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आसियान समिट में नहीं पहुंचे ट्रंप तो अमेरिकी बैठक से नदारद रहे एशियाई देशों के नेता

भाषा
Updated: November 4, 2019, 5:37 PM IST
आसियान समिट में नहीं पहुंचे ट्रंप तो अमेरिकी बैठक से नदारद रहे एशियाई देशों के नेता
अमेरिका-आसियान बैठक से नदारद रहे दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के शीर्ष नेता

अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप (American President Donald Trump) आसियान की बैठक में नहीं पहुंचे. इसके बाद एशियाई देशों के नेताओं ने भी अमेरिकी अधिकारियों से दूरी बना ली.

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थाईलैंड. बैंकॉक (Bangkok) में आसियान की बैठक (ASEAN Summit) में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) के नहीं आने के बाद दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के कई नेता सोमवार को अमेरिकी अधिकारियों के साथ बैठक से दूर रहे. दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) के 10 सदस्यीय संघ से केवल तीन राष्ट्राध्यक्ष और कुछ विदेश मंत्री ही बैठक में आए.

आसियान के सप्ताहांत शिखर सम्मेलन में अमेरिकी वाणिज्य मंत्री विल्बर रॉस और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओब्रायन शामिल हुए. ओब्रायन के सोमवार को हुए संबोधन के दौरान कम उपस्थिति के उलट आसियान की पिछली बैठकों में अधिकतर राष्ट्राध्यक्षों ने शिरकत की थी. बैंकाक में एक राजनयिक ने कहा कि जब अमेरिकी प्रतिनिधित्व बराबरी के स्तर पर नहीं है तो आसियान के लिए नेताओं को भेजना भी उचित नहीं.

एक अन्य राजनयिक ने कहा कि यह बहिष्कार नहीं है. बात ये है कि अन्य नेताओं को दूसरी बैठकों में शामिल होना था. ट्रंप की गैरमौजूदगी में उनकी तरफ से ओब्रायन ने राष्ट्रपति का एक पत्र पढ़ा, जिसमें आसियान नेताओं को अगले साल की शुरुआत में विशेष बैठक के लिए अमेरिका आने का आमंत्रण दिया गया. बैठक में थाइलैंड के प्रधानमंत्री के साथ लाओस और वियतनाम के नेता भी शामिल थे.

ऑस्‍ट्रेलिया के प्रधानमंत्री से मिले पीएम मोदी

बता दें कि थाईलैंड दौरे के तीसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को आसियान शिखर सम्‍मेलन में शामिल हुए. आज पीएम मोदी आसियान देशों के नेताओं को संबोधित भी करेंगे. बैंकॉक में पीएम मोदी ने ऑस्‍ट्रेलिन पीएम स्‍कॉट मॉरिसन से मुलाकात की.

प्रधानमंत्री मोदी ने आसियान में स्‍पष्‍ट कीं अपनी चिंताएं
दरअसल, भारत सरकार इस बात को लेकर चिंतित है कि समझौते पर हस्‍ताक्षर करने के बाद देश में चीन के सस्‍ते माल की बाढ़ आ जाएगी. भारत सस्‍ते चीनी माल का डंपिंग ग्राउंड बन सकता है. इससे भारत के छोटे कारोबार को बड़ा नुकसान होने की संभावना है. पीएम मोदी ने रविवार को आसियान देशों के नेताओं से बातचीत के दौरान भारत की चिंताओं के बारे में स्‍पष्‍ट तौर पर बता दिया. उन्‍होंने कहा कि सभी पक्षों को बराबर मार्केट एक्‍सेस मिलना चाहिए.
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First published: November 4, 2019, 5:37 PM IST
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