों की आशंका जताई है. सुरक्षा अधिकारियों की निगाह रविवार पर केंद्रित है, क्योंकि सरकार विरोधी बूगालू (Boogaloo) आंदोलनकारियों ने बाइडन के शपथग्रहण से हफ्ते भर पहले अमेरिका के 50 राज्यों में रैली निकालने की योजना बनाई है.

इलिनोएस के गवर्नर जेबी प्रिट्जकर ने रविवार को ट्विटर पर लिखा, "राजधानी वॉशिंगटन और राज्यों की राजधानियों में हमले के खतरे की आशंका के मद्देनजर मैंने उपलब्ध सभी संसाधनों को नागरिकों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बचाने में झोंक दिया है." प्रिट्जकर ने राज्य पुलिस और नेशनल गॉर्ड को इलिनोएस की राजधानी स्प्रिंगफील्ड की सुरक्षा में सक्रिय रहने को कहा है. ट्रंप ने जिन राज्यों में चुनाव में धांधली का आरोप लगाया था, वहां हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. जॉर्जिया, मिशिगन, टेक्सस, पेंसिलवेनिया और केंटुकी में राज्यों के संसद भवनों को बंद कर दिया गया है.



बता दें कि छह जनवरी को अमेरिकी संसद भवन कैपिटल पर ट्रंप समर्थकों की भीड़ ने हिंसक धावा बोला था. उसी घटना को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि हिंसक कट्टरपंथी समूह शहर को निशाना बना सकते हैं. सशस्त्र घुसपैठियों के आने और विस्फोटक उपकरण लगाने जैसी आशंका भी जताई गई है. वाशिंगटन में अगले हफ्ते की शुरुआत तक 25,000 से अधिक सैनिकों के आने का अनुमान है. लेकिन साथ ही राज्यों के संसद भवनों में हिंसा की आशंका के संबंध में चिंता जताई जा रही है.
अधिकारियों के मुताबिक बीते 72 घंटों में कम से कम 7,000 सैनिक मैरीलैंड में ज्वाइंट बेस एंड्रूज पहुंचे. कई हजार सैनिक बसों और सेना के ट्रकों में सवार हैं और वाशिंगटन आ रहे हैं. सेना संबंधी मामलों के मंत्री रायन मैक्कर्थी ने गर्वनरों से मदद मांगी थी. एफबीआई ने भी सभी राज्यों के संसद भवनों में हिंसक हमलों की आशंका जताई है.



रविवार को हमलों की आशंका के मद्देनजर सभी राज्यों की राजधानियों में हथियारों से लैस सैनिकों को तैनात किया गया है. पूरे अमेरिका के सभी राज्यों के संसद भवनों में भारी भरकम हथियारों से लैस जवानों को तैनात किया गया है. लोकतंत्र के प्रतीक ये भवन वैसे ही लग रहे हैं जैसे कि युद्धग्रस्त देशों में भारी सुरक्षा के बीच अमेरिकी दूतावास होते हैं. गर्वनरों ने आपात स्थिति की घोषणा कर दी है. राज्यों के संसद भवनों को जनता के लिए बंद कर दिया गया है.

ऐसी आशंका है कि प्रदर्शनकारी रविवार से राज्यों के संसद भवनों की ओर आना शुरू कर सकते हैं. जो बाइडन अमेरिका के अगले राष्ट्रपति के तौर पर बुधवार, 20 जनवरी को पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे.
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