US: वाशिंगटन पोस्ट के खिलाफ कश्मीरी पंडितों का प्रदर्शन

भाषा
Updated: September 8, 2019, 12:37 PM IST
US: वाशिंगटन पोस्ट के खिलाफ कश्मीरी पंडितों का प्रदर्शन
कश्मीरी पंडितों ने वाशिंगटन पोस्ट के खिलाफ किया प्रदर्शन

कश्मीरी पंडित (Kashmiri Pandit) डायस्पोरा ने आरोप लगाया कि जम्मू कश्मरी मुद्दे पर वॉशिंगटन पोस्ट’ (Washington Post) एकतरफा और भेदभावपूर्ण खबरें दे रहा है.

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  • Last Updated: September 8, 2019, 12:37 PM IST
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वाशिंगटन. अमेरिका में कश्मीरी पंडितों (Kashmiri Pandit) के एक समूह ने जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) में हाल में हुए घटनाक्रमों की एकतरफा खबरें प्रकाशित करने को लेकर शनिवार को ‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ (Washington Post) के कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया. वहीं समाचार पत्र ने कश्मीर मुद्दे पर अपनी कवरेज को ‘निष्पक्ष, सटीक और व्यापक’ बताया है.

यह प्रदर्शन ग्लोबल कश्मीरी पंडित (Kashmiri Pandit) डायस्पोरा ने किया. डायस्पोरा ने आरोप लगाया कि भारत सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद यह प्रतिष्ठित अमेरिकी दैनिक अखबार एकतरफा और भेदभावपूर्ण खबरें दे रहा है.

ग्लोबल कश्मीरी पंडित डायस्पोरा ने वाशिंगटन पोस्ट को दिए एक ज्ञापन में कहा, ‘आपकी खबरों में जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के साथ ही अनुच्छेद 35ए से हुई कानूनी अराजकता का जिक्र नहीं है.’ अमेरिका के विभिन्न हिस्सों से वाशिंगटन में एकत्रित हुए कश्मीरी पंडितों ने यह ‘साहसी और ऐतिहासिक कदम’ उठाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारे लगाए.

रिपोर्टिंग में सच को नजरअंदाज करने का आरोप

प्रदर्शन के आयोजक ने कहा, ‘वाशिंगटन पोस्ट मीडिया की खबरों में कहीं यह जिक्र नहीं है कि इस अराजक राज्य में आदिकालीन कश्मीरी पंडितों के खिलाफ सबसे जघन्य नरसंहार हुआ जिससे उन्हें निर्वासित होना पड़ा.’ रैली के मुख्य संयोजक मोहन सप्रू ने कहा, ‘‘वॉशिंगटन पोस्ट की पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग में इस सच को नजरअंदाज किया गया कि अनुच्छेद 370 और 35ए के कारण अल्पसंख्यक, महिलाएं और समाज के कमजोर वर्ग के लोग लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित रहे, जबकि कश्मीर घाटी काबू से बाहर भ्रष्टाचार, अलगावववाद की जमीन बन गई.’

वाशिंगटन पोस्ट के समर्थन खालिस्तानी
जिस जगह पर कश्मीरी पंडित प्रदर्शन कर रहे थे वहीं पाकिस्तानी अमेरिकियों, अलगाववादी कश्मीरियों और अलगाववादी खालिस्तानियों के एक समूह ने वाशिंगटन पोस्ट के समर्थन में मूक प्रदर्शन किया. कुछ पाकिस्तानी समर्थक प्रदर्शनकारियों ने भारतीय पत्रकारों को उनके प्रदर्शन को कवर करने से भी रोका.
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भारतीय दूतावास के सामने भी प्रदर्शन
वाशिंगटन पोस्ट की खबरों को न्यायसंगत ठहराते हुए विदेशी खबरों के संपादक डगलस जेह्ल ने कहा, ‘‘कश्मीर में पांच अगस्त से भारत के कदमों को लेकर पोस्ट की खबरें निष्पक्ष, सटीक और व्यापक हैं वो भी ऐसे समय में जब भारत ने सूचना के प्रवाह और महत्वपूर्ण खबरों को कवर करने की कोशिश कर रहे हमारे पत्रकारों की आवाजाही पर रोक लगाकर सख्त प्रतिबंध लागू किए हुए हैं.’’ इस बीच, अमेरिकी मुस्लिमों के एक समूह ने वाशिंगटन में भारतीय दूतावास के सामने प्रदर्शन किए.

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First published: September 8, 2019, 12:37 PM IST
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