चीन पर पलटवार के लिये अमेरिका सहित 8 देशों के सांसदों ने बनाया नया गठबंधन

चीन पर पलटवार के लिये अमेरिका सहित 8 देशों के सांसदों ने बनाया नया गठबंधन
चीन के खिलाफ आठ देशों के सांसदों ने एक गठबंधन बनाया है (चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की फाइल फोटो)

हाल ही में हांगकांग (Hong Kong) में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (National Security Legislation) लागू करने के बीजिंग के कदम की निंदा करने में अमेरिका (America) ने विदेशी सरकारों का नेतृत्व किया था.

  • Share this:
नई दिल्ली. अमेरिका (America) सहित दुनिया भर के आठ लोकतांत्रिक देशों (Democratic Countries) के वरिष्ठ सांसदों ने अंतर संसदीय गठबंधन (Cross Parliamentary Alliance) की शुरुआत की है. इस गठबंधन की शुरुआत चीन के बढ़ते प्रभाव के चलते अंतरराष्ट्रीय व्यापार (International Trade), सुरक्षा और नागरिक अधिकारों (Human Rights) के लिये पैदा होने वाले खतरों पर पलटवार करने के लिये किया गया है.

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, चीन को लेकर बना अंतर संसदीय गठबंधन (Cross Parliamentary Alliance), जिसे शुक्रवार को लॉन्च किया गया, ऐसे समय में बनाया गया है जब अमेरिका, चीन के बढ़ते आर्थिक और कूटनीतिक दबदबे को कम करने के लिये एक गठजोड़ बनाने के मामले में संघर्ष कर रहा है. हाल ही में हांगकांग (Hong Kong) में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (National Security Legislation) लागू करने के बीजिंग के कदम की निंदा करने में अमेरिका ने विदेशी सरकारों का नेतृत्व किया था, इस कानून को शहर की स्वायत्तता के लिए खतरा बताया जा रहा है.

"चीन, कम्युनिस्ट पार्टी के शासन के तहत एक वैश्विक चुनौती की तरह"
इस समूह ने कहा है कि इसका लक्ष्य, "पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चीन से संबंधित मुद्दों पर उचित और समन्वित प्रतिक्रियाओं का निर्माण और इससे जुड़े मुद्दों एक सक्रिय और रणनीतिक दृष्टिकोण बनाना है." अमेरिकी रिपब्लिकन सीनेटर मार्को रुबियो और डेमोक्रेट बॉब मेनेंडेज़, पूर्व जापानी रक्षा मंत्री जनरल नाकाटानी, यूरोपीय संसद की विदेश मामलों की समिति के सदस्य मिरियम लेक्समैन और ब्रिटेन के प्रमुख सांसद इयान डंकन स्मिथ नए लॉन्च किए गए समूह के सभी सह-अध्यक्ष हैं.
बीजिंग के जाने-माने आलोचक और बीजिंग में अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन करने वाले अमेरिकी सांसद रूबियो ने ट्विटर पर एक वीडियो संदेश में कहा, "चीन, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (Chinese Communist Party) के शासन के तहत, एक वैश्विक चुनौती को दिखाता है."



बीजिंग ने जोर देकर कहा- "चीन की बढ़त दुनिया के लिये खतरे की बात नहीं"
बीजिंग ने बार-बार जोर दिया है कि हांगकांग में जो परिस्थितियां हैं, वह उसका आंतरिक मसला हैं. जबकि वह यह भी कहता है कि चीन (China) की बड़े स्तर पर आर्थिक और राजनयिक बढ़त दुनिया के लिये कोई खतरनाक बात नहीं है.

बीजिंग (Beijing) में पिछले शुक्रवार को चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने एक आम प्रेस ब्रीफिंग में कहा था, हमने राजनेताओं के एक छोटे समूह से तथ्यों का सम्मान करने की अपील की है, अंतरराष्ट्रीय संबंधों के आम नियमों का सम्मान करने की, कोल्ड वार की सोच को छोड़ने की, घरेलू मुद्दों में हस्तक्षेप करने और स्वार्थी हितों के लिये राजनीतिक कदम उठाने से बचने की अपील की है."

बता दें कि चीन के खिलाफ बने गठबंधन में अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, स्वीडन, नॉर्वे और इसके अलावा यूरोपीय संसद (European Parliament) के सांसद भी शामिल हैं.

यह भी पढ़ें: अमेरिका के उकसावे में आकर रणनीतिक बढ़त का भ्रम ना पाले भारत-चीनी मीडिया
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading