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स्पेस क्राफ्ट बनाने वाले NASA ने कोरोना मरीज़ों के लिए बना डाला वेंटिलेटर

स्पेस क्राफ्ट बनाने वाले NASA ने कोरोना मरीज़ों के लिए बना डाला वेंटिलेटर

NASA ने कोरोना मरीज़ों के लिए वेंटिलेटर बनाया
Courtesy - CNN

NASA ने कोरोना मरीज़ों के लिए वेंटिलेटर बनाया Courtesy - CNN

नासा (NASA)ने कहा कि, ‘हम आमतौर पर अंतरिक्ष यान (Space Craft) बनाते हैं , न कि मेडिकल डिवाइसेस (Medical Devices), लेकिन हम मदद करना चाहते हैं

    कोरोना के प्रकोप से अमेरिका (America) में कोहराम मचा हुआ है. हर दिन तकरीबन दो हज़ार लोगों की जानें जा रही हैं. अस्पतालों में आईसीयू बेड्स और वेंटिलेटर (Ventilator) कम पड़ चुके हैं. कोरोना मरीज़ों की भीड़ की सुनामी का आना जारी है. ऐसे में अंतरिक्षयान (Space Craft) बनाने वाली अमेरिका की स्पेस एजेंसी NASA ने कोरोना मरीजों के इलाज के लिए मदद का हाथ बढ़ाते हुए एक वेंटिलेटर ही तैयार कर दिया.

    नासा के इंजीनियरों की स्मार्ट टीम ने केवल 37 दिनों में हाई-प्रेशर वेंटिलेटर प्रोटोटाइप बनाकर तैयार कर दिया है. इस वेंटिलेटर को VITAL यानी वेंटिलेटर इंटरवेंशन टेक्नॉलोजी एक्सेसिबल लोकली नाम दिया गया है.

    नासा ने इसी हफ्ते न्यूयॉर्क के इकैन स्कूल ऑफ मेडिसिन में इसका क्लीनिकल परीक्षण किया. वेंटिलेटर की अस्पताल में सफल टेस्टिंग के बाद नासा को इसके फास्ट ट्रैक अप्रूवल का इंतज़ार है ताकि कोरोना संक्रमित मरीज़ों के इलाज में जल्द से जल्द इसका इस्तेमाल किया जा सके.



    नासा ने ट्वीट कर बताया कि, ‘हम आमतौर पर अंतरिक्ष यान बनाते हैं , न कि मेडिकल डिवाइसेस, लेकिन हम मदद करना चाहते हैं. कोविड 19 महामारी में हमने एक हाई प्रेशर वाला प्रोटोटाइप वेंटिलेटर तैयार किया है जिसका नाम वाइटल रखा है. 37 दिनों में हमने इसे डिज़ाइन करने के बाद न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई हॉस्पिटल में टेस्ट किया. अब अमेरिका की फूड एंड ड्रग अथॉरिटी इसका आंकलन करेगी.’

    नासा की जेट प्रॉपल्शन लैब के डायरेक्टर माइकल वॉटकिन्स ने बताया कि हम स्पेस क्राफ्ट बनाने में माहिर हैं न कि मेडिकल उपकरणों के, लेकिन हमारे पास बेहतरीन इंजीनियरिंग टीम है जो कि वैज्ञानिकों और चिकित्सकों की भी मदद कर सकती है.

    ये प्रोटोटाइप वेंटिलेटर उन मरीज़ों के लिए तैयार किया गया है जिनमें संक्रमण के कुछ लक्षण सामने आते हैं. ये वेंटिलेटर करोना मरीज़ों को गंभीर स्थिति में जाने से रोकने का काम करेगा. नासा की इंजीनियर टीम को ये भरोसा है कि उसके वेंटिलेटर न सिर्फ अमेरिका बल्कि दुनिया में भी कोरोना मरीज़ों की जान बचाने के काम आएंगे.

    केवल 37 दिनों में ही न सिर्फ वेंटिलेटर की डिज़ाइन बल्कि डिवाइस तक तैयार करके कामयाब टेस्ट कर लिया गया जो साबित करता है कि नासा की कामयाबी का आसमान बहुत बड़ा है.

    कोरोनावायरस मरीजों के लिए वेंटिलेटर सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल उपकरण बन कर उभरे हैं. यही वजह है कि दुनियाभर के देशों में वेंटिलेटर के आयात के साथ स्वदेशी निर्माण भी तेजी से हो रहा है. इज़राइल में तो बाकायदा तेल अवीव में मिसाइल बनाने वाले कारखाने के एक हिस्से में वेंटिलेटर बनाने का काम हो रहा है. इसी तरह ब्रिटेन की बीएमडब्लू कार भी वेंटिलेटर बनाने में जुट गई है. ऐसे में अंतरिक्ष में इंसान भेजने से पहले धरती पर इंसानों को बचाने के लिए नासा ने नए मिशन को अंजाम दिया है.

    Tags: Corona Virus

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